NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिल्ली में सामुदायिक संक्रमण नहीं, जुलाई अंत तक हो सकते हैं 5.5 लाख मामले : सिसोदिया
सिसोदिया ने मीडिया से कहा, ‘‘केंद्र के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली में कोविड-19 का सामुदायिक प्रसार नहीं है। इसलिए इस पर चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है।’’
भाषा
09 Jun 2020
सिसोदिया

नयी दिल्ली: दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि शहर में जुलाई के अंत तक कोविड-19 के 5.5 लाख मामले हो सकते हैं, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि दिल्ली में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण नहीं है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के साथ एक बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली में जुलाई अंत तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।

बैठक की अध्यक्षता उप राज्यपाल अनिल बैजल ने की। वह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं।

सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की पुरानी दर को ध्यान में रखा जाए तो दिल्ली में 12.6 दिन में मामले दुगुने हो रहे हैं। बैठक में लगभग सभी भागीदार इस पर सहमत हुए।

अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार तक ठीक होने की दर 37.92 प्रतिशत थी।

सिसोदिया ने मीडिया से कहा, ‘‘केंद्र के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली में कोविड-19 का सामुदायिक प्रसार नहीं है। इसलिए इस पर चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है।’’

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों को दिल्ली के लोगों के लिए सुरक्षित करने के दिल्ली सरकार के फैसले को रद्द करने के अपने निर्णय पर विचार करने से उप राज्यपाल ने इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 15 जून तक संक्रमण के 44,000 मामले हो सकते हैं तथा अस्पतालों में 6,600 बेड की जरूरत पड़ेगी।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘ 30 जून तक दिल्ली में संक्रमण के एक लाख तक मामले होंगे और हमें 15,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा अनुमान है कि दिल्ली में 15 जुलाई तक 2.15 लाख मामले होंगे और 33,000 बेड की जरूरत पड़ेगी। वहीं, 31 जुलाई तक 5.5 लाख मामले होंगे और दिल्ली को 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।’’

उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले दुगुने होने के आधार पर 31 जुलाई तक 5.5 लाख मामले होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहने वाले लोगों को कोविड-19 महामारी की वजह से बेड की जरूरत पड़ेगी और इसको देखते हुए ही दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों के बिस्तर आरक्षित करने का निर्णय लिया था।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘अगर देशभर से लोग उपचार के लिए दिल्ली आने लगे तो...उपराज्यपाल को कोविड-19 के मामलों और दिल्ली में उपलब्ध बेड के बारे में पता नहीं है।’’

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में आने वाले दिनों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही रहे तो बेड की उपलब्धता कैसे होगी, इस संबंध में बैठक में किसी भी व्यक्ति के पास कोई जवाब नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर बेड नहीं होंगे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर पूरे देश से लोग आते रहे तो दिल्ली के अस्पतालों में तीन, चार या दस दिन के भीतर बेड भर जाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा उपराज्यपाल ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है तो हम देश और दिल्ली के लोगों की सेवा करने की कोशिश करेंगे। हम चिकित्सीय सुविधाएं भी बढ़ाने की कोशिश करेंगे।’’

सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल के आदेश से ‘‘राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी दिक्कत पैदा हो गयी है।’’

सोमवार को उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी और निजी अस्पतालों को दिल्ली वालों के लिए सुरक्षित करने के आप सरकार के फैसले को पलट दिया।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शहर में संक्रमण के मामलों में वृद्धि के लिए केंद्र को जिम्मेदार बताया।

अपने आवास पर संवाददाताओं से बात करते हुए जैन ने दावा किया अधिकतर उड़ानें दिल्ली और मुंबई आ रही थी। दिल्ली में संक्रमण के 30,000 मामले हैं तो मुंबई में 50,000 मामले हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने केंद्र से दिल्ली में सभी उड़ानों का परिचालन बंद करने का अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने 15 दिन बाद इसे रोका।’’

जैन ने कहा, ‘‘दूसरे राज्यों के लोग भी दिल्ली में रूके हुए थे। उन्हें अपने गृह राज्य में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।’’

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए मामलों में से करीब 50 फीसदी में संक्रमण के स्रोत की जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार जून अंत तक बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज के लिए तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि संक्रमण के दर की गणना के हिसाब से सामुदायिक स्तर पर संक्रमण का फैलना संक्रमण का तीसरा चरण होता है। दिल्ली में संक्रमण के नए करीब आधे मामले में स्रोत का पता नहीं है।

सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उप राज्यपाल के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी मुश्किलें और चुनौतियां पैदा कर दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में पूरे देश से आ रहे लोगों का इलाज करना बड़ी चुनौती है।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी के बाहर से आ रहे लोगों को भी इलाज मुहैया कराने की व्यवस्था करेगी।

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के नए 1,007 मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 29,000 से ज्यादा हो गई और अब तक 874 लोगों की मौत हो चुकी है।

Coronavirus
Corona Crisis
Corona in Delhi
MANISH SISODIA
AAP
Corona cases
Corona Cases in Delhi

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,207 नए मामले, 29 मरीज़ों की मौत 


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License