NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर हरकत में आया मानवाधिकार आयोग, केंद्र को फिर भेजा रिमाइंडर
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी। दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो आयोग ने एक महीने का समय देते हुए पुनः केंद्र से जवाब मांगा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Mar 2022
NHRC
फ़ाइल फ़ोटो- PTI

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्र सरकार के वित्तीय रिफॉर्म्स विभाग को पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर देश के 77 लाख एनपीएस कर्मचारियों के लिए कमेटी गठित करने और गारंटीड पेंशन देने के मुद्दे पर एक बार फिर रिमाइंडर भेजा है। और एक महीने का समय दिया है। बताते चलें कि एनपीएस के खिलाफ 10 दिसंबर 2021 को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पर केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों ने एनएमओपीएस बैनर के तले प्रोटेस्ट किया था।

उसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी और इस मामले में एक कमेटी गठित कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। जब दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो एनएमओपीएस दिल्ली के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने पुनः आयोग से संज्ञान लेने हेतु निवेदन किया। फलस्वरूप आयोग ने एक महीने का समय देते हुए पुनः केंद्र से जवाब मांगा है।

बताते चलें कि आज कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली पूरे देश मे उठाया जा रहा है। तमाम विधायकों और सांसदों ने भी इस बाबत केंद्र सरकार को पत्र लिखे हैं और महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य तो एनपीएस खत्म करने के लिए कमेटियों का गठन भी कर चुके हैं। अभी हाल ही में कांग्रेस शासित 2 राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में एनपीएस को खत्म करने की घोषणा की गई है।

राजस्थान सरकार ने इसी महीने यह ऐलान भी कर दिया है कि अप्रैल 2022 से किसी भी एनपीएस कर्मचारी की एनपीएस के तहत कटौती नहीं की जाएगी और उन्हें सेवानिवृत्ति पर पुरानी पेंशन की सभी सुविधाएं दी जाएंगी। सेकंड नेशनल ज्यूडशल पे कमिशन की रिपोर्ट में भी एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन को बेहतर कहा गया है, यही नहीं कैग की 2018 रिपोर्ट में भी इसे अनुपयुक्त घोषित किया गया है। 

उत्तर प्रदेश के चुनावों और हाल ही में कांग्रेस मुखिया सोनिया गांधी के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली का समर्थन करने के बाद से यह मुद्दा चुनावी हथियार बन कर उभरा है और कई राज्यों के दबाव का असर केंद्र सरकार पर जल्द ही दिखाई दे सकता है।

ये भी पढ़ें: क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?

NHRC
national human rights commission
NPS
Demand for old pension
New Pension Scheme

Related Stories

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

मुद्दा: नई राष्ट्रीय पेंशन योजना के ख़िलाफ़ नई मोर्चाबंदी

क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?

यूपी : आगामी चुनाव से पहले लाखों शिक्षकों ने योगी सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को कहा

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा का लखनऊ में प्रदर्शन, निजीकरण का भी विरोध 

स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई हत्याओं की जांच में अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं

किसान आंदोलन : सांसदों को प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने से रोका गया, पानी व मूल सुविधाएँ नहीं देने पर एनएचआरसी में याचिका दायर

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने भी उठाई पुरानी पेंशन बहाली की मांग : ‘न कामदार, न नामदार, मैं हूं बिना पेंशन सरहदों का चौकीदार!’  

विशेष : अराजकता की ओर अग्रसर समाज में मानवाधिकारों का विमर्श


बाकी खबरें

  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License