NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘निर्भया’ सामूहिक दुष्कर्म के दोषी ने राष्ट्रपति के समक्ष दायर की दया याचिका
‘निर्भया’ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के एक दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दायर की है।  उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नौ जुलाई को तीन दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और शर्मा की 2017 में सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।
भाषा
08 Nov 2019
nirbhaya case
फोटो साभार: जनसत्ता

दिल्ली में हुए ‘निर्भया’ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के एक दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दायर की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।शर्मा इस समय तिहाड़ जेल में कैद है। वह 16-17 दिसंबर 2012 की दरमियानी रात में दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या करने का दोषी है। इस अपराध को एक नाबालिग सहित छह लोगों ने अंजाम दिया था और पीड़िता को सड़क के किनारे फेंक दिया था।

दिल्ली जेल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,‘‘ शर्मा ने दया याचिका दायर की है जबकि इसी मामले में दोषी मुकेश और अन्य ने दया याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है।’’ उल्लेखनीय है कि जेल अधीक्षक ने 29 अक्टूबर को चार दोषियों को नोटिस जारी कर कहा था कि इस नोटिस के लेटर मिलने के बाद केवल सात दिन दया याचिका दायर करने के लिए हैं।

सूत्रों ने बताया कि अगर दया याचिका दायर नहीं की जाती है तो जेल प्रशासन ‘डेथ वारंट’ (मृत्यु अधिपत्र) जारी कराने के लिए अदालत से संपर्क कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि निर्भया की मौत 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी।मामले में एक आरोपी राम सिंह ने जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था और हत्या एवं दुष्कर्म के मामले में अधिकतम तीन साल तक सुधारगृह में रहने की सजा काट चुका है। तीन दोषी इस समय तिहाड़ जेल में कैद हैं जबकि एक दोषी मंडोली जेल में है।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नौ जुलाई को तीन दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और शर्मा की 2017 में सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। साथ ही दिल्ली और निचली अदालत की ओर से मिली सजा को बरकरार रखा था।मामले में दोषी चौथे आरोपी अक्षय कुमार सिंह ने उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी।

nirbhaya case
Nirbhaya gang rape
Supreme Court
President Ram Nath Kovind
Rape And Murder Case

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • बाइडेन की नीति से घटा चीन से तनाव 
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन की नीति से घटा चीन से तनाव 
    13 Sep 2021
    अमेरिकी राष्ट्रपति की चीनी राष्ट्रपति के साथ फोन पर 90 मिनट तक की लंबी बातचीत इसके समय, पृष्ठभूमि और मायनों को देखते हुए बेहद अहम हो जाती है।
  • बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?
    सोनिया यादव
    बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?
    13 Sep 2021
    एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि अनुसूचित जातियों के साथ अपराध के मामलों में साल 2019 में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्यों में सबसे ज़्यादा 2,378 मामले उत्तर प्रदेश में ही दर्ज किए गए हैं।
  • पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश
    13 Sep 2021
    केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो अदालत में विस्तृत हलफनामा पेश नहीं करना चाहती। सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है।
  • ‘सदन में डी. राजा’: दलितों-वंचितों-महिलाओं की आवाज़ उठाने वाला नेता
    राज वाल्मीकि
    ‘सदन में डी. राजा’: दलितों-वंचितों-महिलाओं की आवाज़ उठाने वाला नेता
    13 Sep 2021
    बहुत ही कम प्रतिनिधि ऐसे होते हैं जो ज़मीनी स्तर से जुड़े होते हैं। जो ये नहीं भूलते हैं कि जनता ने उन्हें किस लिए चुनकर भेजा है। डी. राजा ऐसे ही प्रतिनिधियों में से एक हैं।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "अब्बाजान" सियासत
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "अब्बाजान" सियासत
    13 Sep 2021
    आज न्यूज़ चक्र में अभिसार शर्मा उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ के बेहूदा साम्प्रदायिक खेल का पर्दाफाश करने जा रहे हैं। सीएम आदित्यनाथ ने कहा था के 2017 से पहले अनाज सिर्फ उन लोगों को मिलता था जो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License