NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
कौन है नीशाल मोदी और फ़रार क्यों है?
क़ानून लागू करने वाली एजेंसियां पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर आरोप तय करने की कोशिश कर रही हैं। एक दूसरा खिलाड़ी, नीरव का छोटा भाई और बेल्जियम का नागरिक, नीशाल, जिसकी शादी अंबानी परिवार में हुई है, वह भी फ़रार है। मगर, सवाल है कि क्यों ?
सौरोदिप्तो सान्याल
16 Jun 2020
neeshal nirav mehul

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) भारत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एक अलग ही तरह की कही जाने वाली सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी का आक्रामक तरीक़े से पीछा करते हुए दिख रहे हैं। इस घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी हैं। धोखाधड़ी में शामिल अनुमानित राशि क़रीब 14,000 करोड़ रुपये की है।

नीरव मोदी और चौकसी, जो कथित रूप से घोटाले के सरगना थे, हाल ही में ख़बरों में थे। ईडी ने 10 जून को इस बात का ऐलान किया कि नीरव मोदी के हांगकांग के गोदाम से इन दोनों से सम्बन्धित मोती, चांदी के आभूषण और पॉलिश किये गये 1,350 करोड़ रुपये के हीरे की 108 खेपें वापस लायी गयी हैं।

हालांकि भारतीय जांच अधिकारियों को लेकर सबसे हालिया ख़बर यही रही है कि पीएनबी की तरफ़ से फ़रवरी 2018 में अपनी पहली शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद से इन दो कथित धोखेबाजों के वित्तीय साधन की चारों ओर फंदे कसते जा रहे हैं।

भारतीय जांच अधिकारियों की ओर से सैकड़ों करोड़ की संपत्ति ज़ब्त किया जाने और क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और कैरेबियाई द्वीप एंटीगुआ और बारबुडा से उनके प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही कोशिश के सिलसिले में इस मामा-भांजे की जोड़ी हर कुछ महीनों में ख़बरों में बनी रहती है।

बेआबरू हीरा व्यापारी, नीरव को इस समय लंदन स्थित वैंड्सवर्थ की उस हर मेजेस्टीज़ जेल में रखा गया है, जो पश्चिमी यूरोप की सबसे बड़ी जेलों में से एक है। वह 7 सितंबर से शुरू होने वाली अपनी दूसरी प्रत्यर्पण सुनवाई का इंतज़ार कर रहा है। पहली सुनवाई 11 मई से 14 मई से हुई थी।

मार्च में बताया गया था कि इंटरपोल ने चौकसी के ख़िलाफ़ जारी रेड नोटिस को रद्द किये जाने की याचिका को ठुकरा दिया था। सीबीआई ने तब इंटरपोल से कहा था कि उसकी हरक़तों पर नज़र रखने के लिए रेड नोटिस का रद्द नहीं किया जाना ज़रूरी है।

हालांकि, नीरव मोदी के भाई की शादी भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी की भांजी से हुई है, लगता है 36 वर्षीय व्यापारी, नीशाल दीपक मोदी की इन मामलों में भागीदारी से लोगों का ध्यान हट गया है। इस समय माना जाता है कि नीशाल के पास बेल्ज़ियम की नागरिकता है और वह इस समय वहीं रह रहा है।

पीएनबी ने 13 फ़रवरी, 2018 को नीरव, उनके भाई नीशाल और उनके मामा चौकसी के ख़िलाफ़ सीबीआई में मामला दर्ज किया था। भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक,पीएनबी उस धोखाधड़ी के चलते इस समय बड़े पैमाने पर वित्तीय दबाव में है।

नीशाल बेल्जियम स्थित उस फ़ायरस्टार डायमंड BVBA के निदेशक थे, जो 2009 में उनके और नीरव के पिता द्वारा स्थापित कंपनी थी, जिस पर ईडी ने काले धन को सफ़ेद में बदलने का आरोप लगाया है। मई 2018 में प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉंड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दायर एक चार्जशीट में ईडी ने 24 आरोपियों को नामित किया है, जिसमें नीशाल भी शामिल है।

उस चार्जशीट में नामित फ़र्मों में स्टेलर डायमंड्स, सोलर एक्सपोर्ट्स और डायमंड्स आर यू शामिल हैं। ईडी की तरफ़ से जारी एक बयान के एक हिस्सा में कहा गया है: “इन फ़र्मों और (नीरव) मोदी के फ़ायरस्टार समूह की कंपनियों ने पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा से जारी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के ज़रिये धोखाधड़ी से 6,498 करोड़ रुपये हासिल किये थे।”

दिसंबर 2019 में छपी समाचार रिपोर्टों के मुताबिक़, विशेष प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉंड्रिंग एक्ट (PMLA) अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत सीबीआई द्वारा "भगोड़े आर्थिक अपराधी" के रूप में उन्हें और नीरव को भगोड़ा घोषित करने वाले दायर एक याचिका के सिलसिले में नीशाल और घोटाले के एक अन्य आरोपी सुभाष परब को 15 जनवरी तक अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि उसके बाद क्या हुआ।

