NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
टोरी सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रगतिशील वर्गों की लंदन में विशाल रैली
ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों और कार्यकर्ता समूहों ने कोविड-19 संकट से निपटने में बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली कन्जर्वेटिव सरकार की विफलता और विरोध को दबाने के लिए सरकार के प्रयासों को लेकर प्रदर्शन किया।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jun 2021
टोरी सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रगतिशील वर्गों की लंदन में विशाल रैली

वीकेंड में कोविड-19 संकट से निपटने में टोरी सरकार की विफलता के विरोध में ब्रिटेन में प्रगतिशील वर्गों के हजारों लोगों ने लंदन में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टोरी देश पर शासन करने के लिए अयोग्य हैं,प्रदर्शनकारियों ने लोगों के विरोध को रोकने के उद्देश्य से कठोर कानून बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की निंदा की।

इस प्रदर्शन का आह्वान पीपल्स असेंबली अगेंस्ट ऑस्टेरिटी द्वारा किया गया था। इसमें ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों,नारीवादी समूहों, साम्राज्यवाद-विरोधी और शांति समूहों,नस्लवाद-विरोधी और फासीवाद-विरोधी संगठनों, आवास अधिकार समूहों, जलवायु कार्यकर्ताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने "यूनाइटेड अगेंस्ट द टोरीज़" के बैनर तले रैली निकाली।

इन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, क्राइम, सेंटेंसिंग एंड कोर्ट्स बिल को लागू करने के लिए बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सरकार की भी आलोचना की। ये बिल पुलिस को विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक समारोहों को नियंत्रित करने के लिए अधिक विवेकाधीन अधिकार देगा।

उधर शनिवार को विरोध मार्च के साथ साथ यूके के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के मामले विवादों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। साजिद जाविद के स्टेट फॉर हेल्थ एंड सोशल केयर के नए सचिव होने की संभावना है। भले ही प्रगतिशील वर्गों ने हैनकॉक के इस्तीफे का स्वागत किया वहीं उन्होंने जेपी मॉर्गन बैंकिंग समूह के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण स्टेट हेल्थ सेक्रेटरी के रूप में साजिद जाविद की नई नियुक्ति को लेकर चिंता जताई है, जिसका निजी हेल्थ केयर में निहित स्वार्थ है।

लंदन में इस लामबंदी को लेकर पीपल्स असेंबली अगेंस्ट ऑस्टेरिटी ने कहा है कि "इस सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चाहती है कि कामकाजी लोग कोरोनोवायरस संकट के लिए भुगतान करें। नर्सों को अल्प पेशकश, सार्वजनिक क्षेत्र का वेतन रोकना, बीमार के लिए भुगतान की कमी घनिष्ठ मित्रों को दिए गए अनुबंधों के विपरीत है। खासकर हटाने और फिर से काम पर रखने की नीतियों के साथ नियोक्ता आक्रामक हो रहे हैं। लेकिन इसका व्यापक विरोध हुआ है, जिसमें हड़ताल भी शामिल है।"

Tory government
Anti Tory government protest
London
COVID-19

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License