NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
नांगलोई : नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना, पुलिस ने नहीं दर्ज की एफ़आईआर
पीड़िता के परिवार ने बताया है कि आरोपी सुनील गुप्ता ने 2 साल पहले पीड़िता की बड़ी बहन के साथ भी बलात्कार किया था, जिसके बाद वह ज़मानत पर बाहर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Feb 2021
stop rape

दिल्ली स्थित नांगलोई के रनहोला इलाक़े में 4 फ़रवरी को एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। 2 दिन गुज़र जाने के बाद अभी तक पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज नहीं की है। ख़बर लिखे जाने के वक़्त पीड़िता का परिवार वकील के साथ 164 के बयान के लिए कोर्ट में मौजूद थे। आरोपी की पहचान सुनील गुप्ता के तौर पर हुई है, जिसने 3 अन्य लोगों के साथ 4 फ़रवरी की सुबह 9 बजे पीड़िता को अगवा किया जब वह सामान लेने घर से बाहर गई थी।

ग़ौरतलब है कि इन्हीं आरोपियों ने 2 साल पहले पीड़िता की बड़ी बहन के साथ गैंगरेप किया था। सभी आरोपी 2 साल से ज़मानत पर बाहर हैं। इसके बावजूद पुलिस एफ़आईआर करने से इनकार कर रही है।

पीड़िता की माँ ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "सुनील गुप्ता ने पहले मेरी बड़ी बेटी के साथ ग़लत काम किया था, फिर अब मेरी छोटी बेटी के साथ। यह लोग बहुत समय से हमें परेशान कर रहे हैं, कभी बेटे की आँख फोड़ देते हैं, कभी उसे पीटते हैं।"

पीड़िता के वकील आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया, "4 फ़रवरी से अब तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस बस इधर उधर बात घुमा रही है।"

पीड़िता की माँ ने दो साल पहले हुई घटना को याद करते हुए कहा, "2 साल पहले भी यही लोग थे, 4 दिन पुलिस ने अंदर रखा था और छोड़ दिया था। इन लोगों की पुलिस से मिलीभगत है, पुलिस इनको बचा रही है।"

नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के मुताबिक़ साल 2019 में बलात्कार के कुल मामलों में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। दिल्ली में हर रोज़ बलात्कार के 3 मामले दर्ज किए जाते हैं।

ज़ाहिर तौर पर कई मामले नांगलोई की इस घटना जैसे होते हैं, जिसमें पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर देती है, या फिर दर्ज करने में बहुत देर लगाती है।

वकील आशुतोष ने बताया कि आरोपी सुनील गुप्ता किसी सरकारी विभाग में ड्राइवर है इसलिये पुलिस उसे बचा रही है।

पीड़िता के परिवार ने इस मामले की रिपोर्ट रनहोला थाने में करवाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। 

न्यूज़क्लिक ने जब सब इंस्पेक्टर बनवारी लाल को फ़ोन किया, तो उन्होंने मीडिया का नाम सुनते ही फ़ोन रख दिया और उसके बाद से फ़ोन नहीं उठाया।

वकील आशुतोष ने बताया कि बनवारी लाल पीड़िता के परिवार को भटका रहे हैं, और मामले को टालने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़िता के पिता ड्राइवर हैं, और माँ घर संभालती हैं। मामले में पुलिस का रवैया परेशान करने वाला है। प्राथमिकी दर्ज करवाना पीड़ित/पीड़िता का पहला अधिकार होता है। मगर देखा गया है कि छोटे इलाक़ों या बाहरी दिल्ली के मामलों में पुलिस मामले को रफ़ा-दफ़ा करने की कोशिश करती है, क्योंकि आरोपी पुलिस की जान-पहचान के होते हैं।

(अन्य जानकारी और पक्ष सामने आने पर ख़बर को अपडेट किया जाएगा)

Nangloi Rape
rape case
Minor Girl Rape
crimes against women
violence against women
delhi police

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'


बाकी खबरें

  • high court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तेलंगाना हाईकोर्ट का 26वें हफ़्ते में गर्भपात का फ़ैसला ज़रूरी क्यों लगता है?
    21 Oct 2021
    हमारे समाज में महिलाओं के अस्तित्व को अक्सर उनके यौनी और प्रजजन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में एक रेप पीड़िता को 26वें हफ़्ते में गर्भपात की अनुमति देकर तेलंगना हाईकोर्ट का ये कहना की भ्रूण की…
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    शाहरुख मिले आर्यन से , घर पहुंची NCB
    21 Oct 2021
    बोल के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान के क्रूज ड्रग्स केस के बारे में बात कर रहे हैं. इस मामले में में शाहरुख खान के बेटे आर्थर रोड जेल में बंद है. इसी बीच…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिलादुन्नबी के जलूसों पर हुए हमले संघ परिवार की गहरी साजिश का हिस्सा : माकपा
    21 Oct 2021
    "भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा फादर और चादर के नए शब्दों की उत्पत्ति ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा राज में अल्पसंख्यक समुदाय किस हद तक संघ परिवार के निशाने पर हैं।"
  • Easy Guide to Make Patients Aware of Their Rights
    ऋचा चिंतन
    भारत में मरीज़ों के अधिकार: अपने हक़ों के प्रति जागरूक करने वाली ‘मार्गदर्शक’ किताब
    21 Oct 2021
    यह पुस्तक मरीजों, तीमारदारी करने वालों, कार्यकर्ताओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को मरीजों के अधिकारों को मानव अधिकारों के तौर पर स्थापित और लागू करने के लिए एक उपयोगी संसाधन के बतौर है।
  • jammu and kashmir
    अजय कुमार
    आर्टिकल 370 के ख़ात्मे के बाद पनपी वह प्रवृत्तियां जिसका शिकार आम कश्मीरी बन रहा है!
    21 Oct 2021
    पिछले दो साल में 5 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां चली गई है। इस अवधि में यहां पनपी अन्य प्रवृतियां जो कश्मीर की अंतहीन पीड़ा को बद से बदतर बना रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License