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लखनऊ में मस्जिदों के नाम से हॉटस्पॉट चिह्नित करने पर आपत्ति, सांप्रदायिक भेदभाव की शिकायत
“हॉटस्पॉट की सूची में मस्जिदों का नाम देखकर ऐसा लगता कि जैसे मस्जिदें कोरोना वायरस का केंद्र हैं। अगर लखनऊ प्रशासन ने यह जानबूझ कर किया है तो यह अतिनिंदनीय है और ग़लती से किया तो इससे बचा जा सकता था।”
असद रिज़वी
12 Apr 2020
लखनऊ

उत्तर प्रदेश शासन ने राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस को लेकर 12 क्षेत्रों को संवेदनशील (हॉटस्पॉट) घोषित किया हैं। संवेदनशील इलाक़ों को प्रशासन द्वारा चारों तरफ़ से सील कर दिया गया है। लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा हॉट स्पॉट्स को चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया पर कई सवाल उठ रहे हैं। 

उत्तर प्रदेश में पहले से ही चल रहे लॉकडाउन के बीच कोरोना का प्रकोप रोकने के लिए 8 अप्रैल को 15 ज़िलों में हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। चिह्नित हॉटस्पॉट को पूरी तरह सील करने का फ़ैसला लिया गया। शासन का कहना है केवल उन इलाक़ों को सील किया गाया है जहाँ से कोरोना के रोग़ी मिले हैं। प्रशासन ने हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चारों तरफ़ से सील कर दिया है। किसी बाहरी व्यक्ति को यहाँ अंदर आने की अनुमति नहीं है और अंदर के व्यक्ति को बाहर जाने की अनुमति नहीं है।

ज़रूरत की सभी सामग्री किराना, सब्ज़ी, दूध और दवा लोगों के घर तक पहुँचाने कि ज़िम्मेदारी स्वयं प्रशासन ने उठाई है। जबकि दूसरे क्षेत्रों में सामान्य लॉकडाउन है और लोग सामाजिक दूरी का ख़्याल करते हुए ज़रूरी सामग्री स्वयं ख़रीद सकते हैं।

लखनऊ के साथ देश कि राजधानी दिल्ली के पड़ोसी शहर गौतमबुद्ध नगर, ग़ाज़ियाबाद के अलावा आगरा, कानपुर नगर, वाराणसी, शामली, मेरठ, बरेली, बुलंदशहर, बस्ती, सहारनपुर, महराजगंज और सीतापुर आदि में यह हॉट स्पॉट्स चिह्नित किए गए हैं।

लखनऊ में जो 12 क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के लिए चिह्नित किया गया है उनमें थाना कैंट में मस्जिद अलीजान के आस-पास का क्षेत्र, थाना वजीरगंज में मोहम्मदी मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र, थाना कैसरबाग़ में फ़ूलबाग़ मस्जिद और नज़रबाग़ मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र, थाना सआदतगंज में मोहम्मदिया मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र, थाना तालकटोरा में पीर बक्का मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र, थाना हसनगंज (त्रिवेणीनगर) में खजूर वाली मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र, और थाना गुडम्बा में रजौली मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र है।

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इन आठ क्षेत्रों के अलावा लखनऊ में चार छोटे हॉटस्पॉट भी सील किए हैं जिनमें विजयखंड गोमती नगर का अधिकांश क्षेत्र, इंदिरा नगर में डॉ. इक़बाल अहमद की क्लीनिक, मेट्रो स्टेशन मुंशी पुलिया का अधिकांश क्षेत्र, ख़ुर्रमनगर में अलीना एन्क्लेव अधिकांश क्षेत्र और आईआईएम पॉवर हाउस के निकट, थाना मड़ियावं का अधिकांश क्षेत्र।

हॉटस्पॉट क्षेत्रों को मस्जिदों के नाम से चिह्नित करने को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है। पूर्व आईएएस अनीस अंसारी का कहना है कि प्रशासन ने क्षेत्रों के साथ वहाँ की मस्जिदों के नाम लिखकर समाज में साम्प्रदायिक भेदभाव को जन्म दिया है।

अनीस अंसारी ने कहा कि हॉटस्पॉट की सूची में मस्जिदों का नाम देखकर ऐसा लगता कि जैसे मस्जिदें कोरोना वायरस का केंद्र हैं। अगर लखनऊ प्रशासन ने यह जानबूझ कर किया है तो यह अतिनिंदनीय है और ग़लती से किया तो इससे बचा जा सकता था।

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पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा कि ऐसी बातों से देश का साम्प्रदायिक सौहार्द कमज़ोर होता है। उन्होंने फ़ोन पर लखनऊ प्रशासन के विरुद्ध एक शिकायत भी शासन को भेजी है, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसा नहीं किया जाए।

उधर लेखक डॉ. कल्बे सिब्तैन “नूरी” ने भी कहा है मस्जिदों से हॉटस्पॉट चिह्नित नहीं करना चाहिए था। मस्जिदों के नाम की जगह भवन संख्या या किसी दूसरे लैंड मार्क यानी सीमा-चिह्न का नाम लिखना चाहिए था।

उधर कोरोना वायरस से संक्रमित रहीं गायिका कनिका कपूर की आवासीय सोसायटी को सील नहीं करने को लेकर राजधानी प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। बेबी डॉल के नाम से प्रसिद्ध गायिका कनिका कपूर अस्पताल से कोरोना का इलाज कराकर हाल में ही अपने घर वापस हुई हैं। अब वह महानगर क्षेत्र में शालीमार गैल्लांट बिल्डिंग में अपने फ्लैट में रह रही हैं। यहाँ कनिका कपूर अब एहतियात के तौर पर 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहेगी।

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प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि जिस भी क्षेत्र में कोरोना का एक भी रोगी मिला है उसको हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित कर के उसके आस-पास का क्षेत्र सील कर दिया गया है। लेकिन कनिका कपूर कि बिल्डिंग के आस-पास क्षेत्र अभी तक सील नहीं होने पर महानगर, निवासी यह प्रश्न कर रहे हैं कि शालीमार गैल्लांट बिल्डिंग के आस-पास का क्षेत्र को हॉटस्पॉट में क्यूँ नहीं शामिल किया गया है? महानगर के एक निवासी ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहा कि कनिका कपूर कि बिल्डिंग में उच्च प्रोफ़ाइल के लोग निवास करते हैं और उन्ही के दबाव में उनकी बिल्डिंग को सील नहीं किया गया है।

जब ज़िलाधिकारी अभिषेक प्रकाश से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि कनिका कपूर अब स्वस्थ हो चुकी हैं और उनकी कोरोना की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इसलिए उनकी बिल्डिंग को सील नहीं किया है। जब उनसे प्रश्न किया कि इंदिरानगर का एक कोरोना पॉजिटिव रोगी भी ठीक हो चुका है लेकिन उसके घर के आस-पास का क्षेत्र क्यूँ सील किया गया है? ज़िलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि इंदिरानगर के रोगी के परिवार में कुछ लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देखे गये हैं, इस लिए वह क्षेत्र सील कर दिया गया है।

बता दें कि 11 अप्रैल कि शाम तक लखनऊ में 32 लोगों का कोरोना पॉजिटिव निकला है। डॉक्टर बताते हैं की इसमें से 3 ने कोई विदेशी यात्रा नहीं की थी।

(असद रिज़वी स्वतंत्र पत्रकार हैं।) 

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