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विज्ञान
प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की परिक्रमा करने वाले नए ग्रह में पानी मिलने की संभावना 
वैज्ञानिकों के मुतबिक प्रॉक्सिमा सेंटॉरी डी नाम का नया ग्रह संभवतः पृथ्वी से छोटा है।
संदीपन तालुकदार
16 Feb 2022
New Planet
चित्र स्रोत: विकिमीडिया कॉमन्स।

प्रॉक्सिमा सेंटॉरी, एक छोटा, कम दृव्यमान वाला तारा है, जो सूर्य से करीब 4.2 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है, लेकिन दशकों से जारी शोध के बावजूद काफी हद तक मायावी बना हुआ है। अब एक नई खोज में दावा किया गया है कि एक उम्मीदवार ग्रह को प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की परिक्रमा करते देखा गया है, जिससे तारे के प्रति जिज्ञासा बढ़ गई है। खगोलविदों ने इसे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी डी नाम दिया है, जो सूर्य से सबसे नजदीकी तारे का तीसरा ग्रह होगा। 

इस खोज ने इस भरोसे को पुष्ट किया है कि प्रॉक्सिमा सेंटॉरी के पास स्वंय की अपनी एक समृद्ध ग्रह प्रणाली मौजूद है। इसके अलावा, वैज्ञानिकों के विचार में नया ग्रह संभवतः पृथ्वी से आकार में छोटा है और इसमें पानी की मौजूदगी भी संभव है। इससे पहले, अभी तक प्रॉक्सिमा सेंटॉरी बी और प्रॉक्सिमा सेंटॉरी सी इस तारे के पुख्ता तौर पर ग्रह थे।

लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री गुइल्लेम एंग्लाडा-एस्कुडे और उनकी टीम ने 2016 में प्रॉक्सिमा सेंटॉरी का चक्कर लगाने वाले सबसे पहले ग्रह की खोज की थी। नवीनतम खोज पर टिप्पणी करते हुए, गुइल्लेम का कहना था, “इससे पता चलता है कि निकटस्थ तारे के पास शायद एक बेहद समृद्ध ग्रहों का सिस्टम मौजूद है।” प्रॉक्सिमा सेंटॉरी डी की खोज एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित हुई है।

परंपरागत तौर पर, खगोलविद किसी भी नए ग्रह या तारे को सूची में शामिल करने के बारे में आधिकारिक निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले स्वतंत्र पुष्टि की प्रतीक्षा करते हैं। बहरहाल, पुर्तगाल के पोर्टो विश्वविद्यालय में खगोल भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान संस्थान के मुख्य विज्ञानी जोअओ फारिया के अनुसार, खोज का नेतृत्व करने वाले दल को अपने निष्कर्षों पर काफी भरोसा है।

फारिया के दल ने बेहद विशाल दूरबीन से, जो कि वास्तव में 8.2 मीटर की चार दूरबीनों का एक सिस्टम है, जिसे एस्चेल स्पेक्ट्रोग्राफ फॉर रॉकी एक्सोप्लैनेट्स एंड स्टेबल स्पेक्ट्रोस्कोपिक ऑब्जरवेशन (एस्प्रेसो- ईएसपीआरएसएसओ) कहा जाता है, जैसे आधुनिकतम उपकरण का इस्तेमाल किया है। यह दूरबीन प्रणाली चिली के सेर्रो में यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला में स्थित है। 

एस्प्रेसो तारे से निकलने वाले प्रकाश के विस्तार में होने वाले बेहद सूक्ष्म परिवर्तनों तक को माप सकता है, जो कक्षा का चक्कर लगाने के दौरान तारे से लगाये जाने वाले गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण उत्पन्न होता है। नेचर पत्रिका के मुताबिक, यह तकनीक धरती से निकलने वाली रोशनी के साथ-साथ तारे की गति में होने वाले परिवर्तनों का पता लगाता है। एस्प्रेसो 10 सेंटीमीटर प्रति सेकंड के रूप में अति सूक्ष्म बदलावों तक का पता लगाने में सक्षम है। फारिया ने बताया कि कैसे दल ने इस तकनीक को इस्तेमाल में लाया: “ग्रह की कक्षा का चक्कर लगाने का कुल प्रभाव, जिसमें मात्र पांच दिन लगते हैं, लगभग 40 सेंटीमीटर प्रति सेकंड है। मुझे पता था कि एस्प्रेसो इस काम को कर सकता है लेकिन इसे दिखाते हुए देखने के बावजूद अचंभित था।”  

प्रॉक्सिमा सेंटॉरी के स्पेक्ट्रम के 100 से अधिक पड़ताल के साथ दल ने करीब दो वर्षों तक अपनी खोजबीन जारी रखी। वेधशाला में विशेष तौर पर डिजाइन किये गये एक कमरे में निरंतर दबाव और तापमान को बनाए रखने के लिए एस्प्रेसो को एक टैंक के भीतर रखा गया था। दल ने इस व्यवस्था का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया था जिससे कि अवलोकन एवं माप को सटीक बनाए रखने के साथ-साथ इसे वर्षों तक दोहराया जा सके।

फारिया ने कहा, “एस्प्रेसो वर्णक्रमीय रेखाओं की तरंगित लंबाई को 10-5 ऐंग्स्ट्रॉम, या परमाणु के व्यास के दस-हजारवें हिस्से को सटीक तौर पर माप करने में सक्षम है।” यह दिखाता है कि किस सटीकता के साथ यह सिस्टम काम कर सकता है। 

एस्प्रेसो को मुख्यतया सौर मंडल से बाहर के ग्रहों के साथ-साथ बेहद चमकदार और कैसर के नाम से जानी जाने वाली दूरस्थ वस्तुओं का अध्ययन करने के लिए विकसित किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, नवीनतम खोज इस बात को प्रदर्शित करती है कि यह उपकरण जैसा प्रचारित किया गया था, वास्तव में उसी के अनुरूप काम करता है।  

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

New Planet Orbiting Proxima Centauri Could Contain Water

Proxima Centauri
Proxima Centauri d
Proxima Centauri b
Proxima Centauri c
ESPRESSO
New Planet of Proxima Centauri
Sun’s Nearest Star

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