NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नाइजीरियाः व्यापक कॉर्पोरेट समर्थक सुधारों के साथ पेट्रोलियम इंडस्ट्री बिल लागू
इस बिल की भारी आलोचना की गई है क्योंकि यह तेल कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी को कम करता है, सरकारी तेल निगम के निजीकरण के लिए मार्ग प्रशस्त करता है और ईंधन आयात के एकाधिकार का रास्ता तैयार करता है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Aug 2021
नाइजीरियाः व्यापक कॉर्पोरेट समर्थक सुधारों के साथ पेट्रोलियम इंडस्ट्री बिल लागू

बुधवार 18 अगस्त को नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने 1969 के पेट्रोलियम अधिनियम और नौ अन्य कानूनों की जगह विवादास्पद पेट्रोलियम इंडस्ट्री बिल (पीआईबी) 2021 को कानून बनाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।

कॉरपोरेट-समर्थक इस विधेयक को सोमवार को ही बुहारी की मंजूरी मिल चुकी थी। तेल उत्पादक नाइजर डेल्टा में समुदायों ने यह दावा करते हुए कि उन्हें तेल राजस्व का उचित हिस्सा नहीं दिया गया है इस बिल को खारिज कर दिया है। यह कानून 2000 के दशक से बन रहा था।

इस बीच, इस बिल में किए गए संशोधनों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुदाय द्वारा स्वागत किया गया है, जिसे नाइजीरियाई सरकार अपने बीमार पड़े तेल क्षेत्र के लिए निवेश हासिल करने की उम्मीद में लुभाने की कोशिश कर रही है। हालांकि सकल घरेलू उत्पाद का केवल 9% वाला ये तेल क्षेत्र नाइजीरिया के राजस्व का 60% और विदेशी मुद्रा आय का 90% उत्पन्न करता है।

हालांकि, निजी निवेशकों को खुश करने के लिए सबसे अधिक प्रयास में सरकार ऐसे सुधार कर रही है जो इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को अफ्रीका के सबसे धनी अरबपति अलिको डांगोटे के स्वामित्व वाले डांगोटे समूह द्वारा एकाधिकार की अनुमति देगा।

नाइजीरिया के ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने जुलाई में उस समय शिकायत की थी जब सीनेट और प्रतिनिधि सभा ने विधेयक पारित किया था कि, "यह देश की वित्तीय और आर्थिक प्रगति में बाधा डालता है क्योंकि यह सार्वजनिक धन का एक बड़ा हिस्सा पसंदीदा व्यवसायियों को हस्तांतरित करता है"।

एकाधिकार का यह डर इस बिल की विशेषताओं में से एक विशेषता का परिणाम है जो ईंधन के आयात को प्रतिबंधित करता है, केवल उन कंपनियों को अनुमति देता है जिनके पास क्षमता के साथ आयात करने का सक्रिय रिफाइनिंग लाइसेंस हैं जो उनकी रिफाइनिंग क्षमता के अनुरूप है।

तेल कंपनियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करते हुए पीआईबी ने गहरे पानी के तेल क्षेत्रों से नए एक्स्ट्रैक्शन के मामले में सरकार को भुगतान की जाने वाली 7.5% से 5% की रॉयल्टी को घटा दिया है। जबकि पहले उच्च रॉयल्टी 15,000 बीपीडी या अधिक उत्पादन करने वाली कंपनियों पर लागू होती थी लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 50,000 बीपीडी कर दी गई है।

सरकार के स्वामित्व वाली नाइजीरियन नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एनएनपीसी) के निजीकरण के लिए आधार तैयार करते हुए पीआईबी "नए कानून के शुरू होने के 6 महीने के भीतर एक वाणिज्यिक और लाभ केंद्रित एनएनपीसी लिमिटेड" को शामिल करेगा।

कम आर्थिक अवसर उपलब्ध होने और दशकों के निष्कर्षण के कारण इस क्षेत्र में पर्यावरण नष्ट होने के कारण यहां के समुदाय इस डेल्टा पर काम करने वाली पेट्रोलियम कंपनियों के वार्षिक खर्च का 10% हिस्सा मांग रहे हैं।

पीआईबी केवल 3% की पेशकश करता है, जिसे पैन नाइजर डेल्टा फोरम (पीएएनडीईएफ) ने इस आधार पर खारिज कर दिया है कि यह समुदायों की क्षतिपूर्ति के लिए पूरी तरह से अपर्याप्त है।

Nigeria
Petroleum Industry
Petroleum Industry Bill

Related Stories

नाइजीरिया : प्रदर्शनकारियों को कर्फ़्यू के साथ-साथ सशस्त्र अपराधियों के हमलों का सामना करना पड़ा

नाइजीरिया में पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन छठे दिन भी जारी

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए उपकरण की मांग को लेकर घाना और नाइजीरिया में हेल्थकेयर पेशेवरों की हड़ताल

गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मध्य प्रदेश फ्लोर टेस्ट, नयी इसरायली सरकार और अन्य

नाइजीरिया के लागोस में तेल पाइपलाइन के पास विस्फोट से 15 लोगों की मौत हो गई


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: पश्चिम से चली बदलाव की हवा के पूर्वांचल में आंधी में तब्दील होने के आसार
    02 Mar 2022
    वैसे तो हर इलाके की और हर फेज के चुनाव की अपनी विशिष्ठतायें हैं, लेकिन सच यह है कि इस चुनाव में-किसानों की तबाही, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय, बुलडोजर राज का आतंक- कुछ ऐसे कॉमन मुद्दे उभर गए हैं…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : सामाजिक ध्रुवीकरण, जातीय विभाजन और नज़रअंदाज़ होते मुद्दे
    01 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनावों में सामाजिक ध्रुवीकरण और जातीय विभाजन के नाम पर वोट मांगने की ज़ोरदार कोशिश की गई वहीँ दूसरी तरफ जनता के बुनियादी मुद्दे नज़रअंदाज़ किए गए. आखिर किन मुद्दों पर जनता ने डाला है…
  • modi
    विजय विनीत
    बनारस की जंग: क्या टूट रहा पीएम मोदी का जादू!
    01 Mar 2022
    "बनारस और इस शहर की तहजीब बुद्ध, कबीर, रैदास, और तुलसीदास की सोच पर खड़ी हुई है। भाजपा के लोग उसे मज़हब के संकीर्ण दायरों में बांधने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते पीएम का जादू बेअसर होता जा रहा है।"
  • SWIFT
    आशुतोष पाण्डेय
    स्विफ्ट भुगतान प्रणाली वास्तव में क्या है?
    01 Mar 2022
    रूस को वैश्विक भुगतान प्रणाली से अलग नहीं करने के लिए यूरोपीय संघ की आलोचना की गई थी। लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन के साथ,  इस ब्लॉक ने अब यूक्रेन में रूस के युद्ध के आलोक में यह कठोर कदम उठाने का फैसला…
  • strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला
    01 Mar 2022
    इस चेतावनी के अनुसार जिस दिन कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे, उस दिन का उनका वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कानून का उल्लंघन करने पर तो उसी दिन संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License