NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नोबेल सम्मान दुनिया को संदेश है कि भुखमरी के शिकार लोगों को न भूलें : डब्ल्यूएफपी प्रमुख
बीसली ने उम्मीद जताई कि नोबेल मिलने के बाद दुनिया भर के दानदाता, अरबपति और लोग भुखमरी उन्मूलन के कार्यकम में सहायता के लिए प्रेरित होंगे।
एपी
10 Oct 2020
डब्ल्यूएफपी प्रमुख

औगादोउगोउ (बुर्किना फासो): विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के प्रमुख डेविड बीसली ने कहा कि नोबेल शांति सम्मान तब मिला जब वह दरिद्रता और युद्ध से कमजोर हो चुके साहेल का दौरा कर रहे थे और यह दुनिया को संदेश है कि उसे इस इलाके और भुखमरी के शिकार लोगों को नहीं भूलना चाहिए।

डब्ल्यूएफपी के मुख्यकार्यकारी अधिकारी बीसली ने शुक्रवार को नोबेल शांति सम्मान एजेंसी को दिए जाने की घोषणा के कुछ देर बाद ही बुर्किना फासो के संक्षिप्त पड़ाव में पत्रकारों से यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘यह तथ्य है कि जब मैं साहेल में था तब नोबेल शांति की घोषणा की जानकारी मिली और इसका संदेश इससे कहीं बड़ा है कि, ऐ दुनिया यहां हो रही सभी घटनाओं के बीच कृपया कर साहेल के लोगों को नहीं भूलें। कृपया उन लोगों को नहीं भूल जो भुखमरी से संघर्ष कर रहे हैं और मर रहे हैं।’’

बीसली ने कहा, ‘‘हम बुर्किना फासो में अकाल को टाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए हमें दो चीजों की जरूरत है और वह धन और पहुंच, इन दोंनों के बिना वहां अकाल होगा।’’

उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर इस्लामी उग्रवाद से प्रभावित बुर्किना फासो में 30 लाख से अधिक लोगों को आपात खाद्य सहायता की जरूरत है जबकि करीब 11 हजार लोग अकाल जैसे हालात का सामना कर रहे हैं।

बीसली ने उम्मीद जताई कि नोबेल मिलने के बाद दुनिया भर के दानदाता, अरबपति और लोग भुखमरी उन्मूलन के कार्यकम में सहायता के लिए प्रेरित होंगे।

बीसली कोविड-19 महामारी से पहले से ही कई देशों में भुखमरी के हालात बदतर होने होने की चेतावनी देते रहे हैं और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की अपील करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डब्लयूएफपी और उसके साझेदार इस साल 13.8 करोड़ लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जो हमारे इतिहास में सबसे बड़ी संख्या है।

बीसली ने सरकारों और संस्थानों सहित दानदाताओं से मदद की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने दुनियाभर के दो हजार से अधिक अरबपतियों से भी मदद की विशेष अपील की है जिनकी संयुक्त संपत्ति 8000 अरब डॉलर है।

Nobel Prize
WFP chief
David Beasley

Related Stories

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पुरज़ोर समर्थक दो पत्रकारों को 'नोबेल शांति पुरस्कार'

महामारी प्रभावित भारत के लिए बर्ट्रेंड रसेल आख़िर प्रासंगिक क्यों हैं

नोबेल, नॉवेल और पॉलिटिक्स


बाकी खबरें

  • अब्दुल रहमान
    यूक्रेन में विपक्षी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध और 'एकीकृत सूचना नीति' लागू की गई
    22 Mar 2022
    ज़ेलेंस्की ने देश भर में ज़्यादातर वामपंथी और नाटो विरोधी पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है और अपने कदम को उचित ठहराते हुआ कहा कि रूस के साथ इन पार्टियों के कथित तौर पर गहरे संबंध हैं, इस तथ्य के…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ठाकरे का ऐलान, ओवैसी भाजपा की B TEAM! बंद करो सियासी खेल!
    21 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख Uddhav Thackeray की जिन्होंने ये एलान किया है कि वह असादुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन…
  • अजय कुमार
    कश्मीरी माहौल की वे प्रवृत्तियां जिनकी वजह से साल 1990 में कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ
    21 Mar 2022
    राजनीतिक किरदारों के अलावा साल 1990 से पहले के समाज की हवाओं का रुख कैसा था? कश्मीरी समाज की दशा और दिशा कैसी बन रही थी?
  • विजय विनीत
    मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान
    21 Mar 2022
    संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर लामबंद किसानों ने तपती दुपरिया में केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए दोबारा लंबी लड़ाई की मुहिम शुरू कर दी। वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, बलिया, मऊ, देवरिया,…
  • भाषा
    असम विधानसभा में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मुद्दे पर हंगामा
    21 Mar 2022
    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और सत्तारूढ़ भाजपा असम की दोनों राज्यसभा सीटें जीतने के लिए कथित तौर पर विधायकों को ‘खरीदने’ की कोशिश करके ‘…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License