NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण: न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रहा केंद्र
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए तय किए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केन्द्र ने यह बात कही।
भाषा
21 Dec 2021
sc

नयी दिल्ली: केन्द्र सरकार का कहना है कि वह स्थानीय निकायों और नगर निगमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को राजनीतिक आरक्षण की अनुमति देने के लिए उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रही है, जब तक कि राज्य शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित प्रक्रिया मानदंड का पालन नहीं करते हैं।
     
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए तय किए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केन्द्र ने यह बात कही।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सोमवार देर रात जारी एक बयान में कहा, ‘‘ इस संबंध में राज्यों को संविधान के प्रावधानों के अनुसार स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों का पालन कर आरक्षण नीति का पालन करने की सलाह दी गई है।’’
     
मंत्रालय ने कहा कि वह स्थानीय निकायों और नगर निगमों में ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण की अनुमति देने के लिए उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक समीक्षा याचिका दायर करने पर भी विचार कर रहा है, जब तक कि राज्य शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित त्रि-स्तरीय प्रक्रिया मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।
     
इन मानदंडों में, राज्य में स्थानीय निकायों के संबंध में पिछड़ेपन की प्रकृति एवं निहितार्थ की समसामयिक व्यापक जांच के लिए एक आयोग की स्थापना करना शामिल है। दूसरे चरण में, इस आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकाय-वार प्रावधान किए जाने के लिए आवश्यक आरक्षण के अनुपात को निर्दिष्ट करना है। तीसरी शर्त यह है अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कुल संख्या का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
     
केन्द्र ने कहा कि वह इस मामले को लेकर गंभीर है और पंचायती राज मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय, कानूनी मामलों के विभाग और गृह मंत्रालय सहित सभी हितधारकों की राय को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर गौर कर रहा है।
     
उच्चतम न्यायालय ने पिछले दिनों महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को स्थानीय निकाय में 27 प्रतिशत सीटों को सामान्य श्रेणी के रूप में अधिसूचित करने का निर्देश दिया था जो ओबीसी के लिए आरक्षित थीं।
     
इसके बाद न्यायालय ने मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोकने और उन सीटों को सामान्य वर्ग के लिए फिर से अधिसूचित करने का राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था।
     
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने सोमवार को दावा किया था कि अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ अन्याय होगा।

Supreme Court
OBC Reservation
Central Government

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोयला विस्तार का प्रभाव, बिहार में महिला कमांडो दस्ता और अन्य ख़बरें
    01 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी देश के महानगरों पर पड़ेगा कोयला विस्तार का प्रभाव, बिहार में पहला महिला कमांडो दस्ता और अन्य ख़बरों पर।
  • liquor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्रतिबंध के बावजूद पंचायत चुनावों के बीच शराब की तस्करी बढ़ी
    01 Oct 2021
    बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसके बावजूद इसकी तस्करी और कारोबार की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इस महंगाई के लिए थैंक्यू मोदी जी!
    01 Oct 2021
    अक्टूबर की शुरुआत होते ही एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में हुई है,…
  • Milwa Mnyaluza
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    दुनिया में अंतर्निहित नस्लवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल
    01 Oct 2021
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने इसी साल के जुलाई महीने में दुनिया में मौजूद नक्सलवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल के लिए एक कमेटी गठित की।
  • Raja Mihir Bhoj (left) and Raja Mahendra Pratap (right)
    बादल सरोज
    पुरखों को गोद लेने की चतुराई : वंशबेल बताने के लिए या विषबेल फैलाने के लिए!
    01 Oct 2021
    आरएसएस की दरिद्रता आनुवंशिक है। ऐसे में इतिहास में सेंध लगाकर किसी स्थापित व्यक्तित्व को उड़ाकर, रंग-पोत कर उसे हड़पने के सिवा कोई चारा ही नहीं बचता। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License