NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
न्यूयॉर्कः भूख हड़ताल कर रहे बिना दस्तावेज़ के प्रवासी कर्मचारियों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की
न्यूयॉर्क में दर्जनों कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल के 23 दिनों बाद राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक क़दम उठाया। सरकार ने अप्रवासन के कारण प्रोत्साहन योजनाओं से बाहर किए गए कर्मचारियों के लिए 2.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Apr 2021
न्यूयॉर्कः भूख हड़ताल कर रहे बिना दस्तावेज़ के प्रवासी कर्मचारियों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की

भूख हड़ताल के तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद बिना दस्तावेज वाले कर्मचारियों ने अमेरिकी राज्य न्यूयॉर्क के महामारी के बजट आवंटन में बुधवार 7 अप्रैल को महत्वपूर्ण जीत हासिल कर ली। राज्य सरकार द्वारा सहायता के रूप में 2.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की धनराशि की घोषणा के एक दिन बाद भूख हड़ताल कर रहे बिना दस्तावेज वाले दर्जनों कर्मचारियों ने अपना उपवास तोड़ा और खुशी जाहिर की।

COVID-19 महामारी के दौरान अपनी नौकरी गंवाने वाले लोगों को सहायता देने के मामले में भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ लड़ाई में भूख हड़ताल करने वाले कर्मचारी कुल 23 दिनों तक हड़ताल पर रहे। ये भूख हड़ताल 16 मार्च से शुरू हुई और इस हड़ताल को “फास्ट फॉर फॉरगॉटेन” नाम दिया गया। अपने परिवार और समर्थकों के साथ भूख हड़ताल करने वालों ने न्यूयॉर्क के वाशिंगटन स्क्वायर पार्क में जीत की रैली निकाली और जश्न मनाया। यहां उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपना उपवास समाप्त किया।

रिपोर्टों के अनुसार इस हड़ताल में 70 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। वहीं कई अन्य समर्थकों ने पूरे न्यूयॉर्क शहर में अंशकालिक प्रदर्शन किए और रैलियां निकालीं। इस विरोध का नेतृत्व न्यूयॉर्क के 100 से अधिक संगठनों के समूह फंड एक्सक्लूडेड वर्कर्स के नेतृत्व में किया गया था जो इमीग्रेशन के चलते यूनियन और स्टेट स्टीमूलस प्लान और बेरोजगारी सहायता में बाहर रह गए हजारों श्रमिकों को सहायता देने की मांग करता रहा है।

इस तरह बिना दस्तावेज वाले कर्मचारियों को सहायता देने वाला न्यूयॉर्क दूसरा राज्य होगा। कैलिफोर्निया ने फरवरी में इसी तरह का बिल पास किया था लेकिन इसमें 600 अमेरिकी डॉलर के एकमुश्त भुगतान का प्रावधान था। न्यूयॉर्क में वे 15,600 अमेरिकी डॉलर तक का एकमुश्त भुगतान हासिल कर सकते हैं। इस महामारी से नौकरी के गंवाने को लेकर सबूत प्रस्तुत करने में विफल होने वालों को दी जानी वाली सहायता काफी कम हो सकती है और उन्हें केवल 3,200 अमेरिकी डॉलर तक ही प्राप्त हो सकता है।

हालांकि इस फंड का हड़ताल करने वालों ने किया था लेकिन इस संगठन का कहना है कि उसका संघर्ष जारी रहेगा।

इस बीच बुधवार 7 अप्रैल को न्यूयॉर्क में हुए घटनाक्रमों से प्रेरित होकर पड़ोसी राज्य न्यू जर्सी में बिना दस्तावेज वाले 21 कर्मचारियों ने राज्य सरकार के सामने इसी तरह की मांग को उठाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

New york
hunger strike
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 16 सीटों का हुआ नुक़सान
    एम.ओबैद
    यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान
    11 Mar 2022
    वर्ष 2017 के चुनाव नतीजों की तुलना में इस बार भाजपा को पहले दो चरणों में 18 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार उसने 91 सीट हासिल की थीं जबकि इस बार उसे 73 सीटें ही मिल पाई हैं।
  • election results
    न्यूज़क्लिक टीम
    BJP से हार के बाद बढ़ी Akhilesh और Priyanka की चुनौती !
    11 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज Abhisar Sharma चर्चा कर रहे हैं Uttar Pradesh में फिर से BJP की सरकार बनने और साथ ही बात कर रहे हैं अखिलेश यादव और प्रियंका गाँधी वाड्रा की। 2024 के चुनाव…
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना
    11 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक दल के पराजित होने या फिर उसके वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट आने का अर्थ यह नहीं होता है कि हम तुरंत उसकी राजनीतिक मृत्यु की घोषणा कर दें। लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उतनी ही मज़बूती के…
  • pakistan
    जस्टिन पॉडुर  
    पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है
    11 Mar 2022
    राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए पाकिस्तान की कोशिश के संघर्ष के केंद्र में अपनाई जा रही आतंकवाद विरोधी मॉडल की विफलता है।
  • zelsenky
    एम के भद्रकुमार
    ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया
    11 Mar 2022
    वाशिंगटन को जो रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है, वह दुनिया भर में अमेरिकी प्रतिष्ठा को कम करेगा, उसके ट्रान्साटलांटिक-नेतृत्व को कमजोर करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License