NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र : एएसआई ने औरंगज़ेब के मक़बरे को पांच दिन के लिए बंद किया
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रवक्ता गजानन काले ने मंगलवार को कहा था कि औरंगजेब के मकबरे की कोई जरूरत नहीं है और उसे ज़मींदोज़ कर दिया जाना चाहिए, ताकि लोग वहां न जाएं। इसके बाद, औरंगाबाद के खुल्दाबाद इलाके की एक मस्जिद समिति ने मकबरे में ताला लगाने की कोशिश की थी।
भाषा
19 May 2022
 Aurangzeb tomb
Image courtesy : Deccan Herald

औरंगाबाद: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने औरंगाबाद में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे को पांच दिन के लिए बंद कर दिया है। स्थानीय मस्जिद समिति के उसे ताला लगाने की कोशिश करने के बाद एएसआई ने यह कदम उठाया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रवक्ता गजानन काले ने मंगलवार को कहा था कि औरंगजेब के मकबरे की कोई जरूरत नहीं है और उसे ज़मींदोज़ कर दिया जाना चाहिए, ताकि लोग वहां न जाएं। इसके बाद, औरंगाबाद के खुल्दाबाद इलाके की एक मस्जिद समिति ने मकबरे में ताला लगाने की कोशिश की थी। मकबरा खुल्दाबाद इलाके में ही है।

इस पूरे प्रकरण के बाद एएसआई ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी थी।

एएसआई के औरंगाबाद क्षेत्र के अधीक्षक मिलन कुमार चौले ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ पहले, मस्जिद समिति ने मकबरे को ताला लगाने की कोशिश की थी, लेकिन हमने उसे खोल दिया था। हालांकि, बुधवार को हमने उसे अगले पांच दिन के लिए बंद करने का फैसला किया।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘ हम स्थिति का आकलन करेंगे और फिर फैसला करेंगे कि उसे खोलना है या अगले और पांच दिन के लिए बंद रखना है।’’

गौरतलब है कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी इस महीने की शुरुआत में औरंगजेब के मकबरे पर गए थे, उनके इस कदम की महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के साथ-साथ राज ठाकरे नीत मनसे ने भी आलोचना की थी।

ओवैसी के मकबरे पर जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने संदेह व्यक्त किया था कि क्या वह ऐसा करके महाराष्ट्र के शांतिपूर्ण प्रशासन में खलल उत्पन्न करना चाहते हैं।

Maharashtra
Aurangzeb tomb

Related Stories

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महाराष्ट्र में गन्ने की बम्पर फसल, बावजूद किसान ने कुप्रबंधन के चलते खुदकुशी की

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

अब राज ठाकरे के जरिये ‘लाउडस्पीकर’ की राजनीति

महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

महाराष्ट्र सरकार पर ख़तरे के बादल? क्यों बाग़ी मूड में नज़र आ रहे हैं कांग्रेस के 25 विधायक

हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा

लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?


बाकी खबरें

  • Environment
    टिकेंदर सिंह पंवार
    कॉर्पोरेट के फ़ायदे के लिए पर्यावरण को बर्बाद कर रही है सरकार
    31 Jan 2022
    कई परियोजनाओं को बहुत तेज़ी से पर्यावरण मंज़ूरी दी जा रही है।
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो
    30 Jan 2022
    लोककवि रसूल मियां (1872-1952), गांव- जिगना मजार टोला, जिला- गोपालगंज, बिहार। कविता कोश के परिचय के अनुसार भोजपुरी के शेक्सपियर नाम से चर्चित भिखारी ठाकुर, नाच या नौटंकी की जिस परम्परा के लोक कलाकार…
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक टीम
    महात्मा गाँधी, सावरकर और गोडसे
    30 Jan 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार अशोक पांडे से। 30 जनवरी को गाँधी जी की हत्या कर दी गयी थी। ये दोनों गाँधी, सावरकर और गोडसे के बारे में चर्चा करते हैं और…
  • Buddhadev
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: बुद्धदेब बाबू को पद्मभूषण क्यों? पेगासस पर फंस गई सरकार और अन्य
    30 Jan 2022
    'ख़बरों के आगे-पीछे' के इस अंश में बीते हफ़्ते ख़बरों की दुनिया में क्या कुछ हुआ, इस पर राय रख रहे हैं अनिल जैन।
  • liquor
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: शराब भली चीज है, जी भर के पीजिए!
    30 Jan 2022
    शराब जब वोट डालने से एक दो दिन पहले पिलाई जाये तो वह वोटर पटाने के लिए होती है पर जब उसका बंदोबस्त पूरे पांच साल के लिए किया जाये तो वह शराब और शराबियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ही होता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License