NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मोरक्को : यूनियन ने निजी स्कूलों को COVID-19 संकट निधि का लाभ उठाने से रोका
लाभ-केंद्रित निजी स्कूलों के महासंघ ने COVID-19 फ़ंड से वित्तीय सहायता मांगी थी। इनमें से कई स्कूल लॉकडाउन के दौरान भी फ़ीस वसूल रहे हैं जबकि ये शिक्षकों को तनख़्वाह दे रहे हैं और न ही ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
14 May 2020
pd

एजुकेशन इंटरनेशनल (ईआई) ने 13 मई को एक बयान में कहा कि शिक्षा क्षेत्र में मोरक्को के यूनियनों ने लाभ-केंद्रित निजी स्कूलों के महासंघ को सीओवीआईडी 19 संकट कोष से वित्तीय सहायता हासिल करने से सफलतापूर्वक रोक दिया है।

ईआई ने कहा इनमें से कई स्कूल "20 मार्च से स्कूल बंद होने के बावजूद अभिभावकों को ट्यूशन फीस देने के लिए मजबूर कर रहे थे। हालांकि, न तो ऑनलाइन क्लास हुईं और न ही फीस के रुप में इकट्ठा किए गए पैसों में से शिक्षकों को तनख्वाह दी गई।" वास्तव में इनमें से कई की नौकरी चली गई।

ईआई ने कहा, इस परिस्थिति में संकट निधि से वित्तीय सहायता मांगने के अलावा "महासंघ ने निजी क्षेत्र के शिक्षाकर्मियों के वेतन का भुगतान करने से छूट की भी मांग की है यदि माता-पिता ने फीस देने से इनकार कर दिया। और इसने नेशनल सोशल सिक्योरिटी फंड में योगदान को बंद करने के लिए कहा और चालू वर्ष के लिए कर छूट पर बातचीत करने का प्रयास किया।"

मोरक्को के शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की ईआई से मान्यताप्राप्त यूनियन जिसने इसके विपरीत "सीओवीआईडी-19 सॉलिडियरिटी फंड के लिए तीन महीने में तीन दिनों का वेतन दान करने के लिए सदस्यों को तैयार किया था"। इसने निजी स्वामित्व वाले स्कूल के इस व्यवहार के प्रति कड़ी आपत्ति जताई।

महामारी से "लाभ उठाने" का आरोप लगाते हुए इन यूनियनों ने आधिकारिक तौर पर एक पत्र लिख कर में प्रधानमंत्री साद-एदिन एल ओसमानी से कार्रवाई की मांग की थी। यूनियनों ने भी संसदीय सत्र में सांसदों के साथ "रणनीतिक गठबंधन" बनाकर इस मुद्दे को सफलतापूर्वक उठाया था।

ईआई ने कहा, इसके "परिणामस्वरूप, अर्थव्यवस्था, वित्त और प्रशासनिक सुधार के मंत्री ने संसदीय सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों के महासंघ को सभी अनुरोधों को ख़ारिज कर दिया।"

इसके अलावा, "श्रम मंत्री ने यह भी कहा कि जिन निजी स्कूलों ने शिक्षकों को हटा दिया या उन्हें तकनीकी बेरोज़गारी के चलते उन्हें बाहर कर दिया और इन स्कूलों ने वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है जबकि माता-पिता अभी भी ट्यूशन फीस जमा कर रहे थे तो उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।"

 

Morocco
COVID-19
private schools

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License