NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
डीयू प्रशासन का नोटिस, विरोध-प्रदर्शन करने वाले 24 घंटे पहले आयोजन की सूचना दें
नोटिस के अनुसार, आयोजकों द्वारा 24 घंटे पहले प्रॉक्टर कार्यालय को कार्यक्रम की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। हालांकि तमाम छात्र संगठनों ने इसे अलोकतांत्रिक बताया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Dec 2019
DU

नई दिल्ली: देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि किसी भी ‘विरोध प्रदर्शन’ या ‘जमावड़े’ की उसे अग्रिम सूचना दी जानी चाहिए।

इस संबंध में प्रॉक्टर नीता सहगल द्वारा 27 दिसंबर को जारी किए गए एक नोटिस के अनुसार आयोजक को कार्यक्रम की जानकारी, वक्ताओं की सूची, प्रतिभागियों की अपेक्षित संख्या आदि जैसी अन्य जानकारियां प्रस्तुत करनी होगी।

नोटिस के अनुसार,“कला संकाय गेट और आसपास के क्षेत्र के बाहर एकत्रित होने और विरोध-प्रदर्शन की पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। आयोजकों द्वारा 24 घंटे पहले प्रॉक्टर कार्यालय को कार्यक्रम की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।”
DU notice.JPG
आपको बता दें यह नोटिस एनआरसी और सीएए के विरोध में आयोजित उस कार्यक्रम के दो दिन बाद आया है जिसमें लेखिका अरुधंति राय और कलाकार जीशान अयूब ने हिस्सा लिया था।

वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे “अलोकतांत्रिक” करार दिया और कहा कि यह नागरिकों के विरोध करने के संवैधानिक अधिकार का हनन है।

छात्र संगठन द्वारा जारी स्टेटमेंट में कहा गया है, 'प्रतिरोध हमारा अधिकार है! हमे विरोध करने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है! प्रतिरोध करना सभी नागरिकों और छात्रों का संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी तरह के पेपरवर्क से मुक्त रखना चाहिए।'

वहीं, एक दूसरे छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन ने प्रशासन के इस नोटिस की निंदा की है और कहा है, 'यह मनमाना नोटिस छात्रों और छात्र संगठनों की लोकतांत्रिक आवाज पर आघात करने का प्रयास करता है।'

दूसरी ओर डीयू प्रशासन के इस आदेश पर शिक्षकों ने भी रोष व्यक्त किया है। आपको बता दें कि डीयू में एडहॉक शिक्षकों के समर्थन में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी हाल में प्रदर्शन किया था।

प्रशासन के इस आदेश पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के वाइस प्रेसीडेंट राजीव कुमार कहते हैं, 'प्रशासन किस आधार पर पूर्व में सूचना देने की बात कर रहा है। आर्ट फैकल्टी गेट के बाहर की जगह कैंपस के अंदर नहीं आती है। यह प्रशासन द्वारा छात्रों और शिक्षकों के लिए उपलब्ध सार्वजनिक जगह को भी हथियाने का प्रयास है।'

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Delhi University
CAA
NRC
students protest
Delhi University Students Protest
SFI
AISA
DU Teachers Protest
Democratic Teachers Front
MHRD
ramesh pokhriyal

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

ज्ञानवापी पर फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में डीयू के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत मिली

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी


बाकी खबरें

  • RRB NTPC
    एम.ओबैद
    बिहार आरआरबी-एनटीपीसी छात्र आंदोलनः महागठबंधन माले नेता ने कहा- ये सरकार लोकतंत्र विरोधी है
    28 Jan 2022
    "सरकार चाहती ही है कि देश में रोजगार समाप्त हो। पीएम मोदी और उनके मंत्री और पूर्ववर्ती रेल मंत्री पहले कहते रहे हैं कि देश में निजीकरण ज़रुरी है और रोज़गार तो पकौड़ा तलना है। बीजेपी की पकौड़ा तलने की…
  • bsp
    भाषा
    यूपी में सपा समर्थकों में लाल टोपी का चलन बढ़ा, बिक्री में भी इज़ाफ़ा
    28 Jan 2022
    लखनऊ में प्रचार सामग्री बेचने वाले बता रहे हैं कि रैलियों व जुलूस पर चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण बैनर व पोस्टर उतने नहीं बिक रहे जितनी सपा की ‘लाल टोपी’। 
  • Google Airtel
    भाषा
    भारती एयटेल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी गूगल, 1.28 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदेगी
    28 Jan 2022
    इस करार में इक्विटी निवेश के साथ-साथ संभावित वाणिज्यिक समझौतों के लिए एक कोष भी शामिल है, जिसके तहत समझौतों को अगले पांच वर्षों के दौरान पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर मंजूरी दी जाएगी। गूगल यह निवेश…
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिना कारण बताए मेरे हेलीकॉप्‍टर को रोका गया, यह भाजपा की साज़िश : अखिलेश यादव
    28 Jan 2022
    अखिलेश ने आज दोपहर पहले ट्वीट किया कि उनके हेलीकॉप्टर को दिल्ली में रोक कर रखा गया है, फिर करीब 40 मिनट बाद बताया कि वे उड़ान भरने जा रहे हैं। इसे उन्होंने कुछ इन शब्दों में कहा- "हम जीत की ऐतिहासिक…
  • Xiomara
    पीपल्स डिस्पैच
    होंडुरास: राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ज़ियोमारा कास्त्रो बनेंगी राष्ट्रपति
    28 Jan 2022
    पारंपरिक रूढ़ीवादी वर्गों द्वारा कास्त्रो के होंडुरास में बदलावों वाले प्रस्तावों को रोकने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में कास्त्रो के शपथ ग्रहण से पहले तनाव बढ़ रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License