NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सिर्फ़ कश्मीर ही नहीं, देश का लोकतंत्र ख़तरे में है: ग़ुलाम नबी आज़ाद
नई दिल्ली में मंगलवार को कश्मीर मसले पर आयोजित एक प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि सरकार यूरोपीय संघ के सांसदों को कश्मीर लेकर जा रही है लेकिन देश के विपक्षी सांसदों को राज्य में जाने से रोका जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Oct 2019
jantar mantar protest

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल के पहले कश्मीर दौरे के तहत 27 यूरोपीय सांसदों का एक दल मंगलवार को वहां की यात्रा पर है। इसे लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि मोदी सरकार यूरोपीय सांसदों को वहां जाने की अनुमति दे रही है लेकिन भारतीय नेताओं को ऐसा करने से रोक रही है जो भारत के लोकतंत्र और इसकी संप्रभुता का अपमान है।

कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर कश्मीर को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान कही। इस प्रदर्शन का आयोजन एक्टिविस्टों, कलाकारों, साहित्यकारों और छात्रों के एक समूह द्वारा किया गया था। इसका मक़सद कश्मीरी आवाम के लिए एकजुटता प्रर्दशित करना था।
IMG-20191029-WA0012.jpg
आयोजकों का कहना था कि कश्मीर में अभूतपूर्व तरीक़े से मीडिया और संचार सुविधाओं पर दो महीने से अधिक समय से लगाम लगाई गई है। राज्य में भय और अनिश्चितता का माहौल है। कश्मीरियों को मूल नागरिक अधिकार जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सभा और आंदोलन की स्वतंत्रता से वंचित कर दिया गया है। सैन्य बलों ने राजनेताओं, नेताओं, वकीलों, पत्रकारों, शिक्षकों, छात्रों और दस साल से कम उम्र के बच्चों के बीच हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया है। बच्चों सहित नागरिकों को प्रताड़ित और बेरहमी से पीटा जा रहा है और बिजली के झटके दिए जा रहे हैं।

इस दौरान ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "कश्मीर के एकीकरण पर जब चर्चा हो रही थी तब आंबेडकर, नेहरू, पटेल समेत तमाम नेताओं ने महीनों तक चर्चा की लेकिन इस क़ानून में बदलाव करते समय इस सरकार ने संसद के साथ धोखा किया। इस पर कोई भी चर्चा नहीं हुई। यह प्रवृत्ति सिर्फ़ कश्मीर के लिए नहीं है बल्कि इससे देश का लोकतंत्र ख़तरे में आ गया है।”

इस प्रदर्शन को आज़ाद के अलावा भाकपा माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य, आरजेडी नेता नवल किशोर, एडवा की मैमूना मुल्लाह, एनी राजा, शबनम हाशमी समेत तमाम नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
IMG-20191029-WA0005.jpg
इस दौरान यह मांग भी की गई कि जम्मू और कश्मीर के भविष्य के बारे मे कोई क़दम जम्मू और कश्मीर के लोगों की सहमति के बिना न लिया जाए। साथ ही जम्मू-कश्मीर में तैनात सैनिकों की तत्काल वापसी की जाए। इसके अलावा पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सैन्य कर्मियों द्वारा बच्चों और उनके माता पिता के उत्पीड़न को समाप्त किया जाय।

प्रदर्शन के दौरान यह भी मांग की गई कि सशस्त्र बलों द्वारा पूछताछ की आड़ में की जा रही यातना के अवैध अभ्यास को समाप्त किया जाय। संचार अवसंरचना की तत्काल बहाली, मोबाइल, इंटरनेट और टेलीफ़ोन पर लगे सभी तरह के प्रतिबंध तत्काल ख़त्म किए जाएं। गिरफ़्तार किए गए लोगों को तत्काल रिहा किया जाय।

इस दौरान समाज के सभी वर्गों, राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों, छात्र संगठनों और व्यक्तियों से अपील की गई कि वे कश्मीरियों के साथ खड़े हों, ख़ासकर युवा और जम्मू-कश्मीर के छात्र जो भारत में हर जगह कार्यस्थलों, पड़ोस और शैक्षणिक संस्थानों में हैं।

Jammu and Kashmir
Article 370
Constitution of India
ghulam nabi azad
European Union
Narendera Modi
BJP
protest on jantar mantar
Congress
CPM
Internet Ban in Kashmir
democarcy in india

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License