NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
येरुशलम के अस्पताल ने इज़रायल यात्रा प्रतिबंधों का हवाला देते हुए ग़ाज़ा की नर्सों को निकाला
इन नर्सों का कहना है कि उन्हें घिरे ग़ाज़ा पट्टी में काम मिलने की बहुत कम उम्मीद है, जहां बेरोज़गारी की दर 50 प्रतिशत है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Oct 2020
इजरायल

ब्लॉक की गई गाजा पट्टी के सात फिलिस्तीनी नर्सों ने बुधवार 21 अक्टूबर को प्रदर्शन किया। इन नर्सों को क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम स्थित मकास्सेड अस्पताल से बर्खास्त कर दिया गया था। इज़रायल में प्रवेश करने पर फिलिस्तीनियों पर इज़रायली ट्रेवल प्रतिबंध है। प्रदर्शन करने वाली नर्स अपने मेडिकल लैब की कोट पहने हुई थीं और बैनर लिए हुई थी जिस पर लिखा था "हमें हटाना हमारे पेशे और परिवारों के लिए मौत की सजा है।"

उचित स्पष्टीकरण दिए बिना इन सात नर्सों को बर्खास्त करने से पहले ये नर्स इस अस्पताल में 20 वर्षों से अधिक समय से काम कर रही थीं। बहुत सख्त यात्रा प्रतिबंध लागू होने के बाद, अस्पताल ने नर्सों को गाजा पट्टी में चिकित्सा केंद्रों में काम करने को तब तक कहा गया था जब तक कि उन्हें इजरायल में वापस आने जाने की अनुमति नहीं दी जाती। हालांकि, उसने हाल ही में बिना किसी पूर्व चेतावनी या सूचना के बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिया। ये बर्खास्तगी पत्र उन्हें गाजा के एक फिलिस्तीनी मरीज द्वारा दी गई थी जो इलाज के बाद येरूशेलम लौट रहा था।

ज्यादातर नर्सों ने अस्पताल में उस समय काम करना शुरू किया जब गाजा से येरूशेलम की यात्रा के लिए उन्हें विशेष इज़रायल यात्रा परमिट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं थी। यद्यपि क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों से फिलिस्तीनियों के लिए इज़रायल की हमेशा इजरायल में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए एक आधिकारिक यात्रा परमिट नीति थी, इस नीति को 1987-1993 से पहली फिलिस्तीनी इंतिफादा (विद्रोह) के बाद कठोरता से लागू किया गया, जिससे फिलिस्तीनियों के लिए येरूशेलम की यात्रा करना और अधिक कठिन हो गया।

इज़रायल ने साल 2006 में सुरक्षा मामलों का हवाला देते हुए गाजा पट्टी की भूमि, समुद्र और हवाई ब्लॉकेड शुरू करने के बाद इन प्रतिबंधों को और भी सख्त कर दिया। केवल खास लोगों को मंजूरी देते हुए इज़रायल फिलिस्तीनी परमिट के अधिकांश आवेदनों को खारिज करता है। यह गाजा में हज़ारों फिलिस्तीनियों के लिए मुसीबतें पैदा करता है जिनके वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम के क़ब्ज़े वाले इलाकों जैसे क्षेत्रों में रिश्तेदार हैं। यह इज़रायल में काम कर रहे फिलिस्तीनियों के ज़िंदगी को भी मुश्किल बनाता है।

मानवाधिकार संगठनों ने बहुत स्थूल और अस्पष्ट बताते हुए इजरायल की परमिट नीति की समय-समय पर आलोचना की है। इसका इस्तेमाल करते हुए इज़रायल सभी फिलिस्तीनी परमिट आवेदनों को अस्वीकार कर सकता है।

इन नर्सों के अनुसार, उनकी बर्खास्तगी का एक अन्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अधीन अमेरिकी प्रशासन द्वारा 2018 के फैसले से उत्पन्न मकास्सेड अस्पताल का वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना है। अमेरिकी प्रशासन ने अपने मिड्ल ईस्ट पीस प्लान क् प्रति सहमत होने या सरेंडर करने के लिए फिलिस्तीनियों पर दबाव डालने के प्रयास में क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में स्थित विभिन्न अस्पतालों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रद्द करने का फैसला किया था। फिलिस्तीनियों ने इस प्लान को इज़रायल के पक्ष में पूरी तरह एकतरफा और पक्षपाती बताते हुए खारिज कर दिया है।

Gaza
Israel
nurses laid off in gaza
israel travel restrictions

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 
    20 May 2022
    देश में दो दिनों तक गिरावट के बाद फिर से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। देश में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 2,259 नए मामले सामने आए हैं। 
  • पारस नाथ सिंह
    राज्यपाल प्रतीकात्मक है, राज्य सरकार वास्तविकता है: उच्चतम न्यायालय
    20 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड के एक दोषी एजी पेरारिवलन को रिहा कर दिया, क्योंकि तमिलनाडु के राज्यपाल ने राज्य मंत्रिमंडल की सज़ा को माफ़ करने की सलाह को बाध्यकारी नहीं माना।
  • विजय विनीत
    मुद्दा: ज्ञानवापी मस्जिद का शिवलिंग असली है तो विश्वनाथ मंदिर में 250 सालों से जिसकी पूजा हो रही वह क्या है?
    20 May 2022
    ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े सवालों का जवाब ढूंढने के लिए ‘न्यूज़क्लिक’ के लिए बनारस में ऐसे लोगों से सीधी बात की, जिन्होंने अपना बचपन इसी धार्मिक स्थल पर गुज़ारा।
  • पार्थ एस घोष
    पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?
    19 May 2022
    यह हो सकता है कि आरएसएस के प्रचारक के रूप में उनके प्रशिक्षण में ही नेहरू के लिए अपार नफ़रत को समाहित कर दी गई हो। फिर भी देश के प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्यों की जवाबदेही तो मोदी की है। अगर…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी, ताज, क़ुतुब पर बहस? महंगाई-बेरोज़गारी से क्यों भटकाया जा रहा ?
    19 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों जनता को महंगाई, बेरोज़गारी आदि मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License