NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोरोना संकट के बीच नया नियम: जम्मू कश्मीर में 15 साल रहने वाले को मूल निवासी का दर्जा
जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के क़रीब आठ महीनों बाद केंद्र सरकार ने वहां के मूल निवासियों के संबंध में नियम जारी किए हैं। कोरोना महामारी से जूझ रहे कश्मीर में केंद्र सरकार के इस कदम को राजनेताओं ने दुर्भाग्यपूर्ण और ज़ख़्म पर नमक छिड़कने वाला बताया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2020
jammu and kashmir

कोरोना संकट के बीच केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी के दर्जे पर नए नियम जारी किए गए हैं। इसके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में जिसने भी 15 साल गुजारे हैं, अब वह इस केंद्रशासित प्रदेश का नागरिक होगा। साथ ही जम्मू-कश्मीर में 7 साल तक पढ़ चुका हो और वहां के स्थानीय संस्थान से 10वीं-12वीं की परीक्षाएं दी हैं, वह भी इस केंद्रशासित प्रदेश का नागरिक माना जाएगा। इस कदम को नेताओं ने ज़ख़्म पर नमक छिड़कना करार दिया है।

गौरतलब है कि भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में हैं। कश्मीर में लगातार इससे संक्रमित होने वाले की संख्या में इजाफा हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में बुधवार को कोरोना के और 12 नए मामले मिले। इसके साथ ही में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 67 पहुंच गई है। इनमें दो मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि दो स्वस्थ हो चुके हैं।

अधिसूचना को कश्मीर के नेताओं ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

सरकार के बुधवार के कदम पर नवगठित जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी समेत राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया जतायी है। जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के प्रमुख ने पार्टी के गठन के बाद पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

पार्टी के अध्यक्ष सैयद अल्ताफ बुखारी ने एक बयान में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह ऐसे समय में जारी किया गया जबकि पूरा देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरा ध्यान कोविड महामारी पर होना चाहिए लेकिन सरकार जम्मू कश्मीर के निवासी कानून में लग गयी और यह ज़ख़्मों पर नमक छिड़कना है क्योंकि इस कानून में ऐसी कोई सुरक्षा नहीं है जिसका वादा किया गया था।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि इससे जम्मू कश्मीर के निवासियों की समस्यायें और बढ़ जायेंगी। सज्जाद गनी लोन की जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस ने कहा कि जब पूरी दुनिया महामारी की चपेट में है, ऐसे समय में मूल निवासी नियमों के संबंध में जारी किया गया यह आदेश अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता।

138 कानूनों में बदलाव

नए प्रावधान जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (राज्य कानूनों का अंगीकार) आदेश-2020 नामक एक गजट अधिसूचना के माध्यम से किये गये हैं जिसमें पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर के 138 कानूनों की समीक्षा, संशोधन और निरसन किया गया। संशोधित कानूनों में एक जम्मू कश्मीर सिविल सेवा (विकेंद्रीकरण और भर्ती) अधिनियम है जिसमें मूल निवासी श्रेणी का उपबंध है। इस उपबंध में समूह चार तक की नौकरियों को सुरक्षित बनाया गया है।

नये कानून के अनुसार जम्मू कश्मीर में 15 साल तक रहने वाला या सात साल तक पढ़ाई करने वाले और किसी शैक्षणिक संस्थान में दसवीं एवं बारहवीं कक्षाओं की परीक्षा देने वाला कोई भी व्यक्ति मूल निवासी है। राहत और पुनर्वास आयुक्त (प्रवासी) द्वारा प्रवासी के रूप में पंजीकृत व्यक्ति को भी मूल निवासी माना जायेगा।

राज्य में दस साल तक सेवाएं दे चुके नौकरशाहों (अखिल भारतीय सेवाओं के) के बच्चे भी इस श्रेणी में आयेंगे। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, अखिल भारतीय सेवाओं, सार्वजनिक उपक्रम और केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त इकाइयों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वैधानिक इकाइयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अधिकारियों और केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों के अधिकारियों के बच्चे भी इस श्रेणी में आयेंगे बशर्ते इन अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर में दस साल से अधिक नौकरी की हो।

इस अधिसूचना के अनुसार, उपरोक्त शर्तों में किसी भी शर्त को पूरा करने वाले या जम्मू कश्मीर के ऐसे बाशिंदों के बच्चे, जो अपने रोजगार, कारेाबार या पेशेवर या व्यावसायिक कारणों से इस केंद्रशासित प्रदेश के बाहर रहते हैं लेकिन उनके माता-पिता इस उपखंड की किसी भी शर्त को पूरा करते हैं, तो भी वे इस केंद्रशासित प्रदेश के निवासी समझे जायेंगे।

सरकार ने इस केंद्रशासित प्रदेश के निवासियों के लिए समूह चार की नौकरियां भी सुरक्षित की हैं और कहा कि कोई व्यक्ति तब तक समूह-4 तक के वेतनमान वाले पद के लिए पात्र नहीं होगा जब तक कि वह जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश का मूल निवासी नहीं हो। समूह-4 पुलिस महकमे में कांस्टेबल के दर्जे के कर्मचारी के समान स्तर के हैं।

सरकार ने इस केंद्रशासित प्रदेश के निवासी संबंधी नियम प्रक्रिया तय करते हुए पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के 138 कानूनों में से 28 निरस्त कर दिये हैं। यह केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर 2019 को अस्तित्व में आया था। उससे पहले केंद्र ने पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा वापस ले लिया था और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित कर दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाले भत्ते बंद

बुधवार को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा सदस्य पेंशन कानून मे संशोधन कर पेंशन की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ा कर 75 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है।

कानून के प्रावधान 3-सी, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों को तमाम सुविधाएं मिलती थीं, उसे समाप्त कर दिया गया है। इस संशोधन के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब बिना किराया दिए मकान, आवास के साज-सज्जा पर अधिकतम 35 हजार रुपये प्रति वर्ष खर्च, 48,000 रुपये प्रति वर्ष तक मूल्य के मुफ्त टेलीफोन कॉल, 1,500 रुपये प्रतिमाह तक मुफ्ती बिजली, कार पेट्रोल, चिकित्सा सुविधाएं, ड्राइवर और निजी सहायक आदि नहीं मिलेंगे।

इस कानून को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (राज्य कानूनों का अनुकूलन) आदेश - 2020 के तहत समाप्त किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Jammu and Kashmir
Article 370
Native status
omar abdullah
COVID-19
Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 


बाकी खबरें

  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License