NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
न्यूज़ीलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी की घोषणा की
बुधवार को नाटो के सदस्य देशों की महत्वपूर्ण बैठक से पहले सैनिकों की वापसी के निर्णय की घोषणा की गई। उधर सोमवार को नाटो के प्रमुख ने कहा था कि जब तक उचित समय नहीं आता तब तक वह अपने सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से वापस नहीं लेंगे।
पीपल्स डिस्पैच
17 Feb 2021
न्यूज़ीलैंड

नाटो के एक प्रमुख सदस्य न्यूजीलैंड ने बुधवार 17 फरवरी को घोषणा की कि अफगानिस्तान में तैनात उसके शेष सैनिक इस साल मई में देश छोड़ देंगे। प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न द्वारा की गई ये घोषणा अफगानिस्तान में न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स (एनडीएफ) की दो दशक लंबी चली प्रत्यक्ष भागीदारी के पूरा होने पर की गई।

साल 2001 में अफगानिस्तान पर हमला करने के लिए अमेरिका द्वारा तैयार किए गए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का प्रमुख सदस्य न्यूजीलैंड वर्तमान में अफगानिस्तान में अपने केवल छह कर्मियों को तैनात किए हुए है। पिछले 20 वर्षों में न्यूजीलैंड ने इस देश में कुल 3,500 कर्मियों को तैनात किया था।

अफगानिस्तान में नाटो के नेतृत्व में अमेरिकी हमले के हिस्से के रुप में इन सैनिकों को दिसंबर 2001 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के रूप में मान्यता दी गई।

अफगानिस्तान में न्यूजीलैंड के सैनिकों को मानव अधिकारों के उल्लंघन के कई आरोपों का सामना करना पड़ा है। साल 2018 में शुरू की गई जांंच की एक रिपोर्ट पिछले साल प्रकाशित की गई जो 2010 में अफगानिस्तान के तिरगिरन घाटी में ऑपरेशन बर्नहैम में इसके सैनिकों की भागीदारी को लेकर है जिसमें बताया गया कि एनडीएफ ने इस ऑपरेशन में नागरिकों की मौत को लेकर झूठ बोला था।

अफगानिस्तान से अपने शेष सैनिकों को वापस लेने का न्यूजीलैंड का निर्णय नाटो सहयोगियों के बीच असहमति का संकेत दे रहा है। सोमवार को नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि उसके सैनिक अफगानिस्तान तभी छोड़ेंगे जब समय उचित होगा और मांग की कि तालिबान पिछले साल फरवरी में अमेरिका के साथ हुए इस समझौते के कुछ हिस्से को पूरा करे।

अफगानिस्तान में नाटो के लगभग 10,000 सैनिक हैं। इस देश में अपने सैनिकों के तैनाती के बारे में निर्णय लेने के लिए इसके 30 सदस्य बुधवार को बैठक करने वाले हैं। 2001 में आक्रमण के बाद से दिसंबर में 2,500 तक ट्रम्प प्रशासन द्वारा दिसंबर अपने सैनिकों की संख्या में कमी करने के निर्णय के बाद नाटो सहयोगियों के बीच सैनिकों को लेकर असहमति बढ़ गई।

फरवरी 2020 में अमेरिका और तालिबान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके अनुसार सभी अंतर्राष्ट्रीय सैनिक मई 2021 के अंत तक देश छोड़ देंगे। हालांकि, नए बाइडन प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेसियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद इस समझौते की समीक्षा करने का वादा किया है।

 

new zealand
Afghanistan
new zealand army in afghanistan

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

पाकिस्तान को मिला अफ़ग़ानिस्तान से झटका


बाकी खबरें

  • unity
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    विशेष: एक हमारी और एक उनकी मुल्क में हैं आवाज़ें दो
    26 Jan 2022
    गणतंत्र दिवस के मौके पर आइए सुनते हैं जावेद अख़्तर की नज़्म...जो हमें बता रही है कि किस तरह मुल्क में दो आवाज़ें हैं—एक जो प्यार सिखाती है, आगे बढ़ना सिखाती है और दूसरी जो नफ़रत बढ़ाती, एक-दूसरे को…
  • republic day
    शलिनी दीक्षित
    इस गणतंत्र दिवस पर, भारत यादों पर कपट की जीत को भी मनाएगा 
    26 Jan 2022
    एक भ्रमित और बेचैन राष्ट्र को झूठे आख्यानों के माध्यम से निर्मित किया जा रहा है, जबकि मध्यम वर्ग अतीत के गौरव को पुनर्जीवित करने की कहानियों में खोया हुआ है। 
  • Republic Day Parade
    एम.जी. देवसहायम
    गणतंत्र दिवस के सैन्यकरण से मज़बूत लोकतंत्र नहीं बनता
    26 Jan 2022
    अक्सर यह सवाल उठता है कि गणतंत्र दिवस का जश्न परेड द्वारा मनाया जाना चाहिए या झांकियों के जुलूस द्वारा। यहां हम दोनों की परिभाषाओं पर नज़र डाल रहे हैं।
  • inflation
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंगाई-बेरोज़गारी को ख़त्म करने में क्या फ़ेल हुई मोदी सरकार?
    25 Jan 2022
    एक मीडिया हाउस ने #MoodOfTheNation सर्वे के नतीजों में बताया है कि देश की जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है और 67% से ज़्यादा लोगों को घर चलाने में मुश्किल हो रही है। न्यूज़क्लिक के इस विडियो में जानिए…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः देश के गणतंत्र को है किससे ख़तरा
    25 Jan 2022
    खोज ख़बर में देश के गणतंत्र पर मंडरा रहे ख़तरों के बारे में बात की वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने। संविधान के रखवालों और उसे ख़त्म करने वालों के बीच संघर्ष है ज़ारी। मुसलमानों के नरंसाहर की आशंका, उत्तर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License