NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मैक्सिको ने ऐतिहासिक फ़ैसले में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर किया
मैक्सिको के सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि गर्भवती महिलाओं को उनकी गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए दंडित करने वाले क़ानून असंवैधानिक है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Sep 2021
मैक्सिको ने ऐतिहासिक फ़ैसले में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

एक ऐतिहासिक फैसले में मैक्सिको के सुप्रीम कोर्ट ऑफ जस्टिस (एससीजेएन) ने 7 सितंबर को ग्यारह न्यायाधीशों में से उपस्थित दस न्यायाधीशों के वोट के द्वारा सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि गर्भपात कराने वाली महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को दंडित करना असंवैधानिक है क्योंकि यह निर्णय लेने के उनके अधिकार का उल्लंघन करता है। इस आदेश के बाद दुनिया भर के प्रगतिशील वर्गों में खुशी का माहौल है।

देश की शीर्ष अदालत ने साल 2018 में दायर एक मामले में आदेश दिया जो कोआहुइला प्रांत में आपराधिक कानून को चुनौती देता है। इस कानून के तहत महिलाओं को गर्भपात कराने और उन्हें इस प्रक्रिया में साथ देने वालों को सजा का प्रावधान है। इस प्रक्रिया में शामिल महिलाओं या व्यक्तियों को तीन साल की सजा का प्रावधान है। अदालत ने कोआहुइला प्रांत की सरकार को उसके आपराधिक कानून से गर्भपात के लिए प्रतिबंधों को हटाने का आदेश दिया। इस ऐतिहासिक फैसले ने देश भर में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और भविष्य में गर्भपात के वैध करने का रास्ता भी साफ कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आर्टुरो ज़ाल्डिवार ने फैसला पढ़ते हुए कहा, "आज मैक्सिको की सभी महिलाओं के अधिकारों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह सभी महिलाओं के अधिकारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है, विशेष रूप से सबसे कमजोर लोगों के लिए।”

बाद में एक के बाद एक ट्वीट में ज़ाल्डिवार ने मैक्सिको की महिलाओं को सड़कों पर वर्षों के संघर्ष के बाद इस महत्वपूर्ण मानवाधिकार को हासिल करने के लिए बधाई दी। ज़ाल्डिवार ने एक ट्विट में लिखा, “10 वर्षों से, मैं कह रहा हूं कि गर्भ को समाप्त करना एक मौलिक अधिकार है। महिलाओं को अपराधी बनाना, विशेष रूप से सबसे गरीब और सबसे कमजोर महिलाओं को, बहुत ही अन्यायपूर्ण और खुले तौर पर असंवैधानिक है।”

मैक्सिको में गर्भपात प्रतिबंधित है। यह केवल बलात्कार के मामले में वैध है। कुछ राज्य अन्य मामलों में भी गर्भपात की अनुमति देते हैं जैसे कि महिला के जीवन के लिए गंभीर जोखिम, भ्रूण की विकृति, सहमति के बिना कृत्रिम गर्भाधान और वित्तीय कठिनाई। हालांकि, इसकी हमेशा गारंटी नहीं होती है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मैक्सिको में हर साल 350,000 से 1,000,000 गर्भपात किए जाते हैं, जिनमें से एक तिहाई को असुरक्षित परिस्थितियों में गुप्त रूप से किया जाता है।

इस फैसले से पहले, केवल चार राज्यों जैसे मैक्सिको सिटी, ओक्साका, हिडाल्गो और वेराक्रूज़ ने ऐच्छिक गर्भपात को वैध बनाया था। शेष 28 राज्यों में यह दंडनीय है और सजा के तौर पर जुर्माना लगाने से लेकर कारावास तक प्रावधान है।

अब, इस निर्णय के साथ, वे महिलाएं जो उन राज्यों में गर्भधारण करती हैं जहां गर्भपात आपराधिक है वे न्यायाधीश के इस आदेश से उक्त प्रक्रिया को अपना सकेंगी।

mexico
Mexico SC
Women Rights
Pregnant women
legal abortion
abortion
Abortion Rights

Related Stories

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है

सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?
    08 Apr 2022
    कच्चे तेल को लेकर भारत की स्थिति क्या है? क्या वाक़ई ऐसा है कि कच्चा तेल निकालने से जुड़े वह सारे उपाय किये जा चुके हैं, जिसके बाद यह कहा जा सके कि भारत में कच्चे तेल उत्पादन को लेकर कोई बहुत बड़ी…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,109 नए मामले, 43 मरीज़ों की मौत
    08 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 492 रह गयी है।
  • कुशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    नोएडा की झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास योजना ख़त्म, अब भी अधर में लटका है ग़रीबों का भविष्य
    08 Apr 2022
    एक दशक तक ख़राब तरीक़े से लागू किये जाने के बाद झुग्गी पुनर्वास योजना ख़त्म हो गयी है। इस योजना के तहत नये बने फ्लैटों में से महज़ 10% फ़्लैट ही भर पाये हैं।
  • अब्दुल रहमान
    बुका हमले के बावजूद रशिया-यूक्रेन के बीच समझौते जारी
    08 Apr 2022
    रूस ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देशों और मीडिया ने जानबूझकर उन तथ्यों की अनदेखी की है जो बुचा हत्याओं में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हैं क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य शांति वार्ता में अब तक हुई…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मानवाधिकार के असल मुद्दों से क्यों बच रहे हैं अमित शाह?
    07 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं गृह मंत्री अमित शाह की जिसमे उन्होंने लोक सभा में मानवाधिकार की बात उठाई। अभिसार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License