NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले दिल्ली, यूरोप में सड़कों पर उतरे लाखों लोग
दिल्ली में करीब 50 स्कूलों और कॉलेज के छात्रों ने हाथ में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पर्यावरण मंत्रालय की ओर मार्च किया।
एएफपी
30 Nov 2019
climate change

संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक तापवृद्धि के खिलाफ नए सिरे से कदम उठाने और विश्व नेताओं पर दबाव बनाने के लिए यूरोप और एशिया में लाखों लोग सड़कों पर उतरे।

दिल्ली में करीब 50 स्कूलों और कॉलेज के छात्रों ने हाथ में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पर्यावरण मंत्रालय की ओर मार्च किया। साथ ही उन्होंने सरकार से पर्यावरण आपातकाल घोषित करने की मांग भी की।

बर्लिन के ‘ब्रांडेनबर्ग गेट’ पर लोग तख्तियां लिए नजर आए जिस पर लिखा था, ‘एक ग्रह, एक लड़ाई।’

‘फ्राइडेस फॉर फ्यूचर’ के ताजा प्रदर्शन में जर्मनी के 500 से अधिक शहरों में 6,30,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।

पुलिस ने बताया कि केवल हेमबर्ग में ही कुल 30,000 लोग और म्युनिख में 17,000 लोग एकत्रित हुए, जिन्होंने बढ़ते तापमान के खिलाफ आवाज उठाई।

वहीं मैड्रिड में 17,00 लोग एकत्रित हुए, जहां अगले सप्ताह 12 दिवसीय सीओपी25 सम्मेलन का आयोजन होगा।

‘फ्राइडेस फॉर फ्यूचर’ की डच शाखा ने कहा कि 15 शहरों में प्रदर्शन जारी है। 

एम्स्टर्डम में शाम को एक पदयात्रा का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने जलवायु संकट के पीड़ितों के लिए मौन भी रखा।

अमेरिका और कनाडा में काफी कम संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। न्यूयॉर्क में 100 और वॉशिंगटन में करीब 50 लोगों ने ही प्रदर्शन किया

UN Climate Summit
Rallies in Europe
greenhouse gases
Greta Thunberg
COP25
United Nations Climate Conference
Delhi-Europe
School-College Student
berlin

Related Stories

थनबर्ग 'टूलकिट' : 21 साल की जलवायु कार्यकर्ता को 5 दिन की पुलिस हिरासत


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License