NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मैक्सिकोः पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुक़दमा चलाने के पक्ष में हुआ मतदान
मैक्सिको के नेशनल इलेक्टोरल इंस्टीट्यूट (आईएनई) की एक त्वरित गणना के अनुसार भारी बहुमत ने पूर्व राष्ट्रपतियों की जांच के पक्ष में मतदान किया।
पीपल्स डिस्पैच
03 Aug 2021
मैक्सिकोः पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुक़दमा चलाने के पक्ष में हुआ मतदान

1 अगस्त को 93.6 मिलियन से अधिक मेक्सिकोवासी जनमत संग्रह में भाग लेने के पात्र थे और यह तय किया कि वे पूर्व राष्ट्रपतियों की उनके संबंधित कार्यकाल के दौरान किए गए कथित अपराधों के लिए जांच और मुकदमा चलाना चाहते हैं या नहीं। मेक्सिको के नेशनल इलेक्टोरल इंस्टीट्यूट (आईएनई) की त्वरित गणना के अनुसार 89.36% और 96.28% के बीच मतदाताओं के भारी बहुमत ने "पक्ष" में मतदान किया। जबकि 1.38% और 1.58% के बीच बहुत कम मतदाताओं ने "खिलाफ" में मतदान किया।

हालांकि, इस जनमत संग्रह के परिणामों को बाध्यकारी बनाने के लिए ये मतदान अपर्याप्त था। आईएनई के अनुसार, केवल 7.07% और 7.74% के बीच योग्य मतदाताओं ने जनमत संग्रह में भाग लिया, जो अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए न्यायिक शक्ति को बाध्य करने के लिए आवश्यक सीमा से बहुत दूर है। अनिवार्य होने के लिए, यह आवश्यक था कि भाग लेने वाले लोगों का 40% या 37.4 मिलियन मेक्सिकोवासी "पक्ष" में मतदान देते।

इस मतदाताओं से इस सवाल का जवाब देने के लिए कहा गया था कि क्या आप संवैधानिक और कानूनी ढांचे के तहत नेताओं द्वारा पिछले वर्षों में लिए गए राजनीतिक निर्णयों के स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमत या असहमत हैं, और संभावित पीड़ितों के अधिकारों और न्याय की गारंटी देना उद्देश्य है?

इस जनमत संग्रह को मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रेडोर (एएमएलओ) द्वारा प्रोत्साहित किया गया था। उन्होंने नागरिकों से कार्लोस सेलिनास डी गोर्टारी (1988-1994), एर्नेस्टो ज़ेडिलो (1994-2000), विसेंटे फॉक्स (2000-2006), फेलिपे कैल्डेरोन (2006-2012) और एनरिके पेना नीटो (2012-2018) सहित पांच पूर्व राष्ट्रपतियों की जांच के लिए मतदान करने का आह्वान किया। इन सभी पर मानवाधिकारों के उल्लंघन, चुनावी धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, घोटालों, सार्वजनिक संपत्ति के अवैध निजीकरण सहित अन्य मामलों से जुड़े अपराध करने का आरोप है। फिर भी, नेशनल सुप्रीम कोर्ट ऑफ जस्टिस ने प्रश्न को बदल दिया और पूर्व राष्ट्रपतियों के विशिष्ट नाम हटा दिए।

चुनावों में कम मतदान आश्चर्यजनक नहीं था। ओपिनियन पोल्स ने संकेत दिया था कि लोग इस प्रस्ताव का भारी समर्थन करेंगे लेकिन केवल कुछ ही लोग मतदान करेंगे। शामिल पूर्व राष्ट्रपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए चुनावों में भारी उपस्थिति से बचने के लिए तिकड़म करने के लिए सत्तारूढ़ मुरैना पार्टी कई हफ्तों से आईएनई और विपक्षी दलों की निंदा करती रही है।

maxico
National Electoral Institute

Related Stories

मैक्सिको के युकाटन प्रांत ने समलैंगिक विवाह को वैध किया

मैक्सिको के प्रांत बाजा कैलिफ़ोर्निया और सिनालोआ ने समान-लिंग विवाह को वैध किया  


बाकी खबरें

  • भाषा
    चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी
    22 Apr 2022
    लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में…
  • अजय कुमार
    जहांगीरपुरी में चला बुल्डोज़र क़ानून के राज की बर्बादी की निशानी है
    22 Apr 2022
    बिना पक्षकार को सुने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कानून द्वारा निर्धारित यथोचित प्रक्रिया को अपनाए बिना किसी तरह के डिमोलिशन की करवाई करना अन्याय है। इस तरह के डिमोलिशन संविधान के अनुच्छेद…
  • लाल बहादुर सिंह
    संकट की घड़ी: मुस्लिम-विरोधी नफ़रती हिंसा और संविधान-विरोधी बुलडोज़र न्याय
    22 Apr 2022
    इसका मुकाबला न हिन्दू बनाम हिंदुत्व से हो सकता, न ही जातियों के जोड़ गणित से, न केवल आर्थिक, मुद्दा आधारित अर्थवादी लड़ाइयों से। न ही महज़ चुनावी जोड़ तोड़ और एंटी-इनकंबेंसी के भरोसे इन्हें परास्त किया…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
    22 Apr 2022
    कई आदिवासी संगठन पंचायती चुनावों पर रोक लगाने की मांग को लेकर राजभवन पर लगातार धरना दे रहें हैं। 
  • अनिल जैन
    मुद्दा: हमारी न्यायपालिका की सख़्ती और उदारता की कसौटी क्या है?
    22 Apr 2022
    कुछ विशेष और विशिष्ट मामलों में हमारी अदालतें बेहद नरमी दिखा रही हैं, लेकिन कुछ मामलों में बेहद सख़्त नज़र आती हैं। उच्च अदालतों का यह रुख महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और दूसरे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License