NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नया भारत-नई शिक्षा!: अमित शाह की ABCD के जवाब में अखिलेश की ABCD
यूपी में अमित शाह समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए नई ABCD पढ़ा रहे हैं तो अखिलेश यादव भी उन्हीं के अंदाज़ में पलटवार कर रहे हैं। अब बच्चे कन्फ्यूज़ न हों इसलिए आप ही चुनाव में सही फ़ैसला लेकर उनका सिलेबस ठीक रखिएगा!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Dec 2021
नया भारत-नई शिक्षा!: अमित शाह की ABCD के जवाब में अखिलेश की ABCD

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को शहरों और सड़कों का नाम बदलने का ही शौक नहीं है, बल्कि अब वे मशहूर कवि-शायरों के नाम भी बदल रहे हैं और शब्दों के भी नए अर्थ गढ़ना चाहते हैं।  

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समाजवादी पार्टी की एबीसीडी का मतलब ‘अपराध, भाई-भतीजावाद, करप्शकन और दंगा' बताया गया है और फिर इसके कुछ ही घंटों बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुये कहा कि एबीसीडी का मतलब है ‘अब, भाजपा छोड़ दी’ ।

सपा प्रमुख ने मंगलवार रात ट्वीट किया, 'हाथरस, लखीमपुर, गोरखपुर, आगरा कांड जैसे कांड की वजह से अब तो भाजपा के समर्थक भी उसके खिलाफ खड़े होकर कह रहे हैं एबीसीडी का मतलब ‘ए-अब, बी-भाजपा, सी-छोड़, डी-दी।'

हाथरस, लखीमपुर, गोरखपुर, आगरा कांड जैसे अन्य कांडों की वजह से अब तो भाजपा के समर्थक भी भाजपा के ख़िलाफ़ खड़े होकर कह रहे हैं ABCD… मतलब :

A = अब
B = भाजपा
C = छोड़
D = दी pic.twitter.com/SweImFqIpo

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 28, 2021

गौरतलब है कि तीन जिलों के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी ‘एबीसीडी’ का मतलब ‘अपराध-आतंक, भाई-भतीजावाद, करप्श्न और दंगा है।’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष शाह ने मंगलवार को हरदोई में पार्टी की ‘जन विश्वास यात्रा’ के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी की एबीसीडी (अंग्रेजी वर्णमाला) ही उल्टी है। ' ए' से मतलब है अपराध और आतंक, ‘बी’ से मतलब है भाई-भतीजावाद, ‘सी’ से मतलब है करप्शन और ‘डी’ से मतलब है दंगा।’’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

UP ELections 2022
AKHILESH YADAV
BJP
SP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License