NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!
इस पूरे मामले में कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी खुद सवालों के घेरे में हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक पुलिसकर्मी पर बकायदा शोषण का आरोप भी लगाया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Nov 2021
maharastra police

महाराष्ट्र से आए दिन दिल दहलाने वली हत्या, बलात्कार की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। मामला नागपुर में नाबालिग से दो घंटे में दो बार दुष्कर्म का हो या ठाणे में पांच साल की मासूम का रेप सभी घटनाएं कानून व्यवस्था पर तमाम सवाल खड़े करती हैं। अब बीड जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ 6 महीने के भीतर 400 लोगों द्वारा दुष्कर्म का कथित वाक्या सामने आया है। इस पूरे मामले में कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी खुद सवालों के घेरे में हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक पुलिसकर्मी पर बकायदा शोषण का आरोप भी लगाया है।

बता दें कि बीड की इस घटना से पहले हालही में डोंबिवली में कुछ सप्ताह पहले 33 लड़कों ने एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद ठाणे जिले में सामूहिक बलात्कार की हैरान करने वाली घटना साममने आई थी तब लोगों का सड़क पर गुस्सा भी देखने को मिला था। अब एक बार फिर बीड की घटना ने एक बीर फिर ठाकरे सरकार की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैँ।

क्या है पूरा मामला?

बलात्कार के इस नए मामले में लोकमत में छपी रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी मां का दो साल पहले निधन हो गया था। करीब आठ महीने पहले उसके पिता ने उसकी शादी करवा दी थी। ससुरालवाले उसे पीटते थे, उसके साथ गलत व्यवहार करते थे। ऐसे में वो वहां से भागकर अपने पिता के पास लौट गई। लेकिन पिता ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद वो वह बीड ज़िले के अंबाजोगई में एक बस स्टैंड पर भीख मांगने लगी।

यहां पर दो लोगों ने उसे नौकरी दिलाने का वादा किया और नौकरी के नाम पर उसका रेप किया। इसके बाद छह महीने तक 400 अलग-अलग लोगों ने उसका रेप किया। अभी पीड़िता दो महीने की गर्भवती है।

पीड़िता ने बाल कल्याण समिति के फ़र्स्ट-क्लास मजिस्ट्रेट को बताया, "मेरे साथ कई लोगों ने दुर्व्यवहार किया है। मैं शिकायत दर्ज करने के लिए कई बार अंबाजोगई पुलिस स्टेशन गई, लेकिन पुलिस अक्सर मेरा पीछा करती थी। मेरी बात सुनने के बाद भी दोषियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुझे एक पुलिस कर्मचारी ने प्रताड़ित भी किया है।”

इस मामले में लड़की के पिता और रिश्तेदारों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी रेप के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

पुलिस का क्या कहना है?

बीड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजा रामसामी ने मीडिया बताया कि पीड़िता विवाहित है और दो महीने की गर्भवती है। उसकी शिकायत के आधार पर बाल विवाह अधिनियाम, दुष्कर्म, उत्पीड़न और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसपी के अनुसार पीड़िता के साथ कथित तौर पर पिछले छह महीने में 400 लोगों ने दुष्कर्म किया और कुछ पुलिस कर्मियों ने भी उसका शारीरिक शोषण किया था। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

क़ानून व्यवस्था का बुरा हाल

यूं तो सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश की स्थिति यही है। निर्भया कांड के बाद जनता के फूटे गुस्से के चलते भारतीय दण्ड संहिता में हुए महत्वपूर्ण बदलाव के बावजूद देश में बलात्कार के मामलों में कोई कमी नहीं आई है। आज भी परिस्थिति ज्यों कि त्यों हैं। राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो के 2019 की रिपोर्ट के अनुसार देश में हर रोज़ 88 बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं। अगर और ध्यान से इन आंकड़ों को देखें तो पता चलेगा कि स्थिति इतनी भयावह है कि 88 महिलाओं में से 14 नाबालिग लड़कियां होती हैं। बलात्कार के मामलों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान के बाद, दूसरे नंबर पर है, जहाँ हर रोज़ करीबन17महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएँ सामने आती हैं।

यह सिर्फ इसी मामले की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे देश की स्थिति दिखाने वाले आधिकारिक आंकड़े हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है लेकिन जब मामले दर्ज होते हैं तो अदालतों में उन पर सुनवाई पूरी होने में सालों लग जाते हैं और उसके बाद भी बहुत ही कम मामलों में जुर्म साबित होता है और मुजरिम को सजा होती है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोज कम से कम 88 बलात्कार के मामले दर्ज होते हैं लेकिन इनमें अपराध सिद्धि यानी कन्विक्शन की दर सिर्फ 27.8 प्रतिशत है।

यानी हर 100 मामलों में से सिर्फ करीब 28 मामलों में अपराध सिद्ध हो पाता है और दोषी को सजा हो पाती है। इस मामले में सबूत पर्याप्त जुटाए गए हैं या नहीं और पुलिस की जांच विश्वसनीय है या नहीं यह तो बाद में ही पता चल पाएगा, क्योंकि अभी इस मामले का अंत नहीं हुआ है। न ही अंत हुआ है महिलाओं के खिलाफ शासन-प्रशासन के लापरवाही भरे रवैये का, जो पीड़ित को शारीरिक के साथ साथ मानसिक कष्ट भी देती है।

Maharashtra
maharastra Police
rape case
minor girl raped
crimes against women
violence against women
Women safety and security

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License