NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नेफ़्ताली बेनेट इज़रायल के नए प्रधानमंत्री बने
हफ़्तों की अटकलों और अनिश्चितता को समाप्त करते हुए नई सरकार को इज़रायल की संसद में रविवार को हुए मतदान में 59 के मुक़ाबले 60 का मामूली बहुमत मिला।
पीपल्स डिस्पैच
14 Jun 2021
नेफ़्ताली बेनेट

अतिदक्षिणपंथी नेता नेफ्ताली बेनेट ने बेंजामिन नेतन्याहू को रविवार 13 जून को इजरायल के प्रधानमंत्री के रूप में विदा कर दिया। उनके "चेंज कॉलिशन" को इजरायल की संसद में मामूली बहुमत मिला। इस मतदान ने इजरायल की राजनीति में दो साल की अनिश्चितता को समाप्त कर दिया।

केसेट (एमके) के कुल 120 सदस्यों में से 60 सदस्यों ने नई सरकार के पक्ष में मतदान किया जबकि 59 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। अरब लिस्ट के एक सदस्य इस मतदान में शामिल नहीं हुए। इस मतदान ने नेतन्याहू की लगातार 12 साल की सत्ता को समाप्त कर दिया। वह कुल 15 साल तक प्रधानमंत्री रहे।

केसेट में मतदान के बाद अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने सत्ता में वापस आने का संकल्प लेते हुए कहा कि वह मौजूदा सरकार को गिराने की कोशिश करेंगे जो इजरायल के लिए खतरनाक है। उन्होंने अपने समर्थकों से नई सरकार का विरोध करने को भी कहा।

नेतन्याहू के हवाले से यह भी लिखा गया था कि वह सोमवार को राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन के आवास के सामने नई सरकार को सत्ता सौंपने के पारंपरिक समारोह में भाग नहीं लेंगे।

नई सरकार के गठन से इजरायल की राजनीति में राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त होने की उम्मीद है। 23 मार्च के चुनावों में कोई भी गठबंधन या पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई। ये चुनाव अप्रैल 2019 के बाद से दो साल में चौथा चुनाव था।

इज़रायल की ये 36 वीं सरकार है जो वैचारिक रूप से असमान राजनीतिक समूहों से मिलकर बने इस गठबंधन ने अपना नाम "चेंज कॉलिशन" रखा है। इस गठबंधन में दक्षिणपंथी दल येश अटिड (17 सीटें), ब्लू एंड व्हाइट (8 सीटें), इसराइल बेयटेनु (7 सीटें), लेबर (7), यामिना (7 एमके में से 6) न्यू होप (6सीटे), और वामपंथी मेरेट्ज (6सीटे), और इस्लामिस्ट रा'म या यूनाइटेड अरब लिस्ट (4 एमके में से 3) शामिल हैं।


नई सरकार बनाने के लिए हस्ताक्षरित गठबंधन समझौते के अनुसार येश अटिड के यायिर लापिड अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री का पद सौंपे जाने तक विदेश मंत्री होंगे। बेनी गैंट्ज़ रक्षा मंत्री बने रहेंगे। 

नेफ्ताली बेनेट (49 वर्ष) सेटलर मूवमेंट के नेता हैं और एक अति दक्षिणपंथी नेता हैं जो मानते हैं कि इज़रायल को वेस्ट बैंक के अधिकांश हिस्से को जोड़ना चाहिए और फिलिस्तीन के मुद्दे को किसी समाधान की आवश्यकता नहीं है। वह यामिना पार्टी (राइटवार्ड) के नेता हैं, जो अर्थव्यवस्था को लेकर उदारवादी विचार रखती है।

Israel
Naftali Bennett
Israel New PM

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License