NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नाइजीरिया : प्रदर्शनकारियों को कर्फ़्यू के साथ-साथ सशस्त्र अपराधियों के हमलों का सामना करना पड़ा
नाइजीरिया के लोग पिछले कुछ हफ़्तों से पुलिस की बर्बरता के ख़िलाफ़ और बड़े पैमाने पर पुलिस सुधारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
20 Oct 2020
नाइजीरिया

नाइजीरिया के दक्षिणी राज्य इडो के गवर्नर गॉडविन ओबेसकी ने सोमवार 19 अक्टूबर की सुबह बेनिन शहर में जेल तोड़ने की घटना के बाद पुलिस की बर्बरता के ख़िलाफ़ 24 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया और जारी विरोध प्रदर्शन को ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया। एक वीडियो क्लिप में अपराधी को शहर की जेल में घुसते हुए और क़ैदियों को निकालते हुए देखा जा सकता है।

प्रदर्शनकारियों को संदेह है कि जेल तोड़ने की घटना एंडसार्स (EndSARS) के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए एक बहाना तैयार किया गया हो जो 8 अक्टूबर से चल रहा है। ये प्रदर्शनकारी पुलिस सुधार की मांग कर रहे हैं और स्पेशनल एंटी-रॉबरी स्क्वाड (SARS) जो हत्या, यातना, जबरन वसूली और अन्य अत्याचार का आरोपी है उसे समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

जेल तोड़ने की घटना के तुरंत बाद इडो राज्य सरकार के सचिव ओसारोडियोन ओगी ने एक बयान में सोमवार को शाम 4:00 बजे से 24 घंटे का कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की।

इससे पहले सुबह 4 बजे के आसपास राजधानी अबुजा में सेंट्रल बैंक ऑफ नाइजीरिया के बाहर प्रदर्शन स्थल पर डेरा डाल चुके प्रदर्शनकारियों को धारदार हथियार और बंदूकों से लैस अपराधियों ने तितर बितर कर दिया।

लियो ने कहा, बाद में इस दिन अबूजा में निर्धारित प्रदर्शनों को रोकना पड़ा क्योंकि हथियारों से लैस अपराधी शहर में निजी जीपों में घूम रहे थे। लेकिन सभी को वापस नहीं लिया गया। शाम के समय अपराधियों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया और उनकी कारों में आग लगा दी "जबकि पुलिस भी प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैसे के गोले दागे और गोलियां चलाई"। ये रिपोर्ट सहारा रिपोर्टर्स ने दी।

अपराधियों द्वारा इसी तरह के हमलों का सामना प्रदर्शनकारियों ने पहले ओसुन प्रांत में गुरुवार को और फिर शनिवार को किया था। शुक्रवार को बेनिन में इडो प्रांत के विधायिका के बाहर एक प्रदर्शनकारियों पर सशस्त्र अपराधियों ने हमला किया जिससे दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

देश में शांति और सुरक्षा में खलल डालने वाले ये घटनाक्रम दो महीने पहले शनिवार को सेना द्वारा घोषित किए गए दो महीने के सैन्य अभ्यास के चलते हुए है, बयान जारी करने के दो दिन बाद कईयों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के लिए ये ख़तरे की घंटी जैसा है।

नाइजीरिया में सोशल मीडिया पर पुलिस की बर्बरता और प्रदर्शन की तस्वीर और क्लिप की भरमार है जिसे #EndSARS के साथ साझा किया गया। इसने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के साथ देशव्यापी जन आंदोलन में विरोध को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, पुलिस की पूरी तरह से सुधारों की मांग करते हुए सार्स को समाप्त करने के साथ शुरू किया है।

11 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक ने नाइजीरियाई लोगों की मांग की प्रतिक्रिया में "SARS को समाप्त करने की घोषणा की थी।" उनके बयान में हालांकि यह भी कहा गया कि "अब स्पेशल एंटी-रॉबरी स्कायड के सभी अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल प्रभाव से फिर से तैनात किया जा रहा है।” दो दिन बाद, स्पेशल वीपन्स एंड टैक्टिक्स (स्वाट) इकाई के गठन की घोषणा की गई।

Nigeria
Nigeria Protest
EndSARS
Nigerian Police
#EndSARS
SARS

Related Stories


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License