NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
भारत
राजनीति
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और दिव्यांगों के आरक्षण को कोई उल्लेख नहीं था।
महेश कुमार
07 Mar 2022
Chaudhary Charan Singh University

जनवरी 2022 में चौधरी चरण सिंह विश्वविधालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और दिव्यांगों के आरक्षण को कोई उल्लेख नहीं था। चौधरी चरण सिंह विश्वविधालय ने विभिन्न विभागों में अस्थायी और संविदा पर 72 पदों पर भर्ती के लिए उक्त विज्ञापन को विश्वविधालय की वेबसाइट पर उपलोड किया गया था। लेकिन कितने पद किस वर्ग के लिए आरक्षित हैं, का कोई उल्लेख नहीं किया गया।

विज्ञापन पर हैरानी जताते हुए शोषित क्रांति दल के अध्यक्ष श्री रविकांत ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बाई पटेल से लिखित शिकायत की और आरोप लगाया कि "विश्वविधालय का विज्ञापन केंद्र सरकार व राज्य सरकार के आरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन है। रविकांत ने लिखित पत्र में राज्यपाल से भर्ती पर तुरंत रोक लगाने की मांग की और कहा कि भविष्य में पदों पर भर्ती करते वक़्त आरक्षित वर्गों के हकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।"

शोषित क्रांति दल के अध्यक्ष श्री रविकांत ने न्यूज़क्लिक से फोन पर बात करते हुए बताया कि "एक तरफ जहां प्रदेश भयंकर बेरोज़गारी से जूझ रहा है और नौजवान निराश हैं, वहीं दूसरी तरफ विश्वविधालय प्रशासन दलितों और पिछड़ों का हक़ मारने के लिए भर्तियों में धांधली करने की कोशिश कर रहा है।" 

उन्होने आगे कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रविकान्त ने अपनी शिकायत में कहा है कि "जहां एक तरफ राज्य और केंद्र सरकार 'सबका साथ-सबका विकास एवं सबका विश्वास' के सिद्धान्त पर चलने की बात करती है वहीं उनकी नाक के नीचे विश्वविधालय प्रशासन खुले तौर पर दलितों और वंचितों के अधिकारों का हनन करने कि कोशिश कर रहा है। वे कहते हैं "इस तरह का असंवैधानिक कृत्य केंद्र और राज्य सरकार के दावों की पोल खोल देता है।

रविकांत के अनुसार, चौधरी चरण सिंह विश्वविधालय उच्च शिक्षा का संस्थान है जहां जिम्मेदार उच्च अधिकारी शिक्षित हैं और वे संवैधानिक प्रक्रियाओं को भली-भांति जानते हैं, इसलिए इस तरह की गलती कोई चूक है बल्कि अनुसूचित और पिछड़ी जातियों के शिक्षित समूह को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखने का षड्यंत्र है।" 

शोषित क्रांति दल ने अपने लिखित आग्रह में मांग निम्न मांगे की हैं:-

भर्ती पर रोक लगाते हुए, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और कुलपति सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए, शामिल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, नया विज्ञापन निकाला जाए और भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और दिव्यांगों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उपरोक्त शिकायत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्यपाल के दफ्तर ने 28 फरवरी को चौधरी चरण सिंह विश्वविधालय की कुलपति संगीता शुक्ला से 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया है। विश्वविधालय के सूत्रों के अनुसार राज्यपाल का खत मिलने के बाद फिलहाल भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। न्यूज़क्लिक ने विश्वविधालय के रजिस्ट्रार श्री धीरेंद्र कुमार से से संपर्क करने की कोशिश की और कार्यालय तथा मोबाइल पर फोन किया लेकिन उन्होने फोन नहीं उठाया।

ये भी पढ़ें: यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में युवाओं पर लाठीचार्ज, लेकिन घोटाले की जवाबदेही किसकी?

Chaudhary Charan Singh University
meerut
Chaudhary Charan Singh University Vacancy
Reservation
minorities

Related Stories

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम

महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता

यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?

प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिशा निर्देश दिए?

मध्यप्रदेश ओबीसी सीट मामला: सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अप्रत्याशित; पुनर्विचार की मांग करेगी माकपा

जातिवार जनगणना की ज़रूरत क्यों?

हक़ीक़त तो यही है कि सरकारी कंपनियां प्राइवेट में तब्दील होने पर आरक्षण नहीं देतीं

जेलों में बंद कैदियों में से 66% कैदी एससी/एसटी और ओबीसी हैं: सरकारी आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों पर बार बार उठते सवाल


बाकी खबरें

  • corona
    भाषा
    कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां 31 मार्च से हटाई जाएंगी, मास्क लगाना रहेगा अनिवार्य
    23 Mar 2022
    गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।
  • birbhum violence
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली
    23 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी…
  • NHRC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर हरकत में आया मानवाधिकार आयोग, केंद्र को फिर भेजा रिमाइंडर
    23 Mar 2022
    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी। दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो आयोग…
  • dyfi-citu
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन
    23 Mar 2022
    सीटू व डीवाईएफ़आई के लोगो ने संयुक्त रूप से अमेरिका स्थित हेनरी हैवलिन की नोएडा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रबंधकों ने अनियमितताओं को दूर करने का आश्वासन दिया और कथित ठगी के शिकार…
  • bhagat singh
    दिनीत डेंटा
    भगत सिंह: देशप्रेमी या राष्ट्रवादी
    23 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और देशप्रेम दो अलग विचार हैं, एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं। वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग शासक वर्ग व आरएसएस, भाजपा, आम आदमी पार्टी जैसे अन्य राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License