NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विरोध तेज़ होने पर थाईलैंड सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव
भ्रष्टाचार और महामारी के कुप्रबंधन के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा और उनके मंत्रिमंडल के पांच अन्य सदस्यों को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
31 Aug 2021
विरोध तेज़ होने पर थाईलैंड सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव

चूंकि थाईलैंड में लोकतंत्र-समर्थक प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है ऐसे में प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रस्ताव पर बहस जो मंगलवार 31 अगस्त को शुरू हुई वह पिछले साल थाईलैंड में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से विपक्षी दलों द्वारा सरकार के खिलाफ तीसरा ऐसा मतदान है।

प्रयुत के अलावा, उपप्रधानमंत्री और पब्लिक हेल्थ मिनिस्टर अनुतिन चरनवीराकुल सहित उनके पांच कैबिनेट मंत्रियों को विपक्ष और प्रदर्शनकारियों द्वारा भ्रष्टाचार और COVID-19 महामारी के कुप्रबंधन के निशाने पर लिया गया है। ये मतदान चार सितंबर को होने की संभावना है।

पूरे सैन्य-नियुक्त सीनेट के समर्थन और प्रतिनिधि सभा में बहुमत के साथ भले ही सरकार के पास अपने पक्ष में पर्याप्त वोट हों पर सरकार को भ्रष्टाचार के नए आरोपों का सामना करना पड़ेगा खासकर स्वास्थ्य मंत्री अनुतिन के खिलाफ जिनके परिवार की उस कंपनी में हिस्सेदारी है जो वैक्सीन वितरण के लिए जिम्मेदार है।

वहीं, सामाजिक आंदोलनों के हाथ मिलाने से सरकार को विरोध की एक नई लहर का सामना करना पड़ेगा। रविवार 29 अगस्त को हजारों प्रदर्शनकारियों द्वारा राष्ट्रव्यापी कार रैलियां निकाली गईं, जिसमें आयोजकों ने अपनी तरह का आखिरी "कार मॉब कॉल आउट" बताया था। राजधानी बैंकॉक सहित कम से कम पांच प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हुए।

सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए सांसदों पर दबाव बनाने के लिए अविश्वास मत से पहले ये कार मॉब का आयोजन किया गया था। यूनाइटेड फ्रंट फॉर डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप (यूडीडी) जिसे आमतौर पर "रेड शर्ट्स" के रूप में जाना जाता है वह रविवार के विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख आयोजकों में से एक था।

यूडीडी के महासचिव नट्टावुट सैकेउर और तख्तापलट-विरोधी कार्यकर्ता सोमबत बूनगामनॉन्ग ने रविवार को घोषणा की कि वे लोकतंत्र के लिए आंदोलन को "तेज" करेंगे। प्रचताई के अनुसार, नट्टावुट ने कहा कि उनका मानना है कि संसद में इस प्रस्ताव से पहले ज्यादातर लोगों ने पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का वोट डाला था।

उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ये कार रैली सांसदों को जनरल प्रयुत का समर्थन करने से पहले दो बार सोचने और यह तय करने का संदेश है कि उनका पक्ष लेना है या लोगों का। विरोध की नई लहर 2 सितंबर से बैंकॉक में शुरू होगी और सोमबत ने कथित तौर पर कहा है कि यह हर दिन जारी रहेगा जब तक कि प्रधानमंत्री पद नहीं छोड़ देते।


बाकी खबरें

  • अदिति निगम
    25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स
    26 Mar 2022
    दो साल पहले भारत के शहरों से प्रवासी परिवारों का अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा गया था। इसके लिए किसी भी तरह की बस या ट्रेन की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी, लिहाज़ा ग़रीब परिवार अपने गांवों तक पहुंचने…
  • सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में कॉलेज छात्रों की गैंग जबरन कर रही है, रेहड़ी-पटरी वालों से ‘हफ़्ता वसूली‘
    25 Mar 2022
    फिल्मों में ‘हफ्ता वसूली‘ गुन्डे करते हैं और गुरुग्राम की धरती पर पढ़े लिखे नौजवान कर रहे हैं।
  • रवि शंकर दुबे
    योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मज़बूती दर्शाता है या मजबूरी?
    25 Mar 2022
    योगी आदित्यनाथ जब दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो भाजपा हाईकमान के चेहरे पर बिखरी खुशी कितनी असली थी कितनी नकली? शायद सबसे बड़ा सवाल यही है।
  • सोनिया यादव
    यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी
    25 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में जहां बीजेपी दूसरी बार सरकार बना रही है, तो वहीं बिहार में बीजेपी जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन कर सत्ता पर काबिज़ है। बीते कुछ सालों में दोनों राज्यों पितृसत्तात्मक राजनीति की…
  • अजय कुमार
    श्रीलंका की तबाही इतनी भयंकर कि परीक्षा के लिए कागज़ का इंतज़ाम भी नहीं हो पा रहा
    25 Mar 2022
    श्रीलंका में रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत तकरीबन 4200 श्रीलंकन रुपये तक पहुंच गयी है। एक किलो दूध का पैकेट तकरीबन 600 श्रीलंकन रुपये में मिल रहा है। कागज की कमी की वजह से सरकार ने स्कूली परीक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License