NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ओमान ने प्रवासियों को कई क्षेत्रों में नौकरियों के लिए प्रतिबंधित किया
ये देश नौकरियों में प्रवासियों की जगह अपने खुद के नागरिकों को नौकरी देने की प्रक्रिया को धीरे धीरे बढ़ा रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jan 2021
ओमान ने प्रवासियों को कई क्षेत्रों में नौकरियों के लिए प्रतिबंधित किया

ओमान के श्रम मंत्रालय ने रविवार 24 जनवरी को तथाकथित पॉलिसी ऑफ ओमनाइजेशन के तहत कुछ व्यवसायों में प्रवासी श्रमिकों के नौकरी पर प्रतिबंध की घोषणा की। इस घोषणा के अनुसार, देश के निजी क्षेत्र में निर्दिष्ट व्यवसायों को प्रवासियों के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा और भविष्य में खाली स्थानों को केवल ओमान के नागरिकों द्वारा भरा जा सकता है।

प्रवासियों के लिए प्रतिबंधित व्यवसायों की सूची में वित्तीय और लेखांकन के साथ साथ स्टोर प्रबंधन और ऑटो सेल्स तथा मेंटेनेंस जैसे निम्न कुशल पेशा शामिल हैं। मंत्रालय ने घोषणा की है कि इन पेशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए सभी मौजूदा वीजा एक बार समाप्त हो जाने के बाद नवीनीकृत नहीं किए जाएंगे।

खासकर COVID-19 प्रतिबंधों के बाद धीमी गति से विकास का सामना कर रहे और स्थानीय लोगों के बीच बढ़ती बेरोजगारी को लेकर ओमान प्रवासियों की जगह अपने नागरिकों को स्थान देने के लिए नियम बना रहा है। इसने पिछले साल अप्रैल महीने में ही सभी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को उच्च व वरिष्ठ पदों पर प्रवासियों की जगह ओमानी नागरिकों को रोजगार देने के लिए कहा है।

इसने शिक्षण सहित अन्य कई पेशों के लिए भी इसी तरह के आदेश जारी किए हैं, जहां प्रवासियों की जगह ओमानी नागरिकों को भरा जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था पिछले साल लगभग 10 प्रतिशत तक सिकुड़ गई। सबसे बड़ा गैर-ओपेक तेल निर्यातक देश अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट और कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण भी कठिनाइयों का सामना कर रहा है।

ओमान के नेशनल सेंटर फॉर स्टेटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन (एनसीएसआई) के अनुसार सितंबर 2019 और सितंबर 2020 के बीच एक साल के भीतर ओमान में लगभग 5% प्रवासी लोगों में गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर 2019 में देश में काम करने वाले कुल 2 मिलियन से अधिक विदेशी थे। सितंबर 2020 में यह संख्या घटकर 1.7 मिलियन रह गई।

रविवार के आदेश में बताए गए क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासियों की बड़ी संख्या पिछले एक साल में देश छोड़ चुकी है। एनसीएसआई द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के हवाले से टाइम्स ऑफ ओमान ने लिखा देश में मोटर वाहनों के सेल्स एंड मेंटेनेंस में विदेशी कर्मचारियों की संख्या पिछले साल 14% से अधिक घट गई।

ओमान को छोड़ने के लिए मजबूर किए गए विदेशियों में भारतीय और बांग्लादेशी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

Oman
Oman bans work visas
Migrant workers
Policy of authorization
NCSI

Related Stories

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह

क्या है सच?: मज़दूरों ने कहा फिर से पलायन के हालात, सरकारी तंत्र ने कहा दावा भ्रामक है

पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन खराब, केंद्र के रवैये पर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल

मौत के आंकड़े बताते हैं किसान आंदोलन बड़े किसानों का नहीं है - अर्थशास्त्री लखविंदर सिंह

आसमान से गिरते इंसान: मानव होने की निरर्थकता

सीटू ने बंगाल में प्रवासी श्रमिकों की यूनियन बनाने की पहल की 

बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?

महामारी ने शहरी भारत के जीवन को किया बेहाल  

मेडिटेरियन पार कर यूरोप जाने की कोशिश में मरे प्रवासियों की संख्या 2021 के पहले 6 महीनों में दोगुनी हुई


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License