NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आज़म ख़ान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा सदस्य और प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को जमानत नहीं दिए जाने के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला।
भाषा
27 Jul 2021
आजम खान की रिहाई के लिए एएमयू में मार्च
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

अलीगढ़ (उप्र): उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा सदस्य और प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान को जमानत नहीं दिए जाने के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें (आजम खान) जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और "राजनीतिक आधार" पर उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया है।

छात्र संघ के पूर्व सचिव हुजैफा आमिर ने कहा कि आजम खान एएमयू छात्रसंघ के पूर्व सचिव थे, एएमयू समुदाय सांसद की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में चिंतित है, जो वर्तमान में लखनऊ के एक अस्पताल में नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक प्रति के साथ एएमयू के प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम अली को सौंपने के बाद हुजैफा ने मंगलवार को मीडियाकर्मियों से कहा, “एएमयू समुदाय सपा संस्थापकों में से एक आजम खान के मामले में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की भूमिका से बहुत निराश है।'

उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से अखिलेश यादव की भूमिका केवल सांकेतिकता और इस मुद्दे पर ट्वीट जारी करने तक सीमित है।" ज्ञापन में खान को स्वास्थ्य आधार पर जमानत देने के लिए राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है।

UttarPradesh
AZAM KHAN
AMU

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला

ज्ञानवापी विवाद में नया मोड़, वादी राखी सिंह वापस लेने जा रही हैं केस, जानिए क्यों?  


बाकी खबरें

  • up
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
    27 Dec 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
  • Mirza Ghalib
    सत्यम् तिवारी
    आह ग़ालिब, वाह ग़ालिब: हम ने ये माना कि दिल्ली में रहें, खावेंगे क्या?
    27 Dec 2021
    ग़ालिब के ख़ुतूत को देखें तो 1857 के ग़दर के बाद 1859 से जो भी लिखा गया, उसके इख्तिताम पर लिखा होता, 'नजात का तालिब, ग़ालिब…’
  • Periyar
    बी. सिवरामन
    समकालीन दौर में पेरियार की प्रासंगिकता
    27 Dec 2021
    पेरियार ईवी रामासामी सिर्फ एक तमिल नेता नहीं थे और उन्हें ब्राह्मण-विरोधी जाति की राजनीति के नेता नहीं माना जा सकता है। बल्कि, वर्ण-जाति व्यवस्था के हिंदू जाति-सामंतवाद के ख़िलाफ़ एक अग्रणी सेनानी के…
  • River
    भारत डोगरा
    केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना केवल प्रतिष्ठा से है जुड़ी, इसमें जल संकट का समाधान नहीं
    27 Dec 2021
    केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की भारी आर्थिक लागत और पारिस्थितिक नुकसान को देखते हुए इससे मिलने वाले लाभ संदिग्ध हैं। इसलिए यह परियोजना उचित नहीं है।
  • bihar
    राहुल कुमार गौरव
    पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर
    27 Dec 2021
    बिहार के जिस जैविक ग्राम को पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में 29 अगस्त को शामिल किया गया था वहां जैविक खाद तो दूर डीएपी की भी भारी किल्लत है जिसके चलते अब तक यहां 80% क्षेत्रों में गेहूं की बुआई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License