NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिजली कर्मियों की मेहनत से नहीं हुआ कोई हादसा, ग्रिड सामान्य रही
ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन ने बिजली ग्रिड का संचालन सामान्य बनाये हेतु देश और प्रदेश के तमाम बिजली इंजीनियरों, जूनियर इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2020
 ग्रिड सामान्य रही
Image courtesy: Newstrack

ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन ने प्रधानमंत्री की अपील पर घर की लाइट बन्द होने के दौरान कठिन परिस्थितियों में बिजली ग्रिड का संचालन सामान्य बनाये हेतु देश और प्रदेश के तमाम बिजली इंजीनियरों, जूनियर इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश के जरिये लोगों से आह्वान किया था कि वे रविवार, 5 अप्रैल को रात नौ बजे अपने घर की बत्तियां बुझा दें और नौ मिनट तक दीया, मोमबत्ती, मोबाइल फोन की लाइट, टॉर्च आदि जलाकर कोरोना वायरस को परास्त करने के लिये देश के ‘सामूहिक संकल्प’ को प्रदर्शित करें।

एक साथ 9 बजे अचानक बत्ती बुझाने और 9 मिनट बाद जलाने को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही थी कि इस दौरान पावर ग्रिड में किसी तरह की बाधा पहुंच सकती है। इससे बचने के लिए देशभर में सभी विद्युत केंद्रों पर शाम से ही इंजीनियरों समेत अन्य स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। उनकी मेहनत और योग्यता की वजह से इस दौरान किसी प्रकार का फाल्ट नहीं हुआ और बिजली आपूर्ति बाधित होने की तत्काल कोई खबर नहीं मिली।

92022378_2816418045102909_4660156365040254976_n (1)_0.jpg

92129574_2816416601769720_5885422985975693312_n (1)_0.jpg

प्रधानमंत्री की अपील पर घर की लाइट बन्द होने के दौरान 30000 मेगावाट से अधिक बिजली की खपत कम होने का अनुमान है। कठिन परिस्थितियों में बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बिजली ग्रिड का संचालन सामान्य बनाये रखा।

ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन ने प्रधानमंत्री की अपील पर घर की लाइट बन्द होने के दौरान कठिन परिस्थितियों में बिजली ग्रिड का संचालन सामान्य बनाये हेतु देश और प्रदेश के तमाम बिजली इंजीनियरों, जूनियर इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई दी है ।

फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया,‘‘ आज रात (5 अप्रैल) नौ बजे के पहले देश भर में लगभग 117000 मेगावाट बिजली की खपत हो रही थी जो नौ बजे के बाद 86000 मेगावाट तक घट गई। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में रात नौ बजे के पहले 13484 मेगावाट की खपत थी जो घटकर 9100 मेगावाट रह गई थी। इस प्रकार पूरे देश में लगभग 31000 मेगावाट और उत्तर प्रदेश में लगभग 4384 मेगावाट की कमी आई जो बिजली ग्रिड के स्थायित्व के लिए अभूतपूर्व घटना थी।’’

उन्होंने कहा कि ग्रिड के सुरक्षित और सफल संचालन के लिए बिजली कर्मी बधाई और साधुवाद के पात्र हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनुपट के साथ)

Narendra modi
Power Grid Corporation of India
All India Power Engineers Federation
Light off

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License