NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया में आम चुनाव स्थगित करने के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय हड़ताल जारी
सोशल मूवमेंट और ट्रेड यूनियनों ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी मांग अब सिर्फ लोकतांत्रिक चुनावों की ही नहीं है बल्कि पूरी तख्तापलट सरकार का तत्काल इस्तीफ़ा भी है।
पीपल्स डिस्पैच
07 Aug 2020
बोलीविया

लगातार चौथे दिन 6 अगस्त को हज़ारों नागरिक देश में आम चुनावों को स्थगित करने के फैसले को खारिज करने के लिए बोलीविया की सड़कों पर उतर गए। इस राष्ट्रीय हड़ताल और देश भर में सड़कों को ब्लॉक करने का आह्वान बोलिवियन ट्रेड यूनियन सेंटर सेंट्रल ओबेरा बोलिवियाना (सीओबी) द्वारा किया गया। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों और हिस्सों में फैल गया।

इस आम हड़ताल के चौथे दिन बोलिविया का राष्ट्रीय दिवस भी पड़ गया। 6 अगस्त 1825 को बोलीविया ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर किया और आधिकारिक तौर पर एक संप्रभु राष्ट्र बन गया। साल 1825 में लिबरेटर सिमोन बोलिवर के नेतृत्व में लोगों ने स्पेनिश उपनिवेशवाद को हरा दिया। 195 साल के बाद बोलीवियावासी लोकतंत्र और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए और देश के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ एक नई लड़ाई लड़ रहे हैं।

इस अवसर पर सीओबी के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों और सोशल मूवमेंट के सदस्यों को ब्लॉक किए गए सड़कों पर राष्ट्रगान गाने के लिए कहा जहां बोलिवियाई लोग यह मांग करते हुए विरोध कर रहे हैं कि ये चुनाव 6 सितंबर को ही कराए जाएं जिस पर मूल रुप से सहमति बन चुकी है न कि फिर से निर्धारित की गई तारीख 18 अक्टूबर के दिन।

सोशल मूवमेंट और ट्रेड यूनियनों जैसे कि इंडिजिनस पीजैंट वर्कर्स फेडरेशन 'पोंचोस रोजोस’ ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी मांग अब सिर्फ लोकतांत्रिक चुनाव नहीं है बल्कि जीनेन एनेज के नेतृत्व वाली पूरी तख्तापलट सरकार का तत्काल इस्तीफ़ा भी है। उन्होंने देश की बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली को लेकर तख्तापलट सरकार की निंदा की और इस वर्ष के शैक्षणिक वर्ष को रद्द करने के उसके फैसले को खारिज कर दिया।

अमेरिका में बोलिवियन समुदाय ने भी सामाजिक आंदोलनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए वाशिंगटन डीसी में मार्च किया जो बोलीविया में लोकतंत्र की पुनःस्थापना के लिए लड़ रहे हैं।

5 अगस्त की रात को सीओबी ने घोषणा की कि ट्रेड यूनियन और सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) के बीच संवाद प्रक्रिया बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। ट्रेड यूनियन सेंटर ने विरोध को अनिश्चित काल तक जारी रखने और सरकार के ख़िलाफ़ अपने संघर्ष को मजबूत करने की घोषणा की।

bolivia
Bolivia Elections
Social Movement
trade unions
Bolivia Protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

केंद्रीय बजट-2022: मजदूर संगठनों ने कहा- ये कॉर्पोरेटों के लिए तोहफ़ा है

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

वेतन संशोधन समझौते: तमिलनाडु के मज़दूरों ने जीतीं अहम लड़ाइयां 


बाकी खबरें

  • UP Teachers Protest
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : आगामी चुनाव से पहले लाखों शिक्षकों ने योगी सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को कहा
    02 Dec 2021
    विरोध करने वाले शिक्षकों ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पूर्व वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए की किस्त और बक़ाया राशि जारी करने सहित कई मांगें…
  • bhopal gas tragedy
    अनिल जैन
    भोपाल गैस त्रासदी के 37 बरस, अभी भी थमा नहीं है लोगों का मरना! 
    02 Dec 2021
    आज से ठीक 37 वर्ष पहले दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड के कारखाने से निकली जहरीली गैस (मिक यानी मिथाइल आइसो साइनाइट) ने अपने-अपने घरों में सोए हजारों लोगों को एक झटके में ही…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    मजबूत गठजोड़ की ओर अग्रसर होते चीन और रूस
    02 Dec 2021
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने उच्च-स्तरीय “स्रोत” के हवाले से खुलासा किया है कि बीजिंग का 2022 के शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिकी एवं पश्चिमी राजनेताओं को आमंत्रित करने का कोई इरादा…
  • left
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन
    02 Dec 2021
    इस प्रदर्शन को सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, प्रकाश करात, हन्नान मौल्ला और दिल्ली राज्य कमेटी के नेताओं ने संबोधित किया। इस प्रदर्शन में सांप्रदायिकता का दंश झेल चुके उत्तर पूर्वी दिल्ली…
  • covid
    संदीपन तालुकदार
    ओमिक्रॉन: घबराने की नहीं, सावधानियां रखने की ज़रूरत है
    02 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया सूचना के मुताबिक़, यह साफ़ नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट समेत, पिछले वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है या नहीं। फिर भी यह सुझाव है कि अब भी उतनी ही सावधानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License