NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
मुसलमानों की नागरिकता पर हमले का हथकंडा है NPR और NRC
मोहसिन आलम भट्ट का कहना है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता पर सवाल उठाने का अधिकार सरकारी अफ़सरों को नहीं मिलना चाहिए बल्कि यह एक क़ानूनी प्रक्रिया है, जिसे अदालतों में तय किया जाना चाहिएI
न्यूज़क्लिक
14 Jan 2020

नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के विरोध के बीच सरकार ने एनपीआर का नया राग छेड़ दिया हैI सरकार की दलील है कि एनपीआर जनगणना की तरह ही एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन गौर से देखें तो यह एनआरसी की पहली सीढ़ी हैI एनपीआर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जो एनआरसी लिस्ट जारी की जानी है, वह असम से भी ज्यादा ख़तरनाक होगीI

एनपीआर की प्रक्रिया में तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को छूट दी गई है कि वे शक के आधार पर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता पर सवाल उठा सकते हैंI हैरत की बात नहीं है कि ये सरकारी मुलाज़िम अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर एक समुदाय विशेष की नागरिकता पर सवाल उठाएंगेI इसलिए मोहसिन आलम भट्ट का कहना है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता पर सवाल उठाने का अधिकार सरकारी अफ़सरों को नहीं मिलना चाहिए बल्कि यह एक क़ानूनी प्रक्रिया है, जिसे अदालतों में तय किया जाना चाहिएI

UttarPradesh
UpPolice
YogiAdityanath
Jamia
Modi
AmitShah
loksabha
RajSabha

Related Stories

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

अबकी बार, मोदी जी के लिए ताली-थाली बजा मेरे यार!

“कहां तो तय था चराग़ाँ….” CM योगी के वायदे और प्रति व्यक्ति आय में पिछड़ता यूपी

यूपी: आज़मगढ़ में पुलिस पर दलितों के घर तोड़ने, महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप; परिवार घर छोड़ कर भागे

हाथरस मामला: दो आरोपी गिरफ़्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फ़रार, एक लाख का इनाम घोषित

आगरा: भूख और बीमारी से बच्ची की मौत मामले में NHRC का योगी सरकार को नोटिस, विपक्ष ने भी मांगा जवाब

UP: हिंदी में फेल 8 लाख स्टूडेंट हमारी जीवन चिंतन का हिंदी से दूर हो जाने का रिजल्ट है !

यूपी : आगरा के बाद उन्नाव रेप पीड़िता ने तोड़ा दम, कहाँ है अच्छी क़ानून व्यवस्था?

"जेल में पुलिस ने हमारे कपड़े उतरवा दिए और हमें रात-दिन टॉर्चर किया"

ट्रांसजेंडर बिल को ट्रांस समुदाय ने बताया 'जेंडर जस्टिस मर्डर' बिल


बाकी खबरें

  • bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एक बार फिर बाढ़ की चपेट में उत्तर बिहार, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
    22 Oct 2021
    'लोगों के सामने खाने पीने की वस्तुओं की कमी है। बीमार बच्चे और वृद्ध लोगों के इलाज में समस्याएं हो रही हैं। मवेशियों के लिए चारा मिलना मुश्किल है, ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित है।'
  • custodial death
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश: पुलिस की ज़्यादती का एक और मामला, सफ़ाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत
    22 Oct 2021
    घटना से वाल्मीकि समाज ग़ुस्से में है। दलित कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग पोस्टमार्टम स्थल पर इकट्ठा हो गए और संबंधित पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
  • jail
    सोनिया यादव
    प्रिवेंटिव डिटेंशन क्या क़ानून के नाम पर भरपूर मनमानियां करने का ज़रिया है?
    22 Oct 2021
    एहतियातन हिरासत को लेकर देश के 100 रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू को एक खुली चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस अधिसूचना को जारी करने में 43 वर्षों की…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!
    22 Oct 2021
    100 करोड़ वैक्सीन डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता।
  • jammu
    अबास राथर
    जम्मू-कश्मीर: सुस्त प्रशासन का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना जारी
    22 Oct 2021
    जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के लगभग नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन नौकरशाही और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी संगति नहीं बन सकी है। यह होने की बजाय, हम केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License