NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट, आंग सान सू की और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अन्य लोगों ने इस तख्तापलट की निंदा की है और देश में नागरिक प्रशासन की तत्काल बहाली की मांग की है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Feb 2021
 आंग सान सू

सेना द्वारा नागरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की दुनिया को आश्वस्त करने की घोषणा के महज एक ही दिन बाद इसने आपातकाल घोषित कर दिया और 31 जनवरी को स्टेट काउंसेलर आंग सांग सू की और नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के कई शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

रविवार को घोषित एक वीडियो प्रसारण में सेना ने घोषणा की कि राष्ट्रीय शक्ति सशस्त्र बलों के कमांडर इन चीफ जनरल मिन आंग ह्लैंग को सौंपी गई है और एक साल के लिए आपातकाल लागू कर दिया गया है।

पिछले साल नवंबर में हुए संसदीय चुनावों के परिणामों की घोषणा के बाद से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए देश में नागरिक प्रशासन के साथ सैन्य टकराव हो रहा है। आंग सान सू की की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने पिछले साल नवंबर में हुए चुनावों में भारी जीत हासिल की थी। यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) को सेना का समर्थन प्राप्त है जिसकी संसद में एक तिहाई सीटें हैं। संसद को 01 फरवरी सोमवार को खोला जाना था।

अन्य पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। सरकार ने सरकारी मीडिया को बंद करने के साथ साथ इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं को भी निलंबित कर दिया है।

इस तख्तापलट पर प्रतिक्रिया देते हुए आंग सान सू की ने लोगों से इसे स्वीकार न करने और इस कार्रवाई का पूरी तरह से विरोध करने को कहा है। उन्होंने सेना की इस कार्रवाई को "तानाशाही के अधीन देश को वापस झोंकने" के एक प्रयास के रूप में बताया है। उनका बयान उनकी पार्टी एनएलडी ने प्रकाशित किया था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि ये तख्तापलट "लोकतांत्रिक सुधारों के लिए एक गंभीर झटका था।"

कई अन्य देशों ने भी इस तख्तापलट का विरोध किया है और सेना से कहा है कि चुनाव में लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करें और सभी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और नेताओं को रिहा करें। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार आसियान पार्लियामेंटेरियन्स फॉर ह्यूमन राइट्स के अध्यक्ष चार्ल्स सैंटियागो ने आसियान से अपनी राजनयिक शक्ति का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। म्यांमार आसियान का सदस्य है।

रविवार को सेना द्वारा उठाया गया कदम 1990 में हुए घटना का दोहराव है जब उसने तत्कालीन चुनाव परिणामों को रद्द कर दिया था और सू की तथा अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। 2012 में सैन्य शासन को आंशिक रूप से हटा दिया गया था और सू की 2016 में सत्ता में आई थीं।

Myanmar
Aung San Suu Kyi
National League for Democracy
Myanmar military

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License