NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल: राष्ट्रपति विद्या देवी ने कहा- उच्चतम न्यायालय नहीं पलट सकता उनका फ़ैसला
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है। कहा गया, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत राष्ट्रपति का कोई भी कदम याचिका का विषय नहीं बन सकता है तथा यह न्यायिक समीक्षा का मुद्दा भी नहीं बन सकता है।’’
भाषा
18 Jun 2021
राष्ट्रपति विद्या देवी

काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने उच्चतम न्यायालय में कहा है कि प्रतिनिधिसभा को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही भंग किया गया है और इस मामले में न्यायालय उनके फैसले को पलट नहीं सकता है और न ही इसकी न्यायिक समीक्षा कर सकता है।

राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की सिफारिश पर पांच महीने में दूसरी बार 22 मई को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और 12 तथा 19 नवंबर को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ओली प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत हारने के बाद अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष अग्नि सपकोटा ने सरकार के 21 मई के फैसले के बारे में शीर्ष अदालत में अपने-अपने स्पष्टीकरण लिखित में पेश किए हैं। न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने नौ जून को उनसे लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा था।

इसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जहां अपने फैसलों का बचाव किया है वहीं प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष ने इसे असंवैधानिक कदम बताया है।

राष्ट्रपति कार्यालय ‘शीतल निवास’ की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है। अटॉर्नी जनरल कार्यालय की ओर से न्यायालय को उपलब्ध करवाए गए स्पष्टीकरण में राष्ट्रपति ने कहा है, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत राष्ट्रपति का कोई भी कदम याचिका का विषय नहीं बन सकता है तथा यह न्यायिक समीक्षा का मुद्दा भी नहीं बन सकता है।’’

भंडारी ने ‘राष्ट्रपति एवं उप राष्ट्रपति को पारितोषिक एवं लाभ अधिनियम 2017’ के अनुच्छेद 16 का जिक्र किया जो कहता है कि राष्ट्रपति के किसी भी कदम को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अत: राष्ट्रपति द्वारा बिना किसी की सिफारिश के संविधान के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय पर अदालत कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है।’’

वहीं, ओली ने कहा कि सरकार गठन एक राजनीतिक प्रक्रिया और इस बारे में अदालत फैसला नहीं ले सकती है।

प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की याचिका सहित 30 रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि प्रतिनिधि सभा को भंग किया जाना ‘‘असंवैधानिक’’ है।

Nepal
Bidya Devi Bhandari
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • ntpc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन
    25 Jan 2022
    भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने बिहार की राजधानी पटना और आरा में रेलवे ट्रैक पर गत सोमवार को प्रदर्शन किया वहीं आज मंगलवार को नालंदा, बक्सर, नवादा समेत अन्य स्टेशनों पर उन्होंने रेलवे ट्रैक पर…
  • Biden
    पीपल्स डिस्पैच
    बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?
    25 Jan 2022
    जनआंदोलनों के दबाव की प्रतिक्रिया में बाइडेन ने अपने कार्यकाल के लिए ऊंचे-ऊंचे लक्ष्य तय किए थे। लेकिन इनमें से कितने पूरे हुए?
  • Sudha Bharadwaj
    एजाज़ अशरफ़
    सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज
    25 Jan 2022
    जेल में अपने तजुर्बों का हवाला देते हुए और कामगारों की नुमाइंदगी करने वाली एक वकील के तौर पर जानी-मानी कार्यकर्ता कहती हैं कि भारत अब भी संविधान में किये गये इंसाफ़ और बराबरी के वादों को साकार करने…
  • Netaji
    सबरंग इंडिया
    नेताजी पर कब्ज़ा ज़माने की हिन्दू राष्ट्रवादी कवायद
    25 Jan 2022
    नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती (23 जनवरी) के अवसर पर देश भर में अनेक आयोजन हुए. राष्ट्रपति भवन में उनके तैल चित्र का अनावरण किया गया. केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नेताजी का जन्मदिन हर वर्ष '…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,55,874 नए मामले, 614 मरीज़ों की मौत 
    25 Jan 2022
    देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 97 लाख 99 हज़ार 202 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License