NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है, बल्कि आम नागरिकों के जनतांत्रिक अधिकारों का भी हनन कर रही है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Mar 2022
Asha Usha workers

मध्य प्रदेश भर से आशा कार्यकर्ताओं को ₹10000 महीने और आशा सहयोगिनी को ₹15000 वेतन देने की मांग को लेकर  सोमवार को विधानसभा का घेराव करने का आव्हान किया था। परन्तु पुलिस ने इन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी और सुबह से ही यूनियन के नेताओं की गिरफ़्तारी शुरू  कर दी। जिसको लेकर विपक्षी दल और यूनियन बीजेपी सरकार पर हमलावर है। इन सबके बाद भी प्रदेश से सैकड़ों आशा-ऊषा कार्यकर्ता भोपाल में जुटीं। हालांकि, बहुतों  को शहर में पहुंचने से पहले ही बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) में रोक लिया गया।  

इन कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन शाहजहांनी पार्क में होना था परन्तु अनुमति नहीं मिलने के कारण आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। पुलिस ने पार्क में किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को हटा दिया।

जबकि सोमवार सुबह भारी पुलिस बल ने कथित तौर पर बिना सर्च वारंट के भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मर्क्सवादी) यानी माकपा के प्रदेश कार्यालय बीटीआर भवन में घुस कर माकपा के राज्य समिति के वरिष्ठ सदस्य और आशा उषा कर्मियों के प्रदेश अध्यक्ष  ए टी पद्मनाभन क़ो गिरफ्तार कर लिया। पुलिस बल यहीं नहीं रुका, उन्होंने माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य और सीटू के प्रदेश अध्यक्ष रामविलास गोस्वामी से मोबाइल छीन कर उनके बहुत सारे फोटो और दस्तावेज डिलीट कर दिए।

image

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है, बल्कि आम नागरिकों के जनतांत्रिक अधिकारों का भी हनन कर रही है। आशा ऊषा कर्मियों को प्रदर्शन के लिए अनुमति न देना और उनके नेता श्री ए टी पद्मनाभन को बिना किसी कारण और वारंट के बार बार गिरफ्तार करना भाजपा सरकार की जनविरोधी मानसिकता को ही उजागर करता है। शिवराज सिंह अपने आपको प्रदेश की महिलाओं का भाई बताते हैं लेकिन दुनिया भर में मनाये जाने वाले अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने की भोपाल मे अनुमति नहीं दी गई है।"

माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा है कि जब विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, प्रदेश का हर नागरिक चाहता है कि उसकी भावनाओं की अभिव्यक्ति विधानसभा सभा में हो, तब यह गिरफ्तारी और भी निंदनीय है।

माकपा ने अपनी समस्त इकाइयों से तत्काल विरोध कार्यवाहियाँ आयोजित करने का आव्हान किया है।  

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट करके सरकार से इन कार्यकर्तओं से न्याय करने को कहा। उन्होंने लिखा, "मैं शिवराज सरकार से माँग करता हूँ कि इन बहनों ने कोरोना के भीषण संकट काल में भी अपनी सेवाएँ दी है, इनकी मांगों पर तत्काल सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेकर इनके साथ न्याय किया जाए।"

इसके साथ ही उन्होंने लगातर कई ट्वीट किए और इन कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर सरकार की आलोचना की। 

मैं शिवराज सरकार से माँग करता हूँ कि इन बहनो ने कोरोना के भीषण संकट काल में भी अपनी सेवाएँ दी है , इनकी माँगो पर तत्काल सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेकर इनके साथ न्याय किया जावे।

— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) March 7, 2022

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मध्य प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई को तानाशाही पूर्ण फासीवादी बताया और इन तरीकों की भर्त्सना की।

जनवादी महिला समिति की केंद्रीय कमेटी सदस्य संध्या शैली और प्रदेश अध्यक्ष नीना शर्मा ने प्रदेश सरकार की इस कार्यवाही को असंवैधानिक करार देते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने मांग की है कि गिरफ्तार किये गये ए टी पद्मनाभन समेत सभी नेताओं को तुरंत रिहा किया जाये।

Madhya Pradesh
usha workers
asha wokers
Asha-Usha workers
workers protest
MP police
kamalnath
Congress
BJP
Shivraj Singh Chouhan

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License