NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मोरक्को की सत्ताधारी पार्टी को संसदीय चुनावों में मिली भारी हार
राजशाही-समर्थक नेशनल रैली फॉर इंडिपेंडेंट्स ने 'डेमोक्रेटिक वे' पार्टी सहित अधिकांश वामपंथी और प्रगतिशील वर्गों से चुनावों में बढ़त हासिल कर ली है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Sep 2021
मोरक्को की सत्ताधारी पार्टी को संसदीय चुनावों में मिली भारी हार

गुरुवार 9 सितंबर को मोरक्को के संसदीय चुनावों के लिए घोषित प्रारंभिक परिणाम में सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (पीजेडी) ने 2016 में हुए पिछले चुनावों में जीती अपनी 125 सीटों में से अधिकांश सीटों को खो दिया है। विपक्षी राजशाही-समर्थक नेशनल रैली फॉर इंडिपेंडेंट्स (एनआरआई) और ऑथेंटिसिटी एंड मोडर्निटी पार्टी (पीएएम) को बड़ी बढ़त मिली है जिससे त्रिशंकु संसद की संभावना बढ़ गई है।

कुल 395 सीटों में से अब तक घोषित प्रारंभिक परिणामों के अनुसार पीजेडी ने सिर्फ 12 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं एनआरआई और पीएएम 97 और 78 सीटें जीत चुकी हैं।

अरब आंदोलन के बाद देश में साल 2011 में नया संविधान अपनाने के बाद से तीसरे संसदीय चुनावों के लिए ये मतदान बुधवार 8 सितंबर को हुआ। इसमें देश के 25.2 मिलियन पात्र मतदाताओं में से केवल 50% से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया। फिर भी यह साल 2016 के पिछले चुनावों की तुलना में अधिक था। उस समय केवल 43% मतदान हुआ था।

कोविड-19 महामारी के प्रकोप और समाज के कई वर्गों और कई राजनीतिक दलों द्वारा मतदान का बहिष्कार करने का आह्वान करने के चलते बुधवार को संभवतः कम मतदान हुआ। वामपंथी और प्रगतिशील वर्गों ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया में लोकतंत्र पूरी तरह अनुपस्थित है।

अधिकारियों द्वारा लोगों को वोट देने के लिए आग्रह करने के लिए काफी समय लगाने और प्रयास करने के बावजूद मोरक्को में कुल 25.2 मिलियन योग्य मतदाताओं में से केवल 17.5 मिलियन मतदाता सूची में पंजीकृत हैं और वोट देने के योग्य हैं।

इस चुनाव के लिए देश की चुनावी प्रणाली को बदल दिया गया था जहां प्रोपोजल रिप्रेजेंटेशन का एक प्रकार लागू किया गया है। यह इस बार सत्तारूढ़ पीजेडी के नुकसान के लिए काम किया होगा और संसद में अधिक विविध प्रतिनिधित्व होगा।

देश में 2011 का संविधान मोरक्को को एक संवैधानिक राजतंत्र बनाता है। मोरक्को इस साल के चुनाव का उपयोग राजा द्वारा नियुक्त समिति द्वारा तैयार किए गए 'नए विकास मॉडल' के लिए समर्थन प्राप्त करने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, समाज के कई वर्गों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्थाएं और संस्थान उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। देश में मानवाधिकार आंदोलन और नागरिक समाज लोकतांत्रिक स्वतंत्रता में खतरनाक गिरावट, विशेषकर उग्रवादियों और विपक्षी संगठनों पर बढ़ते हमले की ओर संकेत देते रहे हैं। इसके चलते बहिष्कार का आह्वान किया गया है।

Morocco
Morocco govt
Justice and Development Party

Related Stories

112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी

स्पेन की शीर्ष अदालत का कथित युद्ध अपराधों की शिकायतों में पोलिसारियो फ्रंट के प्रमुख की हिरासत से इनकार

मोरक्को के प्रवासियों के सीमावर्ती शहर सेउटा में प्रवेश करते ही स्पेन ने सुरक्षा बढ़ा दी

सीमा क्षेत्र को बंद करने के अल्जीरिया के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मोरक्को के किसानों का प्रदर्शन

दुनिया भर के प्रगतिशील तबक़ेने पश्चिमी सहारा में मोरक्को के हमले का विरोध किया

तुर्की-समर्थक नेता ने उत्तरी साइप्रस में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

प्रतिद्वंद्वी लीबियाई समूह शांति को लेकर चर्चा करने के लिए मोरक्को में बैठक की

मोरक्को : यूनियन ने निजी स्कूलों को COVID-19 संकट निधि का लाभ उठाने से रोका

जेलों में कोरोना के प्रसार के ख़तरे के बीच मोरक्को ने 5600 से ज़्यादा क़ैदियों को रिहा किया


बाकी खबरें

  • lalu
    भाषा
    चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया
    15 Feb 2022
    अदालत ने 29 जनवरी को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी है।
  • kanpur
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: कानपुर क्या बदलाव के लिए तैयार है?
    15 Feb 2022
    कानपुर शहर को औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन कोविड महामारी ने कानपुर के उद्योग की कमर तोड़ कर रख दी है। बेरोज़गारी बढ़ गई है। जो मज़दूर काम कर रहे हें उनका वेतन काफी कम हो गया है।
  • Gyana Devi
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बग़ैर किसी सरकारी मदद के अपने वजूद के लिए लड़तीं कोविड विधवाएं
    15 Feb 2022
    राज्य भर के हज़ारों परिवारों को मुआवज़ा मिलने के कोई आसार नहीं हैं, क्योंकि लोगों के पास स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच नहीं है और इसलिए, कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई मौत का वे "सबूत" नहीं दे सकते।
  • एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी आक्रमकता को कम किया
    15 Feb 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को बाइडेन द्वारा किए गए फ़ोन के बारे में व्हाइट हाउस ने जो बयान जारी किया है वह हालिया अमेरिकी घोषणाओं से अलग है।
  • यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    15 Feb 2022
    "हमें तो खेती करने के लिए और क़र्ज़ ही लेना पड़ रहा है फ़ायदे की तो बात ही छोड़ दीजिए। अभी तो हाल यह हो गया है कि खेती में लागत का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License