NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
संसद का मानसून सत्र : लोकसभा में सरकार की घेराबंदी, नहीं हो सका प्रश्नकाल
आज पहले दिन सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल नहीं चल सका और प्रधानमंत्री द्वारा मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराये जाने के दौरान कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने नारेबाज़ी की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
19 Jul 2021
Monsoon session of Parliament

नयी दिल्ली: संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी कर दी है। आज पहले दिन सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल नहीं चल सका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराये जाने के दौरान कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों की नारेबाजी के बाद सदन की बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सदन की बैठक शुरू होने पर चार नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा में मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराने के दौरान कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया। इस पर प्रधानमंत्री ने विपक्षी सदस्यों प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि दलित, आदिवासी, ओबीसी और महिला मंत्रियों का यहां परिचय कराया जाए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से शांत होने और मंत्रियों का परिचय होने देने की अपील की।

हंगामे के बीच प्रधानमंत्री ने नये मंत्रियों के परिचय का विवरण सदन के पटल पर रखा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने 24 वर्षों के संसदीय जीवन में संसद में पहले कभी ऐसा नहीं देखा कि प्रधानमंत्री के मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी देने के दौरान हंगामा हुआ हो। उन्होंने कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी को दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ने इसके बाद प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच उन्होंने बैठक को पूर्वाह्न 11:35 बजे दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

राज्यसभा ने दिलीप कुमार व मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी

मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा ने प्रख्यात अभिनेता दिलीप कुमार और महान धावक मिल्खा सिंह सहित 13 लोगों तथा दो वर्तमान सदस्यों-रघुनाथ महापात्र एवं राजीव सातव को श्रद्धांजलि दी।

उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने इन दिवंगत लोगों के निधन का जिक्र किया और सदन की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सदस्यों ने दिवंगत लोगों के सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा। इनमें से 10 लोग पूर्व सदस्य थे।

नायडू ने दिलीप कुमार के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनका अभिनय सफर करीब पांच दशक लंबा रहा और उन्होंने करीब 65 फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘देवदास’, ‘नया दौर’, ‘मुगले आजम’, ‘गंगा जमुना’ आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ‘‘ट्रेजडी किंग’’ के नाम से मशहूर दिलीप कुमार को कई सम्मान मिले जिनमें अभिनय के लिए आठ फिल्म फेयर पुरस्कार शामिल है। उल्लेखनीय है कि दिलीप कुमार ने उच्च सदन में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था।

नायडू ने मिल्खा सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बचपन में काफी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और देश के विभाजन के समय उनके माता-पिता की मृत्यु हो गयी थी और वह अनाथ हो गए। उन्होंने कहा कि बाद में वह सेना में शामिल हुए और उनके जीवन में नया मोड़ आया। उन्हें 1956 में मेलबर्न ओलंपिक के लिए भारतीय दल में शामिल किया गया और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। नायडू ने कहा कि ‘‘फ्लाइंग सिख’’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह को कई सम्मान मिले।

सदन ने अपने पूर्व सदस्यों एन एम कांबले, भगवती सिंह, बलिहारी बाबू, अजीत सिंह, मतंग सिंह, जितेंद्र भाई भट्ट, रामेंद्र कुमार यादव रवि, जगन्नाथ पहाड़िया व शांति पहाड़िया को भी श्रद्धांजलि दी।

दो वर्तमान सदस्यों- महापात्र एवं सातव के सम्मान में सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गयी।

Monsoon Session of Parliament
monsoon session
Narendra modi
Om Birla
loksabha
Rajya Sabha
M. Venkaiah Naidu

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License