NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश: 2 माह में आठ पत्रकारों पर एफआईआर, माकपा ने इसे सेंसरशिप से भी ज़्यादा ख़तरनाक बताया
"पिछले 2 माह में प्रदेश में आठ पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन पत्रकारों का गुनाह सिर्फ इतना था कि इन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार या सरकार के खिलाफ सच्ची खबरों को जनता के सामने लाने का साहस किया था।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2021
मध्य प्रदेश: 2 माह में आठ पत्रकारों पर एफआईआर,
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश पिछले कुछ समय में कई पत्रकारों के ख़िलाफ़ ख़बर लिखने के मामलों में मुक़दमे दर्ज किए गए हैं।  इसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं और इस पर विपक्षी दल का मानना है कि "मध्यप्रदेश में तानाशाही जिस प्रकार दबे पांव आ रही है और एक के बाद एक जनतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दमन हो रहा है, वह खतरनाक है और यदि अभी भी सामूहिक प्रतिरोध नहीं हुआ तो परिणाम घातक हो सकते हैं।"

 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले 2 माह में प्रदेश में आठ पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन पत्रकारों का गुनाह सिर्फ इतना था कि इन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार या सरकार के खिलाफ सच्ची खबरों को जनता के सामने लाने का साहस किया था।

घटनाओं की जानकारी देते हुए माकपा नेता ने कहा है कि 19 अप्रैल को खंडवा कलेक्टर ने स्थानीय दैनिक भास्कर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई क्योंकि भास्कर ने उसी दिन खबर छापी थी जिसमें ऑक्सीजन और बैड की कमी व मरीजों की बदहाली का उल्लेख किया था। इसके दस दिन बाद 29 अप्रैल को गुना में इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई क्योंकि उन्होंने अपने कार्यक्रम में मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की आलोचना की थी। इसी दिन अशोकनगर में नेटवर्क 18 के पत्रकार समीर द्विवेदी पर कोविड से संबंधित खबर चलाने के अपराध में सिविल सर्जन की ओर से एफआइआर दर्ज करवाई गई।

माकपा नेता ने कहा है कि यह सिलसिला यही नहीं थमा है, बल्कि इस दौरान पत्रकार तनवीर वारसी के खिलाफ राजगढ़ में, राजेश चौरसिया के खिलाफ छतरपुर, महफूज खान के खिलाफ शहडोल और शुभम श्रीवास्तव के खिलाफ सागर मेंं एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं क्योंकि उन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार को उजागर कर पत्रकारिता धर्म निभाने का साहस किया था।

जसविंदर सिंह के अनुसार हाल ही में 12 जून को सागर में ही पत्रकार पंकज सोनी पर घोटाले की खबर चलाने के अपराध में इंजीनियर की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि मीडिया पर इतना भीषण हमला आपातकाल के बाद पहली बार देखने को मिला है। माकपा ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जनतांत्रिक सोच वाले व्यक्तियों को सामूहिक रूप से सरकार की इस तानाशाही हरकतों का विरोध करने का आह्वान किया है। 

इसे भी पढ़े :  एमपी: कोविड-19 कुप्रबंधन, दलित उत्पीड़न की ‘रिपोर्टिंग’ के लिए 6 पत्रकारों पर मामला दर्ज 

Journalist Arrested
FIR against journalists
Vinod Dua Sedition Case
LS Hardiniya
Sedition Charge Against Journalist
freedom of speech
freedom of expression
Madhya Pradesh
MP Government
CPIM

Related Stories

नर्मदा के पानी से कैंसर का ख़तरा, लिवर और किडनी पर गंभीर दुष्प्रभाव: रिपोर्ट

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License