NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव
कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्य के  विधानसभा में विधेयकों के रूप में पारित किया जाएगा, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस बहुमत में है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jun 2022
mamta

पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सोमवार को राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल जगदीप धनखड़ को हटाकर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने राज्यपाल को निजी विश्वविद्यालयों में अतिथि के रूप में हटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी, जिसमें राज्य के शिक्षा मंत्री उनकी जगह लेंगे।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय विभिन्न सरकारी विभागों, जैसे स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन और अल्पसंख्यक के अंतर्गत आते हैं।

कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्य के  विधानसभा में विधेयकों के रूप में पारित किया जाएगा, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस बहुमत में है।

हालांकि, संविधान के मुताबिक विधानसभा से पास किए गए विधेयकों को प्रभाव में आने से पहले राज्यपाल की सहमति जारूरी होती है।

26 मई को राज्य मंत्रिमंडल ने धनखड़ को हटाने और ममता को उनकी जगह चांसलर बनाने का एक रेसोल्यूशन पारित किया था, जिसके बाद यह प्रस्ताव आज कैबिनेट के समक्ष लाया गया।

बीते कुछ महीनों में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल कई मौकों पर आमने-सामने खड़े दिखाई दिए हैं।

कुछ इसी तरह, पिछले महीने तमिलनाडु ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राज्यपाल को विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने की शक्ति छीनकर राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया था। 

mamta banerjee
West Bengal

Related Stories

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

बिहार के बाद बंगाल के स्कूली बच्चों में सबसे ज़्यादा डिजिटल विभाजन : एएसईआर सर्वे

पश्चिम बंगाल: पैरा शिक्षकों की भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी, शिक्षा मंत्री ने बात करने से किया इंकार  


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License