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भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश: 2 माह में आठ पत्रकारों पर एफआईआर, माकपा ने इसे सेंसरशिप से भी ज़्यादा ख़तरनाक बताया
"पिछले 2 माह में प्रदेश में आठ पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन पत्रकारों का गुनाह सिर्फ इतना था कि इन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार या सरकार के खिलाफ सच्ची खबरों को जनता के सामने लाने का साहस किया था।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2021
मध्य प्रदेश: 2 माह में आठ पत्रकारों पर एफआईआर,
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश पिछले कुछ समय में कई पत्रकारों के ख़िलाफ़ ख़बर लिखने के मामलों में मुक़दमे दर्ज किए गए हैं।  इसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं और इस पर विपक्षी दल का मानना है कि "मध्यप्रदेश में तानाशाही जिस प्रकार दबे पांव आ रही है और एक के बाद एक जनतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दमन हो रहा है, वह खतरनाक है और यदि अभी भी सामूहिक प्रतिरोध नहीं हुआ तो परिणाम घातक हो सकते हैं।"

 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले 2 माह में प्रदेश में आठ पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन पत्रकारों का गुनाह सिर्फ इतना था कि इन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार या सरकार के खिलाफ सच्ची खबरों को जनता के सामने लाने का साहस किया था।

घटनाओं की जानकारी देते हुए माकपा नेता ने कहा है कि 19 अप्रैल को खंडवा कलेक्टर ने स्थानीय दैनिक भास्कर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई क्योंकि भास्कर ने उसी दिन खबर छापी थी जिसमें ऑक्सीजन और बैड की कमी व मरीजों की बदहाली का उल्लेख किया था। इसके दस दिन बाद 29 अप्रैल को गुना में इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई क्योंकि उन्होंने अपने कार्यक्रम में मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की आलोचना की थी। इसी दिन अशोकनगर में नेटवर्क 18 के पत्रकार समीर द्विवेदी पर कोविड से संबंधित खबर चलाने के अपराध में सिविल सर्जन की ओर से एफआइआर दर्ज करवाई गई।

माकपा नेता ने कहा है कि यह सिलसिला यही नहीं थमा है, बल्कि इस दौरान पत्रकार तनवीर वारसी के खिलाफ राजगढ़ में, राजेश चौरसिया के खिलाफ छतरपुर, महफूज खान के खिलाफ शहडोल और शुभम श्रीवास्तव के खिलाफ सागर मेंं एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं क्योंकि उन्होंने प्रशासनिक भ्रष्टाचार को उजागर कर पत्रकारिता धर्म निभाने का साहस किया था।

जसविंदर सिंह के अनुसार हाल ही में 12 जून को सागर में ही पत्रकार पंकज सोनी पर घोटाले की खबर चलाने के अपराध में इंजीनियर की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि मीडिया पर इतना भीषण हमला आपातकाल के बाद पहली बार देखने को मिला है। माकपा ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जनतांत्रिक सोच वाले व्यक्तियों को सामूहिक रूप से सरकार की इस तानाशाही हरकतों का विरोध करने का आह्वान किया है। 

इसे भी पढ़े :  एमपी: कोविड-19 कुप्रबंधन, दलित उत्पीड़न की ‘रिपोर्टिंग’ के लिए 6 पत्रकारों पर मामला दर्ज 

Journalist Arrested
FIR against journalists
Vinod Dua Sedition Case
LS Hardiniya
Sedition Charge Against Journalist
freedom of speech
freedom of expression
Madhya Pradesh
MP Government
CPIM

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