NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
एक ही मंडप में हुई मां-बेटी की शादी
बेला ने कहा, 'मेरे दो बेटों और दो बेटियों की शादी पहले ही हो गई है। छोटी बेटी की शादी के बाद मैंने अपने देवर के साथ अपनी शादी का फैसला किया। मेरे सभी बच्‍चे खुश हैं।'
भाषा
11 Dec 2020
एक ही मंडप में हुई मां-बेटी की शादी
फोटो साभार : नवभारत टाइम्स

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के पिपरौली विकास खंड में मुख्‍यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह में मां और उसकी बेटी दोनों की शादी हुई। इस दौरान कुल 63 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ लेकिन मां-बेटी की शादी ने सभी का ध्‍यान आकर्षित किया।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्‍यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पिपरौली में आयोजित सामूहिक विवाह में 53 वर्षीय एक महिला और उसकी 27 वर्षीय बेटी की शादी हुई।

अधि‍कारियों के अनुसार बेला नामक एक महिला की शादी हरिहर से हुई थी जिसकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। उन्होंने बताया, ‘‘बेला के पति हरिहर की मौत करीब 25 वर्ष पहले हो गई थी। बेला की शादी अपने पहले पति के छोटे भाई 55 वर्षीय जगदीश के साथ हुई जो अभी तक अविवाहित थे जबकि उसी सामूहिक समारोह में बेला की छोटी बेटी इंदू की भी शादी हुई।’’ इस समारोह में एक मुस्लिम जोड़े समेत कुल 63 जोड़ों का विवाह पिपरौली विकास खंड के अधिकारियों के अलावा वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।

बेला ने कहा, 'मेरे दो बेटों और दो बेटियों की शादी पहले ही हो गई है। छोटी बेटी की शादी के बाद मैंने अपने देवर (पति के छोटे भाई) के साथ अपनी शादी का फैसला किया। मेरे सभी बच्‍चे खुश हैं।'

इंदु ने कहा, 'मेरी मां और चाचा ने हमारी देखभाल की है और मुझे बहुत खुशी है कि अब दोनों एक-दूसरे की देखभाल करेंगे।'

UttarPradesh
Chief minister mass marriage scheme
Mother-daughter marriage

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला

ज्ञानवापी विवाद में नया मोड़, वादी राखी सिंह वापस लेने जा रही हैं केस, जानिए क्यों?  

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कमिश्नर बदलने की याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित, अगली सुनवाई 9 को


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License