NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मैक्सिको में प्रवासियों ने प्रवास और शरणार्थी संकट के समाधान की मांग की
मैक्सिको में फंसे मध्य अमेरिकी और हैतीवासी प्रवासी व प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
16 Sep 2021
मैक्सिको में प्रवासियों ने प्रवास और शरणार्थी संकट के समाधान की मांग की

13 सितंबर से मैक्सिको में फंसे 5,000 से अधिक मध्य अमेरिकी और हैतीवासी प्रवासी और प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता चियापास प्रांत में तपचुला नगरपालिका में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि मैक्सिको की सरकार प्रवासियों के मानवाधिकारों का सम्मान करे, उनके खिलाफ दमनकारी कार्रवाईयों को बंद करे और उन्हें अमेरिका की ओर उन्हें आने जाने की अनुमति दे।

पिछले दो हफ्तों में कई प्रवासी कारवां के हिंसक तरीके से रोके जाने के बाद ये विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। भूख हड़ताल का नेतृत्व प्यूएब्लोस सिन फ्रोंटेरास के इरिनेओ मुजिका और सेंट्रो डी डिग्निफिसियन हुमाना के लुइस गार्सिया विल्लेग्रान के निदेशकों द्वारा किया जा रहा है।

ये एक्टिविस्ट देश की दक्षिणी सीमा पर प्रवास और शरणार्थी संकट के तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं। वे सामूहिक सुरक्षा उपाय को भी बढ़ावा दे रहे हैं ताकि प्रवासी तपचुला से बाहर जा सकें जहां पिछले कई महीनों से हजारों लोगों को रहने और काम की तलाश करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तपचुला में इकट्ठा 100,000 से अधिक प्रवासी अमेरिका में मानवीय शरण के लिए आवेदन करने की आशा के साथ वहां जाने का इंतजार कर रहे हैं। उनमें से कई प्रवासी ने अपने निष्कासन से बचने के लिए मैक्सिको में शरण पाने का अनुरोध किया है, लेकिन ये प्रक्रियाएं धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं।

साल 2018 से अल सल्वाडोर, होंडुरास और निकारागुआ के हजारों युवा, महिलाएं और बच्चे अपने देशों में अत्यधिक गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अवसरों की कमी से बचने के लिए बड़े समूहों में अमेरिका की ओर जा रहे हैं। इस साल, देश में आर्थिक और राजनीतिक संकट, खाद्य असुरक्षा के उच्च स्तर, ईंधन की कमी और सामूहिक हिंसा से बचने के लिए बड़ी संख्या में हैतीवासी भी इस खतरनाक यात्रा पर निकल पड़े हैं।

अपने चुनाव प्रचार के दौरान अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति की सख्त आव्रजन नीतियों को पलटने का वादा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद से यूएस-मैक्सिको में आने वाले प्रवासियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। आईएनएम के अनुसार, अब तक 2021 में जनवरी और अगस्त के बीच 147,000 से अधिक बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है जो कि इसी अवधि के दौरान 2020 की तुलना में तीन गुना अधिक है।

mexico
migrants

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी

भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है

बिहार में अवैध प्रवासी: क्या संघ की साज़िश में फंस गए नीतीश?

मैक्सिको ने ऐतिहासिक फ़ैसले में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

मेडिटेरियन पार कर यूरोप जाने की कोशिश में मरे प्रवासियों की संख्या 2021 के पहले 6 महीनों में दोगुनी हुई

क्या एक देश एक राशन कार्ड प्रवासी मज़दूरों को राहत दे सकेगा?

नर्मदा के बरगी जलाशय में इतना क्यों घटा मछली उत्पादन कि मछुआरे पलायन को मजबूर

मैक्सिको में संसदीय व अन्य चुनावों से पहले उम्मीदवारों की हत्या में वृद्धि

मोरक्को के प्रवासियों के सीमावर्ती शहर सेउटा में प्रवेश करते ही स्पेन ने सुरक्षा बढ़ा दी


बाकी खबरें

  • National Girl Child Day
    सोनिया यादव
    राष्ट्रीय बालिका दिवस : लड़कियों को अब मिल रहे हैं अधिकार, पर क्या सशक्त हुईं बेटियां?
    24 Jan 2022
    हमारे समाज में आज भी लड़की को अपने ही घर में पराये घर की अमानत की तरह पाला जाता है, अब जब सुप्रीम कोर्ट ने पिता की प्रॉपर्टी में बेटियों का हक़ सुनिश्चित कर दिया है, तो क्या लड़कियां पराया धन की बजाय…
  • social science
    प्रभात पटनायक
    हिंदुत्व नहीं, बल्कि नए दृष्टिकोण वाला सामाजिक विज्ञान ही दिमाग को उपनिवेश से मुक्त कर सकता है
    24 Jan 2022
    समाज विज्ञान, बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्योंकि तीसरी दुनिया की समस्याएं, सबसे बढक़र सामाजिक समस्याएं हैं। और तीसरी दुनिया के दिमागों के उपनिवेशीकरण का नतीजा यह होता है कि औपनिवेशिक दौर के…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ साम्प्रदायिक उन्माद से प्रचार होगा बीजेपी?
    24 Jan 2022
    अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि चुनाव से पहले टीवी चैनलों द्वारा दिखाए जा रहे सर्वे पर लगाम लगाई जाए। अभिसार शर्मा आज के एपिसोड में इस मुद्दे के साथ साथ भाजपा के सांप्रदायिक प्रचार…
  • Dera Ballan
    तृप्ता नारंग
    32% दलित आबादी होने के बावजूद पंजाब में अभी तक कोई कद्दावर एससी नेता नहीं उभर सका है: प्रोफेसर रोंकी राम 
    24 Jan 2022
    पंजाब की 32% अनुसूचित आबादी के भीतर जाति एवं धार्मिक आधार पर विभाजन मौजूद है- 5 धर्मों के 39 जातियों में बंटे होने ने उन्हें अनेकों वर्षों से अपने विशिष्ट एवं व्यवहार्य राज्य-स्तरीय नेतृत्व को विकसित…
  •  Bihar Legislative Council
    फ़र्रह शकेब
    बिहार विधान परिषद में सीट बंटवारे को लेकर दोनों गठबंधनों में मचा घमासान
    24 Jan 2022
    बिहार में इस वर्ष स्थानीय निकाय प्राधिकार क्षेत्र से आने वाले बिहार विधान परिषद के 24 सदस्यों यानी सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसकी अधिसूचना अभी फ़िलहाल जारी नहीं हुई है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License