NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
एक और झटका! मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 5.6 प्रतिशत किया
पहले से ही सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था को रेटिंग एजेंसी मूडीज से झटका मिला है। मूडीज ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर अनुमान को 5.8% से घटाकर 5.6% कर दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Nov 2019
MOODY;s
Image courtesy: India Today

नई दिल्ली: मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 5.8 प्रतिशत से घटाकर 5.6 प्रतिशत कर दिया है। उसने गुरुवार को कहा कि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में नरमी अपेक्षा के विपरीत लंबी अवधि तक खींच गयी है जिसके कारण उसे अपने अनुमान को कम करना पड़ा है।

क्रेडिट रेटिंग और शोध सेवा सेवा देने वाली कंपनी ने कहा, ‘हमने भारत के लिये आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटा दिया है। हमारा अनुमान है कि 2019-20 में यह 5.6 प्रतिशत रहेगी जो 2018-19 में 7.4 प्रतिशत थी।’

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस के अनुसार 2020-21 और 2021-22 में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और यह क्रमश: 6.6 प्रतिशत तथा 6.7 प्रतिशत रह सकती है। लेकिन वृद्धि की गति पूर्व वर्षों के मुकाबले धीमी ही रहेगी।

उसने कहा, ‘भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2018 के मध्य से धीमी पड़ रही है। वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2019 की दूसरी तिमाही में करीब 8 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत पर आ गयी। बेरोजगार बढ़ रही है।’

मूडीज के अनुसार, ‘निवेश गतिविधियां पहले से धीमी है लेकिन खपत के लिये मांग के कारण अर्थव्यवस्था में तेजी बनी हुई थी। हालांकि अब खपत मांग भी नरम हुई है जिससे मौजूदा नरमी को लेकर समस्या बढ़ रही है।’

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बीते कुछ समय से मोदी सरकार को लगातार बुरी खबरें मिल रही हैं। इससे पहले खबर आई थी कि औद्योगिक उत्पादन में आई कमी ने आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हाल में मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रेटिंग को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था।

गौरतलब है कि बीते महीने खुदरा महंगाई दर 4.62 प्रतिशत रही। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक यह बीते 16 महीनों में खुदरा महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है। माना जा रहा है कि इसेक पीछे फल, सब्जियों और दालों के दाम में बढ़ोतरी की प्रमुख भूमिका है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Moody rating
economic crises
GDP
GDP Growth in India
Nirmala Sitharaman
modi sarkar
Economy of India

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग

क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?

श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी

जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी

रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 


बाकी खबरें

  • workers
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई
    18 Oct 2021
    ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांग में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 26000 न्यूनतम भत्ता और चार लेबर कोड की वापसी शामिल हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
    18 Oct 2021
    जैसे-जैसे देश में चुनाव आते हैं, अचानक कश्मीर आ जाता है, बांग्लादेश आ जाता है, पाकिस्तान तो बिना न्यौते के ही जाता है। फिर कैमरे के फ़ोकस में बाक़ी देश को हटाकर इन जगहों को सेट कर दिया जाता है ताकि…
  • mayawati
    लाल बहादुर सिंह
    सियासत: उत्तर प्रदेश चुनाव में दलित एजेंडा कहां है?
    18 Oct 2021
    तथ्य यह है कि  डबल इंजन  सरकार की चौतरफ़ा तबाही का जो तबका सबसे बदतरीन शिकार हुआ है,  सबसे बड़ी मार जिस तबके पर पड़ी है, वे दलित ही हैं।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    टीबी के ख़िलाफ़ भारत की जंग: बदतर हालात, चुप्पी साधे सरकार, दवाओं के स्टॉक खाली
    18 Oct 2021
    टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत का खराब प्रदर्शन जारी है, लेकिन डेलमानिड के स्टॉकआउट होने और परीक्षण किट्स की कमी के रूप में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन कमियों के बारे में…
  • mukesh
    राज वाल्मीकि
    मुकेश मानस; असमय स्मृति शेष : क्यों तुम चले गए!
    18 Oct 2021
    मुकेश जी आपका यूं अचानक चले जाना आपके सभी चाहने वालों के लिए, दलित साहित्य और दलित प्रगतिशील आंदोलन के लिए, हमसब के लिए गहरा सदमा है। हमें इस तरह का दुखद सरप्राइज देते हुए जाना नहीं था आपको!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License