NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
400 से अधिक हस्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक खुला पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफ़ा प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है जिसने इस द्वीप पर आर्थिक स्थिति को काफ़ी संकट में डाल दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jul 2021
400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग

400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, नेताओं, बुद्धिजीवियों, वैज्ञानिकों, पादरी-वर्ग के सदस्यों, कलाकारों, संगीतकारों और दुनिया भर के एक्टिविस्टों ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफा प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक अपील की है। ये प्रतिबंध पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाया गया था। उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों ने "जानबूझकर द्वीप पर लोगों के जीवन का गला घोंट दिया है और अधिक पीड़ा पैदा कर दिया है।"

इन हस्ताक्षरकर्ताओं में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लुइज इनासियो "लूला" दा सिल्वा, इक्वाडोर के राफेल कोर्रिया, कलाकार बूट्स रिले, जेने फोंडा, सुसान सरांडन, डैनी ग्लोवर और एम्मा थॉम्पसन और सैकड़ों अन्य लोग शामिल हैं जो इस बात को उजागर करते हैं कि इस देश की जीवन रक्षक भोजन तथा दवाईयां खरीदने की क्षमता अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के चलते बाधित हुई है। अन्य एकतरफा प्रतिबंधों में वैश्विक वित्तीय संस्थानों तक क्यूबा की पहुंच और भेजी हुई रकम पर प्रतिबंध शामिल है।

इस खुला पत्र में यह भी चर्चा की गई है कि पिछले तीस वर्षों से दुनिया भर के अधिकांश नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका से क्यूबा पर छह दशक के प्रतिबंध को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 2020 और दिसंबर 2020 के बीच इस नाकाबंदी के कारण क्यूबा को 3,586.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। पिछली अवधि के नुकसान सहित कुल 9,157.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (अप्रैल 2019 से दिसंबर 2020 तक) की राशि का नुकसान हुआ है। इन वर्षों के दौरान क्यूबा के परिवारों को हुई मानवीय क्षति, पीड़ा और कमी अथाह है।

ओबामा प्रशासन के दौरान जिसमें बाइडेन शामिल थे उसने संयुक्त राज्य अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव को कम करने और संबंधों को बेहतर के लिए सशक्त कदम उठाए गए थे। क्यूबा को अमेरिका के आतंकवाद के राज्य प्रायोजकों की सूची से हटा दिया गया था, दोनों देशों में दूतावासों की स्थापना के साथ राजनयिक संबंध फिर से शुरू किया गया था, व्यापार और आर्थिक समझौते किए गए थे और इस द्वीप के लिए अमेरिकी पर्यटन पर प्रतिबंधों में भी ढील दी गई थी।

इस पत्र के हस्ताक्षरकर्ताओं ने क्यूबा के साथ अमेरिकी संबंधों को ट्रम्प द्वारा पहुंचाए गए नुकसान को पलटने और क्यूबा के लोगों की पीड़ा को रोकने के लिए संबंधन सामान्य करने के रास्ते पर अमल करने के लिए बाइडेन से आह्वान किया।

cuba
US
America
Joe Biden

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति


बाकी खबरें

  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.5 लाख नए मामले, 627 मरीज़ों की मौत
    28 Jan 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 6 लाख 22 हज़ार 709 हो गयी है।
  • Tata
    अमिताभ रॉय चौधरी
    एक कंगाल कंपनी की मालिक बनी है टाटा
    28 Jan 2022
    एयर इंडिया की पूर्ण बिक्री, सरकार की उदारीकरण की अपनी विफल नीतियों के कारण ही हुई है।
  • yogi adityanath
    अजय कुमार
    योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड: अर्थव्यवस्था की लुटिया डुबोने के पाँच साल और हिंदुत्व की ब्रांडिंग पर खर्चा करती सरकार
    28 Jan 2022
    आर्थिक मामलों के जानकार संतोष मेहरोत्रा कहते हैं कि साल 2012 से लेकर 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर हर साल तकरीबन 6 फ़ीसदी के आसपास थी। लेकिन साल 2017 से लेकर 2021 तक की कंपाउंड आर्थिक…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!
    28 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License