NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की
एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, "आज राज्य भर में सभी 250 डिपो बंद हैं। कल, कम से कम तीन डिपो चालू थे, लेकिन आज वे भी बंद हैं।" एमएसआरटीसी के कर्मचारी, घाटे में चल रहे निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर 28 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं।
भाषा
11 Nov 2021
maharastra

मुंबई : घाटे में चल रहे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर कर्मचारियों द्वारा जारी हड़ताल के कारण बुधवार को एमएसआरटीसी के सभी 250 डिपो पर बसों का संचालन बंद रहा। हड़ताल के 14वें दिन में प्रवेश करने के बीच राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कर्मचारियों से अपनी हड़ताल वापस लेने की अपील की।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, एमएसआरटीसी के अध्यक्ष परब ने यहां राज्य सरकार के 'सह्याद्री गेस्ट हाउस' में महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी संयुक्त कार्रवाई समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान हड़ताल खत्म करने की अपील की। विज्ञप्ति में परब के हवाले से कहा गया है, ''हड़ताल के कारण निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल को वापस लिया जाए। अभी भी बहुत देर नहीं हुई है।''

 उधर, एमएसआरटीसी ने ‘‘गैरकानूनी’’ हड़ताल में प्रदेशभर से शामिल हुए 542 और कर्मचारियों को बुधवार को निलंबित कर दिया। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को 376 कर्मचारियों को निलंबित किया गया था और इसी के साथ ही अभी तक निलंबित किए गए कर्मियों की संख्या बढ़कर 918 हो गयी है। बुधवार को जिन 542 कर्मचारियों को निलंबित किया गया वे 63 बस डिपो के कर्मचारी हैं। निगम ने बुधवार को कुछ हड़ताली कर्मचारियों और उनके यूनियन के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दायर की।

 अदालत ने यूनियन नेताओं और कर्मचारियों को शुक्रवार तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा विषय की अगली सुनवाई 15 नवंबर के लिए निर्धारित कर दी। निगम ने दावा किया है कि यूनियन ने उच्च न्यायालय के उस शुरुआती आदेश का उल्लंघन किया है जिसके जरिये उनसे हड़ताल जारी रखने से रोका गया था और इस तरह उन्होंने अदालत की अवमानना की है। राज्य भर से आए एमएसआरटीसी के सैकड़ों कर्मचारी दोपहर में मुंबई में जमा हुए और अपनी मांग को लेकर आजाद मैदान में एक रैली की।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह कहते हुए एमएसआरटीसी कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ता है। उन्होंने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के प्रयास में सहयोग करने की भी अपील की है। ठाकरे ने एमएसआरटीसी के कर्मचारियों को राजनीतिक लाभ के लिए "उकसाने" को लेकर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है।

एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, "आज राज्य भर में सभी 250 डिपो बंद हैं। कल, कम से कम तीन डिपो चालू थे, लेकिन आज वे भी बंद हैं।" एमएसआरटीसी के कर्मचारी, घाटे में चल रहे निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर 28 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं।

Maharastra
MSRTC
MSRTC strike

Related Stories

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..

गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है

एमएसआरटीसी हड़ताल : मंत्री के अल्टीमेटम के बावजूद कुछ ही कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

एमएसआरटीसी हड़ताल: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को समिति गठित करने का निर्देश दिया

उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार

महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई

महाराष्ट्र : रायगढ़ जिले में भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • जिससे पहले बड़ी टेक कंपनियां क़ाबू से बाहर हो जाएं, उससे पहले उन पर लगाम कसने की ज़रूरत
    वसंत आदित्य जे
    इससे पहले बड़ी टेक कंपनियां क़ाबू से बाहर हो जाएं, उन पर लगाम कसने की ज़रूरत!
    03 Jul 2021
    हाल ही में कर्नाटक हाई कोर्ट आदेश की रौशनी में अमेज़ॉन और फ़्लिपकार्ट की तरफ़ से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा इन दो कंपनियों के ख़िलाफ़ निर्देशित जांच पर रोक लगाने की मांग को ख़ारिज कर दिया गया है।
  • जी-7 रियलिटी चेक
    नटाली र्होडेस
    जी-7 रियलिटी चेक
    03 Jul 2021
    जून की शुरुआत में, दुनिया के सात सबसे अमीर देशों के नेताओं ने वैश्विक स्वास्थ्य, जलवायु और टैक्स के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इंग्लैंड में शिखर वार्ता की। हालाँकि दुनिया अभी भी भयंकर महामारी की…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 44,111 नए मामले, 738 मरीज़ों की मौत
    03 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 44,111 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 4 लाख 95 हज़ार 533 हो गयी है।
  • ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया
    रौनक छाबड़ा
    ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया
    03 Jul 2021
    उन्होंने केंद्र को “आवश्यक रक्षा सेवाओं” में कार्यरत लोगों द्वारा आंदोलन और हड़ताल की कार्रवाई करने पर रोक लगाने वाले अध्यादेश के खिलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के समक्ष शिकायत दर्ज करने का भी फैसला…
  • हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला तिहाड़ जेल से रिहा
    भाषा
    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला तिहाड़ जेल से रिहा
    02 Jul 2021
    चौटाला को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में 2013 में जेल की सजा हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण वह 26 मार्च 2020 से आपात पैरोल पर थे और उन्हें 21 फरवरी 2021 को आत्मसमर्पण करना था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License