शराब कारोबारी विजय माल्या के फ़रार होने के बाद, ठीक उसी दिन नीरव वह दूसरा व्यक्ति था, जिसे विशेष प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉंड्रिंग एक्ट (PMLA) अदालत ने इस नये अधिनियम के तहत "भगोड़ा आर्थिक अपराधी" घोषित किया था।

अप्रैल में बताया गया था कि नीशाल ने 11 महीने पहले ईडी को इस मामले में लिखित तौर पर सहयोग करने की दलील दी थी। उसने अपनी बेगुनाही का भी दावा किया था। नीशाल ने एक स्व-नियुक्त स्वतंत्र बेल्ज़ियम ऑडिटिंग कंपनी, वर्नर वैन डेन कीबस-वैन डेर जियुथ द्वारा किये गये एक फ़ॉरेंसिक ऑडिट को साझा किया था, जिसने कथित तौर पर उसे और फ़ायरस्टार डायमंड बीबीवीए को क्लीन चिट दे दी थी।

फ़रार नीशाल मोदी

बताया जाता है कि 10 सितंबर, 2018 को सीबीआई ने नीशाल को बेल्ज़ियम से वापस लाने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में इस बात की पुष्टि कर दी कि गृह मंत्रालय ने सीबीआई के इस अनुरोध को विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया है। विदेश मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि उसने अक्टूबर,2018 में नीशाल के प्रत्यर्पण के अनुरोध को आगे बढ़ा दिया था।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने आरटीआई क़ानून के अनुच्छेद 8 (1) (एफ़) के तहत आने वाले मामले का हवाला देते हुए उस पत्राचार की प्रतियों का खुलासा करने से इनकार कर दिया,जो भारत सरकार का बेल्ज़ियम के अधिकारियों के साथ हुआ है। इस अधिनियम की यह धारा किसी विदेशी सरकार द्वारा प्राप्त "गोपनीय" जानकारी से सम्बन्धित है।

सीबीआई के बैंकिंग सिक्योरिटीज फ्रॉड ज़ोन ने जांच अधिकारियों द्वारा नीशाल के ख़िलाफ़ जारी मामले की मौजूदा स्थिति और उसके मौजूदा ठिकाने के बारे में पूछे गये सवालों के जवाब देने से भी इनकार कर दिया था। इसने आरटीआई अधिनियम की धारा 24 और धारा 8 (1) (एच) के तहत सूचना देने से इनकार किया था। इस अधिनियम की धारा 24, सीबीआई और अन्य ख़ुफ़िया और सुरक्षा संगठनों को तबतक जानकारी का खुलासा करने की अनुमति नहीं देती है, जब तक कि सूचना भ्रष्टाचार या मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से सम्बन्धित न हो। धारा 8 (1) (एच) सरकारी अधिकारियों को उस सूचना के ख़ुलासे को रोक लेने की अनुमति देती है, अगर यह सूचना जांच या आशंका या अपराधियों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया को बाधा पैदा करती है।

इस बात पर ग़ौर करना दिलचस्प है कि सीबीआई से जिस जानकारी को मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है,वह उन दो लोगों से सम्बन्धित है,जो कथित रूप से बैंक धोखाधड़ी में शामिल हैं, और जो धोखाधड़ी क़रीब 14,000 करोड़ रुपये की है। हालांकि सीबीआई ने इस लेखक को जानकारी देने से इनकार करने के लिए धारा 8 (1) (एच) का इस्तेमाल किया, मगर यह साफ़ नहीं है कि नीशाल के मौजूदा ठिकाने या मामले की मौजूदा स्थिति से सम्बन्धित सवाल के जवाब कैसे अपराधियों की जांच या हिरासत या अभियोजन में बाधा पहुंचा सकते हैं।

समाचार पत्र, द हिंदू ने अक्टूबर 2019 में बताया था कि पीएनबी घोटाले के आरोपी नीशाल और नेहाल, और अन्यों के ख़िलाफ़ इंटरपोल ने जो रेड नोटिस जारी किया था, वह इंटरपोल की वेबसाइट से ग़ायब हो गया है।

मई में इंटरपोल की इस वेबसाइट पर नेहल का प्रोफ़ाइल फिर से वापस आ गया था और इस समय भी है। हालांकि, लोगों को देखने के लिए नीशाल का नाम अभी भी इंटरपोल की इस वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

नीशाल का नाम इंटरपोल के साथ-साथ सीबीआई की वेबसाइट से भी लगातार ग़ैर-मौजूद रहा है। इंडिया टुडे ने अक्टूबर 2019 में बताया था कि CBI के सूत्रों ने मीडिया समूह के सामने स्पष्ट कर दिया था कि न तो नीशाल और न ही नेहाल की रेड नोटिस वापस ली गयी है; नीशाल और नेहाल दोनों की तरफ़ से अपनी प्रोफ़ाइल को सूची से हटाने के लिए याचिका दायर की गयी थी, जिसके बाद इंटरपोल एक सत्यापन प्रक्रिया से गुजर रहा था और यह नोटिस तब तक सिर्फ़ सदस्य देशों की पुलिस एजेंसियों को ही दिखायी देगा। इस समय क़रीब 62,000 रेड नोटिस हैं और उनमें से सिर्फ़ 7,000 ही आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं।

