NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एनसीपी ने अर्नब और दासगुप्त के बीच हुई कथित बातचीत पर जेपीसी की मांग की
‘‘यह बेहद स्तब्ध व परेशान करने वाला है कि कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे का इस्तेमाल टीआरपी पाने के लिए किया गया।’’
भाषा
18 Jan 2021
cartoon click

मुम्बई, 18 जनवरी (भाषा) शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सोमवार को सरकार से ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और टेलीविजन रेटिंग एजेंसी बीएआरसी (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन करने की मांग की।

एनसीपी के प्रमुख प्रवक्ता महेश तपासे मीडिया में वायरल उस कथित बातचीत का जिक्र कर रहे थे, जिसके अनुसार गोस्वामी को बालाकोट हवाई हमले के बारे में कई गुप्त जानकारियों का पता था।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह बेहद स्तब्ध व परेशान करने वाला है कि कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे का इस्तेमाल टीआरपी पाने के लिए किया गया।’’

तपासे ने कहा कि वह इस संबंध में बातचीत करने के लिए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मंगलवार को मुलाकात करेंगे और ‘चैटगेट’ पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी स्पष्टीकरण मांगेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ सवाल यह भी उठता है कि अर्नब को कैसे इतनी संवेदनशील जानकारियां पता थी। गृह मंत्रालय को तुरंत इस सूत्र का पता करना चाहिए और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।’’

तपासे ने दावा किया कि गोस्वामी मुम्बई पुलिस और महा विकास अघाड़ी सरकार (एमवीए) की छवि खराब करने में सबसे आगे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ टीवी पर बहस के दौरान, उन्होंने पालघर घटना को साम्प्रदायिक रूप देने की कोशिश की। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में उन्होंने मुद्दे को विषय से भटकाया और गलत व्याख्यान पेश किया। यह सब कुछ केवल एमवीए सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा को अर्नब गोस्वामी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

गौरतलब है कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) के पूर्व सीईओ दासगुप्ता को मुम्बई पुलिस की अपराध शाखा ने गत वर्ष 24 दिसम्बर को कथित टीआरपी हेराफेरी मामले में गिरफ्तार किया था। रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर स्तर बढ़ने के बाद दासगुप्ता को शनिवार को सरकारी जे. जे. अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुम्बई पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने समाचार चैनल के दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए दासगुप्ता को ‘‘लाखों रुपये’’ की रिश्वत कथित तौर पर दी थी।

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
arnab goswami
Republic TV

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!


बाकी खबरें

  • मोदी सरकार क्यों भूल गयी, " सबका साथ, सबका विकास" ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार क्यों भूल गयी, " सबका साथ, सबका विकास" ?
    13 Aug 2021
    कानपुर में खुलेआम सड़क पर एक मुस्लिम आदमी को उसकी सात साल की बच्ची के सामने पीटा जाता है, जय श्री राम के नारे लगाए जाते हैं। और उधर आज प्रधानमंत्री मोदी गुजरात मे निवेशकों को सम्बोधित करते हैं।
  • वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति : फिदेल कास्त्रो
    अनीश अंकुर
    वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति : फिदेल कास्त्रो
    13 Aug 2021
    50 वर्षों तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा में उस समय क्रांति को अंजाम दिया जब लैटिन अमेरिका के लगभग सभी देश तानाशाही के अधीन थे। क्यूबा लैटिन अमेरिकी देशों में स्वतन्त्रता…
  • गाज़ा मत्स्य क्षेत्र का इस्तेमाल इज़रायल फ़िलिस्तीनीयों को सामूहिक सज़ा देने के लिए कर रहा है
    अब्दुल रहमान, अभिजान चौधरी
    गाज़ा मत्स्य क्षेत्र का इस्तेमाल इज़रायल फ़िलिस्तीनीयों को सामूहिक सज़ा देने के लिए कर रहा है
    13 Aug 2021
    रॉकेट हमलों का वास्ता देकर इज़रालय अक्सर मत्स्य क्षेत्र को प्रतिबंधित कर देता है, जिससे हज़ारों फ़िलिस्तीनियों की आजीविका और खाद्यान्न ख़तरे में आ जाते हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक; फुल ड्रेस रिहर्सल: क्या से क्या हो गए देखते-देखते!
    13 Aug 2021
    फुल ड्रेस रिहर्सल: साल दर साल...विकास के पथ पर सरकार। जी हां, देखिए इस ऐतिहासिक मौक पर गौर से देखिए, कोविड की मार के अलावा बेरोज़गारी और महंगाई आज चरम पर है। आम आदमी का दम निकल रहा है। दूसरी तरफ़ ‘…
  • लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू
    पीपल्स डिस्पैच
    लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू
    13 Aug 2021
    ये वार्ता एक संवैधानिक ढांचे पर एक समझौते की योजना बनाने की कोशिश कर रही है जो देश को एकजुट करने के उद्देश्य से आगामी राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों को संचालित करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License