NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया
मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले से आई शर्मनाक तस्वीरों में पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा कर दिया क्योंकि उन्होंने विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर चलाई थी। साथ ही पुलिस ने पत्रकारों को धमकी भी दी है।
मुकुंद झा
07 Apr 2022
journalists

आज गुरुवार मध्य प्रदेश के सीधी जिले से बेहद ही शर्मनाक तस्वीर आई है जिसमें पत्रकारों को नंगा करके थाने में खड़ा किया गया। पुलिस ने इन्हें थाने में सिर्फ़ अंडरवियर पहनाए रखा। इसके अलावा ये भी आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर ये तस्वीर वायरल कराई जिससे इन पत्रकारों की समाज में बदनामी हो। आरोप है कि इनके साथ ऐसा व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि इन्होंने बीजेपी के विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी।

इन पत्रकारों में एक की पहचान कनिष्क तिवारी के तौर पर हुई जिनके बघेली यूट्यूब चैनल पर सवा लाख सब्सक्राइबर हैं। साथ ही उनके समाचार चैनल न्यूज़ नेशन से जुड़े होने का भी दावा किया जा रहा है, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित शिकायत भी दर्ज करा दी है।

image

image

कनिष्क ने स्थानीय समाचार पत्र पंजाब केसरी मध्य प्रदेश छतीसगढ़ से बातचीत की और पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा पुलिस ने उनसे कहा कि अगर पुलिस और विधायक जी के खिलाफ खबर चलाई, तो अगली बार नंगा करके पूरे शहर में घुमाएंगे!

सुनिए उन्होंने क्या कहा

ये एक गंभीर सवाल है कि कल 6 अप्रैल को ही देश में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ दिल्ली में कई पत्रकार संगठन एकजुट हुए थे और अपनी आवाज बुलंद की थी। परन्तु वर्तमान सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर इसका कोई असर नहीं दिखा और अभी भी वो पूरी बेशर्मी से लोकतंत्र के प्रहरियों हमले कर रही है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस और मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार की खूब आलोचना हो रही है।

छत्तीसगढ़ में पत्रकार रितेश मिश्रा ने इस घटना के फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा, "ये मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले के YouTubers हैं। पता नहीं कौन सा अपराध है इनका लेकिन कोई भी अपराध इतना गंभीर नहीं हो सकता इनके द्वारा की थाने में इन्हें ऐसे खड़ा कर दिया जाय। ये मानवाधिकार औरमानव गरिमा का खुला मज़ाक है , कोई गलत है या आरोपी है तो भी ऐसा नहीं होना चाहिए।"

ये मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले के YouTubers हैं
पता नहीं कौन सा अपराध है इनका
लेकिन कोई भी अपराध इतना गंभीर नहीं हो सकता इनके द्वारा की थाने में इन्हें ऐसे खड़ा कर दिया जाय

ये human rights और human dignity का खुला मज़ाक है
कोई गलत है या आरोपी है
तो भी ऐसा नहीं होना चाहिए pic.twitter.com/ZXKqrdv8Nv

— Ritesh Mishra (@riteshmishraht) April 7, 2022

वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश पाठक ने भी ट्वीट कर लिखा कि "बताया गया है कि पत्रकारों ने बीजेपी एमएलए केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ ख़बरें चलाई थीं जिससे वे नाराज़ थे। उनके कहने पर सीधी पुलिस ने कनिष्क और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि ये लोग फर्जी आईडी से बीजेपी सरकार और विधायकों के खिलाफ लिखते और ख़बरें दिखाते हैं।"

२) बताया गया है कि पत्रकारों ने BJP MLA केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ ख़बरें चलाई थीं जिससे वे नाराज़ थे। उनके कहने पर सीधी पुलिस ने कनिष्क और उनके साथियों के खिलाफ FIRदर्ज कर ली है।पुलिस का कहना है कि ये लोग फर्जी आईडी से भाजपा सरकार और विधायकों के खिलाफ लिखते और ख़बरें दिखाते हैं।

— Dr.Rakesh Pathak डॉ. राकेश पाठक راکیش (@DrRakeshPathak7) April 7, 2022

इसी तरह राजनेता भी इस घटना की आलोचना कर रहे है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री निवास ने लिखा कि तस्वीर मध्यप्रदेश के सीधी पुलिस थाने की है, अर्धनग्न खड़े युवा स्थानीय पत्रकार है। इनका गुनाह है कि BJP MLA के खिलाफ खबर चलाने की हिमाकत इन्होंने की थी.."

