NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया
देशमुख ने त्यागपत्र में लिखा, ‘‘अदालत के आदेश के बाद मेरे पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मैंने पद छोड़ने का निर्णय किया है। कृपया मुझे मेरे पद से कार्यमुक्त करें।’’
भाषा
05 Apr 2021
सीबीआई जांच के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया

मुंबई: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के वसूली संबंधी आरोपों पर उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच का आदेश दिए जाने के बाद सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता नवाब मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

देशमुख ने भी त्यागपत्र की एक प्रति ट्वीट की जिसमें उन्होंने कहा कि अधिवक्ता जयश्री पाटिल की याचिका पर उच्च न्यायालय ने आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया है।

उन्होंने त्यागपत्र में लिखा, ‘‘अदालत के आदेश के बाद मेरे पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मैंने पद छोड़ने का निर्णय किया है। कृपया मुझे मेरे पद से कार्यमुक्त करें।’’

मलिक ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद देशमुख ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकत की और त्यागपत्र देने की इच्छा व्यक्त की क्योंकि उन्हें लगा कि सीबीआई जांच के आदेश के बाद पद पर बने रहना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘देशमुख पद छोड़ने के लिए पवार से ‘हरी झंडी’ मिलने के बाद ठाकरे को इस्तीफा सौंपने गए।’’

मलिक ने कहा कि सिंह के आरोप निराधार हैं, लेकिन पार्टी अदालत का सम्मान करती है और इसलिए देशमुख पद छोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी।

मलिक ने कहा, ‘‘राज्य सरकार आरोपों पर पहले ही एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराए जाने का आदेश दे चुकी है लेकिन हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और अदालत के आदेश के बाद, देशमुख ने स्वयं कहा कि वह पद पर नहीं बने रहना चाहते।’’

उन्होंने कहा कि देशमुख के इस्तीफे के बाद गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा जो महा विकास अघाडी के घटक दलों से विमर्श करने के बाद निर्णय करेंगे कि राज्य का नया गृह मंत्री कौन होगा।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि राकांपा नेता एवं मंत्री दिलीप वलसे पाटिल को गृह विभाग दिया जा सकता है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि देशमुख ने त्यागपत्र दे दिया है और सीबीआई जांच में कई ‘‘चौंकाने वाले’’ खुलासे होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जो गलतियां करते हैं, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए, अन्यथा लोकतंत्र में मजबूती नहीं आएगी। सीबीआई की प्रारंभिक जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे।’’

सिंह ने गत 25 मार्च को देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए आपराधिक जनहित याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को बार और रेस्तराओं से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्त और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि यह “असाधारण’’ और “अभूतपूर्व’’ मामला है जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर पूरी करने और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेने का निर्देश दिया।

उच्च न्यायालय तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। इनमें एक याचिका खुद सिंह ने जबकि दूसरी याचिका शहर की वकील जयश्री पाटिल और तीसरी याचिका शिक्षक मोहन भिडे ने दायर की थी जिनमें अलग-अलग कदम उठाने का अनुरोध किया गया।

पीठ ने तीनों याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।

Maharastra
Anil Deshmukh
NCP
Bombay High Court

Related Stories

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..

गोवा चुनावः डेढ़ महीने में एक चौथाई विधायकों का इस्तीफ़ा

गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है

"पॉक्सो मामले में सबसे ज़रूरी यौन अपराध की मंशा, न कि ‘स्किन टू स्किन’ टच!"

धनशोधन का मामला: अदालत ने अनिल देशमुख को न्यायिक हिरासत में भेजा

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की

ईडी ने 12 घंटे की पूछताछ के बाद अनिल देशमुख को किया गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: खूंटी के आदिवासी गांवों में ‘ड्रोन सर्वे’ को लेकर विरोध, प्रशासन के रवैये से तनाव
    31 Dec 2021
    एआईपीएफ़ की फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्री को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपी।
  • Shaheen Bagh : Loktantra Ki Nai Karavat
    राज वाल्मीकि
    ‘शाहीन बाग़; लोकतंत्र की नई करवट’: एक नई इबारत लिखती किताब
    31 Dec 2021
    दिल्ली में पत्रकार भाषा सिंह की नई किताब ‘शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट’ का विमोचन और चर्चा। वक्ताओं ने कहा, "यह किताब एक ज़िन्दा दस्तावेज़ है, जो शाहीन बाग़ को हमेशा ज़िन्दा रखेगी।"
  • Drone warfare
    पीपल्स डिस्पैच
    ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही
    31 Dec 2021
    द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा हाल में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी एशिया में 2014 के बाद से अमरीकी हवाई हमलों में मारे गए हजारों लोगों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई। यह रिपोर्ट रेखांकित करती है कि अब…
  • kisan
    विजय विनीत
    यूपीः धान ख़रीद को लेकर किसानों से घमासान के बाद हड़ताल पर गए क्रय केंद्र प्रभारी
    31 Dec 2021
    चंदौली इलाक़े में धान ही इकोनॉमी का केंद्रबिंदु भी है। सरप्लस उपज के बावजूद इस पूरे इलाक़े में सरकार वैसी ख़रीद नहीं कर पा रही और न ही किसानों को एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है।
  • tabrej
    ज़ाकिर अली त्यागी
    झारखंड : मॉब लिंचिंग क़ानून के बारे में क्या सोचते हैं पीड़ितों के परिवार?
    31 Dec 2021
    झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मॉब लिंचिंग पर लगाम कसने के लिए  'भीड़ हिंसा एवं भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक'क़ानून 21 दिसंबर को सदन से पास करवा लिया है। इस नए क़ानून से मॉब लिंचिंग के पीड़ित व्यक्तियों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License