NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: एमएसआरटीसी कर्मचारियों ने  महंगाई भत्ते की मांग को लेकर शुरू कि ‘आकस्मिक’ हड़ताल  
यूनियन नेता ने कहा, ‘‘एमएसआरटीसी कर्मचारियों की एक कार्रवाई समिति ने तीन मांगों को लेकर बेमियादी आंदोलन शुरू किया है लेकिन हड़ताल के लिए कोई आह्वान नहीं किया गया था। कर्मचारियों ने आंदोलन के समर्थन में आकस्मिक तरीके से बस परिचालन रोक दिया है।’’
भाषा
28 Oct 2021
maharastra
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने वेतन में महंगाई भत्ता (डीए) शामिल करने समेत अपनी कुछ मांगों को लेकर बृहस्पतिवार सुबह ‘आकस्मिक’ हड़ताल शुरू कर दी जिससे पूरे राज्य में निगम की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई सेंट्रल समेत सरकारी परिवहन उपक्रम के अनेक डिपो पर बस परिचालन को आंदोलन के समर्थन में रोक दिया गया। मुंबई सेंट्रल में एमएसआरटीसी का मुख्यालय है।
एमएसआरटीसी के एक प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि कर्मचारियों के आंदोलन के कारण महाराष्ट्र में विभिन्न डिपो पर बस परिचालन प्रभावित हुआ है।

एमएसआरटीसी देश में सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन निगमों में से एक है जिसके पास 16,000 से अधिक बसों का बेड़ा है और करीब 93,000 कर्मचारी इसमें काम करते हैं। इन कर्मचारियों में चालक और परिचालक शामिल हैं। कोविड महामारी शुरू होने से पहले एमएसआरटीसी की बसों में रोजाना करीब 65 लाख मुसाफिर यात्रा करते थे।

परिवहन निगम के कर्मचारी संघ के सूत्रों के अनुसार सुबह से कर्मचारियों की ‘आकस्मिक’ हड़ताल के कारण महाराष्ट्र में 100 से 125 बस डिपो पर परिचालन प्रभावित हुआ है।

यूनियन के एक नेता ने कहा कि किसी मान्यताप्राप्त ट्रांसपोर्ट यूनियन ने हड़ताल का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते को अपने वेतन में शामिल करने तथा एमएसआरटीसी का राज्य सरकार में विलय करने की अपनी मांगों को लेकर ‘आकस्मिक’ हड़ताल शुरू कर दी।

यूनियन नेता ने कहा, ‘‘एमएसआरटीसी कर्मचारियों की एक कार्रवाई समिति ने तीन मांगों को लेकर बेमियादी आंदोलन शुरू किया है लेकिन हड़ताल के लिए कोई आह्वान नहीं किया गया था। कर्मचारियों ने आंदोलन के समर्थन में आकस्मिक तरीके से बस परिचालन रोक दिया है।’’

राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष अनिल परब ने इस सप्ताह की शुरुआत में निगम कर्मियों के महंगाई भत्ते को मौजूदा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। उन्होंने कर्मचारियों का अक्टूबर माह का वेतन अगले महीने की निर्धारित सात तारीख के बजाय दिवाली से पहले, एक नवंबर को देने की भी घोषणा की थी।

परब ने एमएसआरटीसी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए क्रमश: 2,500 रुपये और 5,000 रुपये की ‘दिवाली भेंट’ (बोनस) देने का भी ऐलान किया था।

कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से एमएसआरटी वित्तीय संकट से जूझ रहा है और उसका परिचालन भी प्रभावित हुआ है।

Maharashtra
State Road Transport Corporation
MSRTC Employees

Related Stories

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महाराष्ट्र : एएसआई ने औरंगज़ेब के मक़बरे को पांच दिन के लिए बंद किया

महाराष्ट्र में गन्ने की बम्पर फसल, बावजूद किसान ने कुप्रबंधन के चलते खुदकुशी की

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

अब राज ठाकरे के जरिये ‘लाउडस्पीकर’ की राजनीति

महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

महाराष्ट्र सरकार पर ख़तरे के बादल? क्यों बाग़ी मूड में नज़र आ रहे हैं कांग्रेस के 25 विधायक

हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा


बाकी खबरें

  • RELIGIOUS DEATH
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़
    27 Jan 2022
    कथित रूप से 'जबरन धर्मांतरण' के बाद एक किशोरी की हालिया खुदकुशी और इसके ख़िलाफ़ दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की मांग को फिर से केंद्र में ला दिया है।
  • cb
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: ‘बीजेपी-कांग्रेस दोनों को पता है कि विकल्प तो हम दो ही हैं’
    27 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद उत्तराखंड में 2000, 2007 और 2017 में भाजपा सत्ता में आई। जबकि 2002 और 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई। भाजपा और कांग्रेस ही बारी-बारी से यहां शासन करते आ रहे…
  •  नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    27 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • सोनिया यादव
    यूपी: महिला वोटरों की ज़िंदगी कितनी बदली और इस बार उनके लिए नया क्या है?
    27 Jan 2022
    प्रदेश में महिलाओं का उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने का औसत भले ही कम रहा हो, लेकिन आधी आबादी चुनाव जिताने का पूरा मददा जरूर रखती है। और शायद यही वजह है कि चुनाव से पहले सभी पार्टियां उन्हें लुभाने…
  • यूपी चुनाव:  उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    27 Jan 2022
    यूपी में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रियंका गांधी की तलाश लगातार जारी है, प्रियंका गांधी ने पहले उन्नाव रेप पीड़िता की मां पर दांव लगाया था, और अब वो सोनभद्र नरसंहार में अपने भाई को खो चुकी महिला को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License