तस्वीर मध्यप्रदेश के सीधी पुलिस थाने की है,
अर्धनग्न खड़े युवा स्थानीय पत्रकार है

इनका गुनाह है कि BJP MLA के खिलाफ खबर चलाने की हिमाकत इन्होंने की थी.. pic.twitter.com/b7oNpiiRYp

— Srinivas BV (@srinivasiyc) April 7, 2022

इसी तरह कांग्रेस के माइनॉरिटी विंग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा "नये भारत के मध्य वाले प्रदेश में पत्रकारों की स्थिति"

मध्यप्रदेश में एक के बाद एक करके घट रही घटनाएं साफ़ उदाहरण है कि प्रदेश सरकार संविधान, लोकतंत्र और मानवीय गरिमा सब कुछ को अंगूठा दिखाकर शुद्ध तानाशाही का राज कायम करना चाहती है।

वामपंथी पार्टी भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) यानी माकपा की राज्य कमेटी ने इस घटना पर निंदा करते हुए बयाना जारी किया।

माकपा ने कहा कि भृष्ट और अशिष्ट आचरण के लिए चर्चित सत्ता पार्टी के विधायक के कहने पर सीधी जिले में पहले नाट्यकर्मियों और अब स्थानीय पत्रकारों की गिरफ्तारी किया जाना और थाने में उन्हें नंगा करके जलील करने की शर्मनाक हरकत करना भाजपा की हताशा का प्रतीक है।

"इसी तरह सागर विश्वविद्यालय की प्रावीण्य सूची में आने वाली छात्रा के किसी खाली कमरे में नमाज़ पढ़ने को लेकर खड़े किये जा रहे तूमार के बहाने सत्ता पार्टी से जुड़े नफरती गिरोह इस केंद्रीय विश्वविद्यालय के वातावरण को भी दूषित करने पर आमादा हैं। एक छात्रा की निजता का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने के दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की बजाय उसे ही प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ जनजातियों के लिए बने अमरकंटक के आदिवासी केंद्रीय विश्वविद्यालय में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के नाम पर यही गिरोह अपना अजेंडा आगे बढ़ाने के काम में लगा है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी इन हरकतों का विरोध करती है। इन पर तत्काल रोक लगाए जाने के लिए जरूरी कदम उठाये जाने की मांग करती है।"

वरिष्ठ पत्रकार आवेश तिवारी ने अपने फेसबुक पर लिखा कि यह नया भारत है। "यह लोग जो थाने में अर्धनग्न अवस्था में खड़े हैं यह सब पत्रकार हैं। इनमे सबसे बॉएँ खड़े दाढ़ी वाले भाई कनिष्क तिवारी के यूट्यूब चैनल के सवा लाख सब्सक्राइबर हैं। अब इन्होंने गलती यह कर दी कि पहले मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में भाजपा के ही विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ खबर लिख दी थी और अब शुक्ला के कहने पर सीधी पुलिस ने कनिष्क और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। जब कनिष्क और उनके साथियों ने पुलिस से पूछा कि हमारा कुसूर क्या है तो उनसे कहा गया कि फर्जी आईडी से आप लोग भाजपा सरकार और विद्यायकों के खिलाफ लिखते हैं।"

किसी भी लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता की अहम भूमिका होती है परन्तु बीते कुछ सालों में भारत में पत्रकारिता अपने सबसे मुश्किल समय से गुजर रही है। अभी हाल ही में बलिया में पत्रकारों पर पेपर लीक की खबर चलाने के बाद उन्हें ही दोषी बताकर जेल में बंद कर दिया गया। इसी तरह दिल्ली में हुए हिन्दू महापंचायत में पत्रकारों को उनके धार्मिक पहचान और काम से रोकने के लिए हमला किया गया। प्रेस की आजादी के मामले में भारत 142वें नंबर पर है। इसी तरह केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को पिछले कई महीनों से यूपी सरकार ने जेल में बंद कर रखा है उनका कसूर यह था कि वो प्रदेश में हुए जघन्य रेप केस हाथरस कांड को कवर करने जा रहे थे। और कश्मीर में भी कई पत्रकारों पर उनके काम से रोकने के लिए कई बार हमला किया गया है।

Madhya Pradesh
Journalists
MP journalists
BJP
Shivraj Singh Chouhan
Bjp Mla

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: खेत व ग्रामीण मज़दूर संगठनों का संयुक्त राज्यस्तरीय कन्वेंशन, केरल की तर्ज पर केंद्रीय क़ानून बनाने की मांग
    30 Dec 2021
    कन्वेंशन में मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री और विधायकों-सांसदों को सौंपने, 1 से 15 जनवरी तक ज़िलों में संयुक्त बैठकें आयोजित करने, 27 जनवरी को ज़िला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन करने और 23-24…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License