हालांकि नेहाल का रेड नोटिस इस वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से देखने को मिलते है, लेकिन नीशाल मोदी का नोटिस अभी तक नहीं आया है। संभव है कि इंटरपोल नीशाल की तरफ़ से आगे बढ़ायी गयी उस दलील की कमियों और खूबियों पर नज़र डाल रहा हो, जिसके आधार पर वह अपना नाम रेड नोटिस सूची से हटाने के लिए कह रहा है और उसका नाम अभी भी है, लेकिन जैसा कि इंडिया टुडे का दावा है कि उसका नाम सार्वजनिक रूप से देखने के लिए उपलब्ध नहीं है।

नीशाल मोदी कौन है ?

नीरव मोदी के भाई नीशाल मोदी ने दिसंबर 2016 में मुकेश और अनिल अंबानी की भांजी, इशिता सलगांवकर से शादी की थी। इशिता, दीप्ति सलगांवकर की बेटी है और दीप्ति सलगांवकर, मुकेश और अनिल अंबानी की बहन हैं। दीप्ति की शादी दत्तराज सलगांवकर से हुई है और दत्तराज सलगांवकर, वीएस सलगांवकर समूह के संस्थापक,वीएस सलगांवकर के तीन बेटों में से एक है। सलगांवकर समूह गोवा में खनन, आतिथ्य, अचल संपत्ति और स्वास्थ्य सेवा में दिलचस्पी रखने वाले शीर्ष कारोबारी घरानों में से एक है।

इकनॉमिक टाइम्स ने दिसंबर 2016 में बताया था कि नीशाल और इशिता का विवाह समारोह सलगांवकर के गोवा स्थित घर और पणजी और बंबोलिम के जेडब्ल्यू मैरियट और ग्रैंड हयात होटलों में हुआ था।

नवंबर 2016 में मुकेश अंबानी ने अपने मुंबई स्थित आवास पर इस जोड़ी के लिए शादी के बाद सितारों से सजे एक जश्न की मेजबानी की थी। उस पार्टी में शामिल होने वालों में शाहरुख़ ख़ान, आमिर ख़ान, अमिताभ बच्चन, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण जैसे बॉलीवुड सितारे थे।

29 जुलाई, 2019 को मुंबई में ताओ आर्ट गैलरी ने अंतर्राष्ट्रीय टाइगर डे मनाने के लिए लगभग 80 मूर्तिकारों और चित्रकारों की कला की प्रदर्शनी की मेजबानी की थी। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़, उस प्रदर्शनी में इशिता और उसके पिता,'राज' सलगांवकर द्वारा खिंची गयी तस्वीरों की भी प्रदर्शनी लगायी गयी थी।

इशीता का समर्थन जताने के लिए उस कार्यक्रम में मुकेश और अनिल अंबानी के साथ-साथ मुकेश अंबानी की पत्नी नीता, अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी, मुकेश और अनिल की मां कोकिलाबेन अंबानी और मुकेश अंबानी की बहू श्लोका मेहता जैसे उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

नीशाल जाहिर तौर पर एक ऐसा नौजवान है, जिसके परिवार का रिश्ता मुकेश अंबानी और उनके छोटे भाई अनिल के साथ है या फिर कम से कम कुछ समय पहले तक तो ज़रूर रहा है, जिनकी कंपनी विपक्ष के निशाने पर इसलिए रही है, क्योंकि उस पर नरेंद्र मोदी सरकार से अनुचित फ़ायदा उठाने का आरोप लगा है। अनिल अंबानी की कंपनी पर भारतीय वायु सेना के लिए रफ़ाल लड़ाकू विमान के लिए एसेंबल करने और उसके निर्माण को लेकर फ़्रांसीसी विमानन कंपनी, डसॉल्ट के साथ अनुबंध को हासिल करने का आरोप है। पूछा जाने वाला सबसे मुनासिब सवाल तो यही है कि क़रीब 14,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन से जुड़े इस बैंक धोखाधड़ी में नीशाल मोदी की संलग्नता को लेकर चल रही जांच की स्थिति के बारे में जानकारी देने से सीबीआई आख़िर इनकार क्यों कर रही है। निश्चित रूप से रसूखदारों से जुड़े इस शख़्स के ख़िलाफ़ सरकार के कार्यों के बारे में जनता को जानने का आख़िर हक़ तो है।

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

अंग्रेज़ी में लिखा मूल आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Who’s Neeshal Modi and Why is He Absconding?

PNB fraud
nIrav modi
mehul choksi
Neeshal Modi
mukesh ambani
CBI
Modi Govt
Isheta Salgaocar

Related Stories

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

मोदी सरकार 'पंचतीर्थ' के बहाने अंबेडकर की विचारधारा पर हमला कर रही है

लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ नया मामला दर्ज किया, कई जगह छापे मारे


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License